{"_id":"5d3c962e8ebc3e6d1b73f5b7","slug":"election-of-district-panchayat-president-tomorrow-vinod-and-omvati-beach-will-fight-hathras-news-ali2094873123","type":"story","status":"publish","title_hn":"कल होगा जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव, विनोद और ओमवती बीच होगा मुकाबला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कल होगा जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव, विनोद और ओमवती बीच होगा मुकाबला
विज्ञापन
कल होगा जिपं अध्यक्ष का चुनाव, तैयारियां पूरी
दोनों खेमे जुटे रणनीति को अंतिम रूप देने में
अन्य राजनेताओं की भी नजर लगी है इस अहम चुनाव के नतीजे पर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उपचुनाव सोमवार 29 जुलाई को होगा। इसे लेकर दोनों दावेदारों ने अपनी रणनीति लगभग फाइनल कर ली है। हालांकि दोनों दावेदार जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल विनोद उपाध्याय खेमा मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। ओमवती यादव खेमा भी जीत की कोशिश में जुटा है। सबकी टकटकी अब 29 को होने वाले मतदान और फिर इसी दिन घोषित होने वाले परिणाम पर लगी है।
उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर इस कार्यकाल में खासी उलटफेर हुई। सबसे पहले अध्यक्ष पद का चुनाव पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई विनोद उपाध्याय जीते। उसके बाद उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया और इस कुर्सी पर सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव काबिज हो गई। पिछले माह फिर उलटफेर हुआ। ओमवती यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया।
ऐसे में 25 में से 16 सदस्यों द्वारा ओमवती यादव के खिलाफ मतदान करने पर उनके हाथ से कुर्सी खिसक गई। अब फिर से इस कुर्सी के लिए 29 जुलाई सोमवार को मतदान होगा। ओमवती यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने में जो रणनीति हुई, उसके मास्टर माइंड पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय थे। तभी उन्होंने यह घोषणा कर दी थी कि अध्यक्ष पद का चुनाव उनके भाई व पूर्व अध्यक्ष विनोद उपाध्याय लड़ेंगे। तभी से रामवीर उपाध्याय खेमा इस चुनाव की तैयारी में लगा है। सूत्रों के मुताबिक करीब दर्जन भर सदस्य को काफी दूर भेजा जा चुका है। वह उसी दिन सामने आएंगे, तब अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होगी। फिलहाल विनोद उपाध्याय और ओमवती यादव ने उपचुनाव के लिए नामांकन लिया है।
विज्ञापन
दोनों के बीच आमने-सामने का मुकाबला होगा। दोनों फिर से इस कुर्सी को हासिल करने की जुगत में हैं। इसके लिए फॉर्मूले तैयार किए जा रहे हैं। रामवीर खेमा ओमवती यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद से ही काफी मजबूत स्थिति में दिख रहा है। ओमवती यादव खेमे की कोशिश रामवीर विरोधियों को एकजुट करने की है। सभी की निगाहें अब 29 जुलाई को होने वाले चुनाव व परिणाम पर लगी है। देखना यह है कि अब अगला जिला पंचायत अध्यक्ष कौन होगा।
विज्ञापन
दोनों खेमे जुटे रणनीति को अंतिम रूप देने में
अन्य राजनेताओं की भी नजर लगी है इस अहम चुनाव के नतीजे पर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उपचुनाव सोमवार 29 जुलाई को होगा। इसे लेकर दोनों दावेदारों ने अपनी रणनीति लगभग फाइनल कर ली है। हालांकि दोनों दावेदार जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल विनोद उपाध्याय खेमा मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। ओमवती यादव खेमा भी जीत की कोशिश में जुटा है। सबकी टकटकी अब 29 को होने वाले मतदान और फिर इसी दिन घोषित होने वाले परिणाम पर लगी है।
उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर इस कार्यकाल में खासी उलटफेर हुई। सबसे पहले अध्यक्ष पद का चुनाव पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई विनोद उपाध्याय जीते। उसके बाद उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया और इस कुर्सी पर सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव काबिज हो गई। पिछले माह फिर उलटफेर हुआ। ओमवती यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया।
विज्ञापन
ऐसे में 25 में से 16 सदस्यों द्वारा ओमवती यादव के खिलाफ मतदान करने पर उनके हाथ से कुर्सी खिसक गई। अब फिर से इस कुर्सी के लिए 29 जुलाई सोमवार को मतदान होगा। ओमवती यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने में जो रणनीति हुई, उसके मास्टर माइंड पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय थे। तभी उन्होंने यह घोषणा कर दी थी कि अध्यक्ष पद का चुनाव उनके भाई व पूर्व अध्यक्ष विनोद उपाध्याय लड़ेंगे। तभी से रामवीर उपाध्याय खेमा इस चुनाव की तैयारी में लगा है। सूत्रों के मुताबिक करीब दर्जन भर सदस्य को काफी दूर भेजा जा चुका है। वह उसी दिन सामने आएंगे, तब अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होगी। फिलहाल विनोद उपाध्याय और ओमवती यादव ने उपचुनाव के लिए नामांकन लिया है।
विज्ञापन
दोनों के बीच आमने-सामने का मुकाबला होगा। दोनों फिर से इस कुर्सी को हासिल करने की जुगत में हैं। इसके लिए फॉर्मूले तैयार किए जा रहे हैं। रामवीर खेमा ओमवती यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद से ही काफी मजबूत स्थिति में दिख रहा है। ओमवती यादव खेमे की कोशिश रामवीर विरोधियों को एकजुट करने की है। सभी की निगाहें अब 29 जुलाई को होने वाले चुनाव व परिणाम पर लगी है। देखना यह है कि अब अगला जिला पंचायत अध्यक्ष कौन होगा।