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Hathras News: डॉक्टरों की ड्यूटी सीएचसी में, खाली पड़े पीएचसी
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदपा पर मरीज देखते फार्मासिस्ट। संवाद
- फोटो : Samvad
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे हकीकत से कोसों दूर हैं। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) चंदपा में चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।
यहां पर तैनात डाॅ. एसके वर्मा की ड्यूटी अक्सर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरसान पर लगा दी जाती है। इसी कारण से वह पीएचसी चंदपा पर अपनी सेवाएं नहीं दे पाते हैं। चंदपा अस्पताल स्टाफ के भरोसे चल रहा है। मरीजों को चिकित्सक के बजाय फार्मासिस्ट परामर्श दे रहे हैं। अस्पताल में पेयजल व अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।
फार्मासिस्ट दे रहे परामर्श
शनिवार को अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक लगभग 25 मरीज अपना इलाज कराने पहुंचे थे। अस्पताल में कोई भी चिकित्सक मौजूद न होने के कारण फार्मासिस्ट ने ही मरीजों को देखा, उन्हें दवाइयां दीं। सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी सामान्य बीमारियों के लिए तो मरीज यहां रुक रहे हैं, लेकिन गंभीर समस्या होने पर उन्हें मायूस लौटना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल जाने की मजबूरी
चिकित्सकों के न होने से ग्रामीण इलाकों के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। चंदपा क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं मिलते। ऐसे में उन्हें मजबूरन कई किलोमीटर दूर जिला अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते हैं या फिर वह निजी अस्पताल जाते हैं।
पीने का पानी तक नहीं
केवल स्वास्थ्य सेवाएं ही नहीं, यहां मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। मरीज मनो भारती ने बताया कि यहां पानी पीने तक की व्यवस्था नहीं है। दूसरे मरीज ने बताया कि बिजली जाने पर वैकल्पिक साधन नहीं है। इन्वर्टर या जेनरेटर की व्यवस्था नहीं है। पीएचसी भवन की सालों से मरम्मत नहीं हुई है।
घुटनों में दर्द है, लेकिन यहां कोई चिकित्सक ही नहीं है जो जांच कर सके। केवल दर्द की दवाई दे दी जाती है, जिससे राहत नहीं मिल रही है।
मनो भारती, मरीज
पीएचसी पर कोई सुविधा नहीं है। साधारण दवाओं के अलावा यहां चोट का ऑइनमेंट भी नहीं मिलता। जांच की भी सुविधा नहीं है।
अनिल भारती, मरीज
सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक की तैनाती है। इमरजेंसी ड्यूटी का रोस्टर फिर से तैयार किया जाएगा, ताकि मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
डाॅ. राजीव रॉय, सीएमओ।
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यहां पर तैनात डाॅ. एसके वर्मा की ड्यूटी अक्सर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरसान पर लगा दी जाती है। इसी कारण से वह पीएचसी चंदपा पर अपनी सेवाएं नहीं दे पाते हैं। चंदपा अस्पताल स्टाफ के भरोसे चल रहा है। मरीजों को चिकित्सक के बजाय फार्मासिस्ट परामर्श दे रहे हैं। अस्पताल में पेयजल व अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।
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फार्मासिस्ट दे रहे परामर्श
शनिवार को अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक लगभग 25 मरीज अपना इलाज कराने पहुंचे थे। अस्पताल में कोई भी चिकित्सक मौजूद न होने के कारण फार्मासिस्ट ने ही मरीजों को देखा, उन्हें दवाइयां दीं। सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी सामान्य बीमारियों के लिए तो मरीज यहां रुक रहे हैं, लेकिन गंभीर समस्या होने पर उन्हें मायूस लौटना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल जाने की मजबूरी
चिकित्सकों के न होने से ग्रामीण इलाकों के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। चंदपा क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं मिलते। ऐसे में उन्हें मजबूरन कई किलोमीटर दूर जिला अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते हैं या फिर वह निजी अस्पताल जाते हैं।
पीने का पानी तक नहीं
केवल स्वास्थ्य सेवाएं ही नहीं, यहां मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। मरीज मनो भारती ने बताया कि यहां पानी पीने तक की व्यवस्था नहीं है। दूसरे मरीज ने बताया कि बिजली जाने पर वैकल्पिक साधन नहीं है। इन्वर्टर या जेनरेटर की व्यवस्था नहीं है। पीएचसी भवन की सालों से मरम्मत नहीं हुई है।
घुटनों में दर्द है, लेकिन यहां कोई चिकित्सक ही नहीं है जो जांच कर सके। केवल दर्द की दवाई दे दी जाती है, जिससे राहत नहीं मिल रही है।
मनो भारती, मरीज
पीएचसी पर कोई सुविधा नहीं है। साधारण दवाओं के अलावा यहां चोट का ऑइनमेंट भी नहीं मिलता। जांच की भी सुविधा नहीं है।
अनिल भारती, मरीज
सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक की तैनाती है। इमरजेंसी ड्यूटी का रोस्टर फिर से तैयार किया जाएगा, ताकि मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
डाॅ. राजीव रॉय, सीएमओ।