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महिलाओं के स्वावलंबी होने से ही विकास संभव

Fri, 08 Mar 2019 12:32 AM IST
Mohd Rafeek न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस Published by: Mohd Rafeek Updated Fri, 08 Mar 2019 12:32 AM IST
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Development that women be self-supporting
अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत आयोजित सेमिनार में मौजूद छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला
सासनी। महिलाओं के शिक्षित एवं स्वावलंबी होने से ही देश का विकास संभव है। समय बदल रहा है। महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में पूरी जानकारी मिलनी चाहिए। इसके लिए उन्हें विधिक साक्षरता शिविरों के माध्यम से प्रशिक्षित होना चाहिए। यह विचार गुरुवार को आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित एबीजी गुरुकुलम में अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित सेमिनार में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शंकर मीणा ने व्यक्त किए। यह कार्यक्रम महिला दिवस से पूर्व आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन दामिनी वार्ष्णेय एवं उमा घोष ने किया।
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एसपी ने कहां कि नारी किसी से कम नहीं है। प्रत्येक क्षेत्र में दरवाजे खुले हुए हैं। प्राइवेट एवं सरकारी क्षेत्र में पुलिस और सेना जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित हैं। इतिहास इस बात का साक्षी है कि महिलाओं का स्थान अग्रणी रहा है। अमर उजाला की मुहिम की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस हर समय तत्पर है। महिलाओं को कानून के प्रति जागरूक रहना चाहिए। महिलाओं के साथ होने वाली किसी भी घटना के लिए पुलिस तैयार रहती है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने कई हेल्पलाइन संचालित की है, जिनके माध्यम से पुलिस से सहायता प्राप्त कर सकती है। उनके साथ होने वाली किसी भी घटना के लिए पूरी हिम्मत के साथ संघर्ष करना चाहिए। कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. बरखा गुप्ता ने अपराजिता का अर्थ बताते हुए कहा कि जो कभी पराजित नहीं हो, महिला सशक्तीकरण महिला का अधिकार है। महिला नई सोच के साथ वह स्त्री है, जो संसार का सृजन करती है। और वह वेदना सहती है। महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम करती है। इतिहास में राधाकृष्ण, सीताराम जैसे शब्दों का बोध नारी के महत्व को बताता है। इस मौके पर स्कूल की छात्राओं शिवानी मिश्रा, सुमन, अनन्या सिंह, अंजली, प्रिया बघेल, राजकुमारी, आकांक्षा, अनमोल आदि ने अपने भाषण एवं काव्य पाठ से नारी गरिमा के प्रति छात्र-छात्राओं के प्रति सचेत किया। अनेक रचनाएं पढ़ीं और कहा कि अधिकारों का हमको ज्ञान चाहिए भारत भूमि पर नारी को दया नहीं सम्मान चाहिए।
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स्कूल की शिक्षिका दीपिका ने कहा कि खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं की गरिमा को बनाए रखने के लिए सीधे संवाद करने का मन बनाया है, जो नारी सशक्तीकरण का द्योतक है। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एसपी ने मां सरस्वती के छविचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस दौरान काफी लोगों ने नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए और उनके चेहरे पर मुस्कान एवं आत्म विश्वास पैदा करने के लिए वचनबद्धता के शपथ पत्र भरे। कॉलेज के संचालक अमित बंसल द्वारा मुख्य अतिथि एवं मंचासीन अतिथियों को दुपट्टा पहनाकर और प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर डायरेक्टर दीपिका शर्मा, राहुल सिंह, दामिनी वार्ष्णेय, उमा घोष, श्रेष्या, नेहा, आशीष तोमर एवं स्कूल के छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
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