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पानी के 30 हजार पाउच नष्ट कराए
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Thu, 07 Sep 2017 11:54 PM IST
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पानी के पाउच
- फोटो : Amar Ujala
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एफडीए की टीम ने बुधवार को शहर में अवैध रूप से पानी का कारोबार करने वाले कारोबारियों के खिलाफ अभियान चलाया। टीम ने बाजारों में बिना किसी बीआईएस, एफएसएसएआई के लाइसेंस और बिना बेच नंबर के बिक रहे करीब 30 हजार पानी के पाउचों को फिंकवा कर नष्ट करा दिया। इससे कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा।
डीएम के निर्देश पर डीओ डॉ. श्वेता सैनी की देखरेख में एफडीए की टीम ने कार्रवाई करते हुए भारतीय टी स्टॉल तालाब चौराहा से 300 पाउच, डब्बू कंफेक्शनरी तालाब चौराहा से 250 पाउच, जगदीश पान भंडार के यहां से 100 पाउच, कुल सिंह के यहां से 400 पाउच, शिवम टी स्टॉल मधुगढ़ी के यहां से 300 पाउच, पंकज तिवारी की कैंटीन से 250 पाउच, भारज जूस भंडार बस स्टेंड से 250 पाउच, सोनू घास की मंडी से 250 पाउच, फारूक टी स्टाल से 150 पाउच, शाहिद की टी स्टाल से 200 पाउच, ठेका देशी शराब से 3000 पाउच, हाथरस हींग स्टोर बस स्टैंड से 200 पाउच, बस स्टेंड के पास से 1500 पाउच, अतुल होटल बस स्टेंड के पास से 250 पाउच, छोटे खां-बाबू खां के यहां से 200 पाउच, प्रकाशचंद जलेसर रोड कैंटीन से 300 पाउच, हरिओम टी स्टाल जलेसर रोड से 4 हजार पाउच और आगरा रोड, जलेसर रोड और मधुगढ़ी सहित कई स्थानों से बिक्री के लिए आए लगभग 15 हजार पाउच, जिसका किसी ने नाम व पता नहीं बताया सहित लगभग 30 हजार पाउचों को नष्ट करा दिया गया।
इन पानी के पाउचों पर न तो बैच नंबर था, न निर्माता का पता था और बिना पैकिंग डेट के ये बेचे जा रहे थे। मुुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी हरींद्र सिंह ने बताया कि पानी के पाउच पर ग्रीन सिंबल, बैच नंबर, बेस्ट बिफोर, पैंकिंग डेट, आईएसआई, मार्का, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर व निर्माता का पूरा नाम व पता होने पर ही बिक्री करें। निर्माता से बिल की कॉपी भी प्राप्त कर लें। यदि इन नियमों व शर्तों के बिना कोई भी दुकानदार पानी के पाउचों की बिक्री करते हुए पाया गया तो उसके पाउचों का नमूना लिया जाएगा और विधिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि बिना पंजीयन, लाइसेंस के कोई भी खाद्य कारोबारकर्ता यदि पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी बिना कोई नोटिस जारी किए मुकदमा दायर किया जाएगा। कारोबारी अब ऑनलाइन पंजीयन भी करा सकते हैं। इस दौरान एफएसओ मुनेंद्र सिंह राना भी मौजूद थे।
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डीएम के निर्देश पर डीओ डॉ. श्वेता सैनी की देखरेख में एफडीए की टीम ने कार्रवाई करते हुए भारतीय टी स्टॉल तालाब चौराहा से 300 पाउच, डब्बू कंफेक्शनरी तालाब चौराहा से 250 पाउच, जगदीश पान भंडार के यहां से 100 पाउच, कुल सिंह के यहां से 400 पाउच, शिवम टी स्टॉल मधुगढ़ी के यहां से 300 पाउच, पंकज तिवारी की कैंटीन से 250 पाउच, भारज जूस भंडार बस स्टेंड से 250 पाउच, सोनू घास की मंडी से 250 पाउच, फारूक टी स्टाल से 150 पाउच, शाहिद की टी स्टाल से 200 पाउच, ठेका देशी शराब से 3000 पाउच, हाथरस हींग स्टोर बस स्टैंड से 200 पाउच, बस स्टेंड के पास से 1500 पाउच, अतुल होटल बस स्टेंड के पास से 250 पाउच, छोटे खां-बाबू खां के यहां से 200 पाउच, प्रकाशचंद जलेसर रोड कैंटीन से 300 पाउच, हरिओम टी स्टाल जलेसर रोड से 4 हजार पाउच और आगरा रोड, जलेसर रोड और मधुगढ़ी सहित कई स्थानों से बिक्री के लिए आए लगभग 15 हजार पाउच, जिसका किसी ने नाम व पता नहीं बताया सहित लगभग 30 हजार पाउचों को नष्ट करा दिया गया।
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इन पानी के पाउचों पर न तो बैच नंबर था, न निर्माता का पता था और बिना पैकिंग डेट के ये बेचे जा रहे थे। मुुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी हरींद्र सिंह ने बताया कि पानी के पाउच पर ग्रीन सिंबल, बैच नंबर, बेस्ट बिफोर, पैंकिंग डेट, आईएसआई, मार्का, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर व निर्माता का पूरा नाम व पता होने पर ही बिक्री करें। निर्माता से बिल की कॉपी भी प्राप्त कर लें। यदि इन नियमों व शर्तों के बिना कोई भी दुकानदार पानी के पाउचों की बिक्री करते हुए पाया गया तो उसके पाउचों का नमूना लिया जाएगा और विधिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि बिना पंजीयन, लाइसेंस के कोई भी खाद्य कारोबारकर्ता यदि पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी बिना कोई नोटिस जारी किए मुकदमा दायर किया जाएगा। कारोबारी अब ऑनलाइन पंजीयन भी करा सकते हैं। इस दौरान एफएसओ मुनेंद्र सिंह राना भी मौजूद थे।
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