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तलाक का भरोसा देकर पत्नी ने ठगे दो लाख

Sat, 08 Jul 2017 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस। Updated Sat, 08 Jul 2017 11:41 PM IST
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Twenty lakhs of rupees are given by trusting divorce in hathras
तलाक
पति से विवाद के बाद पत्नी पांच लाख रुपये में तलाक देने को राजी हो गई, लेकिन रुपये लेने के बाद उसकी नीयत में खोट आ गया। अदालत के सामने उसने तलाक देने से साफ इंकार कर दिया। इस पर पति ने आनन-फानन दिए गए चेकों के भुगतान पर रोक लगवाई और दिए गए पांच लाख रुपये में से तीन लाख रुपये बचा लिए। पति की शिकायत पर थाना हाथरस गेट पुलिस ने आरोपी पत्नी और ससुरालियों के विरुद्ध अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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आदर्श नगर के रहने वाले श्रीकांत पुत्र हरी सिंह ने एसपी घुले सुशील से शिकायत करते हुए कहा था कि उसकी शादी खैर के रामलीला मैदान की नई बस्ती में रहने वाली तुलसीराव से हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। तुलसीराव ने खैर में श्रीकांत के विरुद्ध वाद दायर कर दिया। इससे परेशान श्रीकांत ने पत्नी और ससुरालियों के समक्ष समझौते की पेशकश की। तुलसीराव और उसके पिता महावीर सिंह इसके लिए तैयार हो गए। तलाक के बदले पांच लाख रुपये देने के लिए श्रीकांत ने हां कर दी। 21 दिसंबर 2016 को तुलसीराव, उसके पिता महावीर सिंह, भाई मोहितराव और दयाशंकर शर्मा आदि श्रीकांत के घर आए।
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दो लाख रुपये कैश लेने के बाद बची हुई रकम 1.5-1.5 लाख रुपये के दो चेकों में ली गई। इनमें से एक चेक मुख्य डाकघर, मथुरा का था और दूसरा भारतीय स्टेट बैंक मथुरा का। समझौते की रकम अदा करने के चंद रोज बाद ही नौ जनवरी को खैर के जेएम न्यायालय में तारीख पड़ी। श्रीकांत तारीख पर पहुंचा और समझौता होने की बात पीठासीन अधिकारी के समक्ष कही। इस पर आरोपियों ने समझौता होने की बात से इंकार करते हुए श्रीकांत को झटका दे दिया। श्रीकांत ने समझौते के लिए फिर कोशिश की और ससुरालियों से कई बार फोन पर बात की। आरोप है कि इस बीच ससुरालियों ने चेक भुनाने की कोशिश की। एक चेक पर श्रीकांत के पिता हरी सिंह के हस्ताक्षर मेल नहीं खाए और दूसरे के भुगतान को श्रीकांत ने बैंक प्रबंधक से शिकायत कर रुकवा दिया। इससे उसके तीन लाख रुपये बच गए।             
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श्रीकांत ने कई बार थाना हाथरस गेट में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद श्रीकांत ने एसपी से गुहार लगाई। एसपी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया।
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