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Hathras News: मंडी में भीग गया आठ हजार क्विंटल धान, धुल गई कीमत
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मंडी समिति में भीगा धान। संवाद
- फोटो : Samvad
अलीगढ़ रोड स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति में बारिश से आठ हजार क्विंटल धान भीग गया और किसानों की मेहनत की कीमत धुल गई। पर्ची कटने और भाव तय होने के बावजूद तुलाई में देरी से खुले में रखी उपज बारिश की भेंट चढ़ गई।
अब व्यापारी भीगे धान के कम दाम लगा रहे हैं, जिससे किसान औने-पौने भाव पर फसल बेचने को मजबूर हैं। किसान रातभर तिरपाल और प्लास्टिक से धान बचाने में जुटे रहे, लेकिन बारिश में उपज भीग गई। हाथ से कटे धान का भाव 4,250 रुपये से घटकर 3,300 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। कंबाइन से कटे धान के दाम भी 3,800 से गिरकर 3,300 रुपये रह गए।
मंडी व्यापारी कुलदीप ने बताया कि मजदूरों की कमी से खरीदे गए धान की लोडिंग प्रभावित हुई। मंडी बंद रहने के दौरान पुराने धान को ट्रकों से बाहर भेजने पर जोर रहा, जिससे नए धान की तुलाई नहीं हो सकी। मंडी सचिव अनिल कुमार के अनुसार, बिक चुके धान की तुलाई कराई गई है। शनिवार को किसानों को निर्धारित समय पर प्रवेश दिया जाएगा और व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी।
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पर्ची कटी, फिर भी भीग गया धान
सासनी क्षेत्र के गांव हरदपुर निवासी किसान दिलीप कुमार बुधवार रात करीब 10 बजे धान लेकर मंडी पहुंचे थे। बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे व्यापारी ने 3,500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से धान खरीद लिया, लेकिन शाम पांच बजे तक तुलाई नहीं हुई। बारिश में धान भीग गया और अब व्यापारी इसे खरीदने से कतरा रहे हैं।
4,100 रुपये का भाव, अब कम दाम की पेशकश
फिरोजाबाद जिले के फरिया कोटिला निवासी किसान पप्पू दो दिन पहले धान लेकर मंडी पहुंचे थे। हाथ से कटे धान का भाव 4,100 रुपये प्रति क्विंटल तय हुआ और पर्ची भी कट गई। तुलाई से पहले बारिश ने धान भिगो दिया। अब व्यापारी भीगा धान बताकर कम दाम लगा रहे हैं।
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अब व्यापारी भीगे धान के कम दाम लगा रहे हैं, जिससे किसान औने-पौने भाव पर फसल बेचने को मजबूर हैं। किसान रातभर तिरपाल और प्लास्टिक से धान बचाने में जुटे रहे, लेकिन बारिश में उपज भीग गई। हाथ से कटे धान का भाव 4,250 रुपये से घटकर 3,300 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। कंबाइन से कटे धान के दाम भी 3,800 से गिरकर 3,300 रुपये रह गए।
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मंडी व्यापारी कुलदीप ने बताया कि मजदूरों की कमी से खरीदे गए धान की लोडिंग प्रभावित हुई। मंडी बंद रहने के दौरान पुराने धान को ट्रकों से बाहर भेजने पर जोर रहा, जिससे नए धान की तुलाई नहीं हो सकी। मंडी सचिव अनिल कुमार के अनुसार, बिक चुके धान की तुलाई कराई गई है। शनिवार को किसानों को निर्धारित समय पर प्रवेश दिया जाएगा और व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी।
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पर्ची कटी, फिर भी भीग गया धान
सासनी क्षेत्र के गांव हरदपुर निवासी किसान दिलीप कुमार बुधवार रात करीब 10 बजे धान लेकर मंडी पहुंचे थे। बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे व्यापारी ने 3,500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से धान खरीद लिया, लेकिन शाम पांच बजे तक तुलाई नहीं हुई। बारिश में धान भीग गया और अब व्यापारी इसे खरीदने से कतरा रहे हैं।
4,100 रुपये का भाव, अब कम दाम की पेशकश
फिरोजाबाद जिले के फरिया कोटिला निवासी किसान पप्पू दो दिन पहले धान लेकर मंडी पहुंचे थे। हाथ से कटे धान का भाव 4,100 रुपये प्रति क्विंटल तय हुआ और पर्ची भी कट गई। तुलाई से पहले बारिश ने धान भिगो दिया। अब व्यापारी भीगा धान बताकर कम दाम लगा रहे हैं।