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व्यापारी पुत्र से चौथ मांगने वाले दो धरे
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Apr 2016 11:46 PM IST
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व्यापारी से चौथ मांगने वाले आरोपी व खुलासा करते एएसपी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। शहर के एक प्रमुख कारोबारी के पुत्र से चौथ वसूली के आरोपी दो युवकों को शहर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक युवकों ने इस व्यापारी के पुत्र को बताया था कि उसे मारने के लिए उन्हें 10 लाख रुपये की सुपारी दी गई है। अगर वह उन्हें केवल पांच लाख रुपये ही दे देगा तो वह उसकी हत्या नहीं करेंगे।
अपर पुलिस अधीक्षक आरएम यादव और सीओ सिटी प्रीती सिंह ने पत्रकारों को बताया कि 16 अप्रैल को रात सवा आठ बजे मुकुंद गर्ग पुत्र बसंत कुमार गर्ग निवासी बांके भवन सादाबाद गेट कोतवाली हाथरस ने पुलिस को तहरीर दी, जिसमें उसने अपने मोबाइल पर धमकी आने की जानकारी दी। कोतवाल मनोज शर्मा ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने घटना की एनसीआर दर्ज करते हुए जांच शुरू की। इसके बाद 18 अप्रैल को फिर मुकुंद गर्ग के फोन पर फोन आया, जिसमें उसे बताया गया कि उसे मारने के लिए 10 लाख रुपये फिरौती दी गई है। अगर वह पांच लाख रुपये दे देगा तो उसे नहीं मारा जाएगा।
एएसपी ने बताया कि जब मुकुंद गर्ग ने कहा कि अभी पूरे पैसे नहीं हो पाएंगे तो फोन पर फिर से उससेे 50 हजार रुपये एडवांस देने और बाकी पैसे दो दिन बाद देने के लिए कहा। सर्विलांस टीम ने जब इन मोबाइल नंबरों की छानबीन की तो शोभित गुप्ता उर्फ छोटू निवासी फ्लैट संख्या ए-12 बांके भवन शहर कोतवाली और गौरव निवासी नाई का नगला के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने इन दोनों को एमजी पॉलीटेक्निक के बराबर रोशन एन्क्लेव को जाने वाली सड़क पर गिरफ्तार किया है। इन दोनों के कब्जे से मोबाइल फोन और उसमें इस्तेमाल फोन नंबर का सिम कार्ड भी बरामद किया गया। इन दोनों के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, दो कारतूस जिंदा और एक चाकू भी बरामद किया गया है।
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पुलिस टीम में ये रहे शामिल
पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयपाल के निर्देश पर शहर कोतवाल मनोज शर्मा, एसआई प्रमोद कुमार, कांस्टेबल रामवीर सिंह, कांस्टेबल अवधेश कुमार, कांस्टेबल अवनीश कुमार एवं सर्विलांस टीम के कांस्टेबल रमाकांत आदि थे। एएसपी ने टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की बात कही है।
व्यापारी के ड्राइवर से की थी रेकी
एएसपी ने बताया कि आरोपी युवकों में से एक युवक व्यापारी का पड़ोसी है। उसने व्यापारी के ड्राइवर प्रमोद निवासी गंगचौली से संपर्क स्थापित किया। यह ड्राइवर व्यापारी के यहां पिछले 10 साल से काम कर रहा है, जिसने बातों ही बातों में ही युवकों को बता दिया कि सेठ जी काफी सीधे हैं। वह बहुत आसानी से किसी की भी धमकी में आ जाते हैं। यह जानने के बाद इन युवकों ने व्यापारी को आसानी से शिकार बनाने के लिए वसूली की प्लानिंग की।
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अपर पुलिस अधीक्षक आरएम यादव और सीओ सिटी प्रीती सिंह ने पत्रकारों को बताया कि 16 अप्रैल को रात सवा आठ बजे मुकुंद गर्ग पुत्र बसंत कुमार गर्ग निवासी बांके भवन सादाबाद गेट कोतवाली हाथरस ने पुलिस को तहरीर दी, जिसमें उसने अपने मोबाइल पर धमकी आने की जानकारी दी। कोतवाल मनोज शर्मा ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने घटना की एनसीआर दर्ज करते हुए जांच शुरू की। इसके बाद 18 अप्रैल को फिर मुकुंद गर्ग के फोन पर फोन आया, जिसमें उसे बताया गया कि उसे मारने के लिए 10 लाख रुपये फिरौती दी गई है। अगर वह पांच लाख रुपये दे देगा तो उसे नहीं मारा जाएगा।
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एएसपी ने बताया कि जब मुकुंद गर्ग ने कहा कि अभी पूरे पैसे नहीं हो पाएंगे तो फोन पर फिर से उससेे 50 हजार रुपये एडवांस देने और बाकी पैसे दो दिन बाद देने के लिए कहा। सर्विलांस टीम ने जब इन मोबाइल नंबरों की छानबीन की तो शोभित गुप्ता उर्फ छोटू निवासी फ्लैट संख्या ए-12 बांके भवन शहर कोतवाली और गौरव निवासी नाई का नगला के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने इन दोनों को एमजी पॉलीटेक्निक के बराबर रोशन एन्क्लेव को जाने वाली सड़क पर गिरफ्तार किया है। इन दोनों के कब्जे से मोबाइल फोन और उसमें इस्तेमाल फोन नंबर का सिम कार्ड भी बरामद किया गया। इन दोनों के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, दो कारतूस जिंदा और एक चाकू भी बरामद किया गया है।
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पुलिस टीम में ये रहे शामिल
पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयपाल के निर्देश पर शहर कोतवाल मनोज शर्मा, एसआई प्रमोद कुमार, कांस्टेबल रामवीर सिंह, कांस्टेबल अवधेश कुमार, कांस्टेबल अवनीश कुमार एवं सर्विलांस टीम के कांस्टेबल रमाकांत आदि थे। एएसपी ने टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की बात कही है।
व्यापारी के ड्राइवर से की थी रेकी
एएसपी ने बताया कि आरोपी युवकों में से एक युवक व्यापारी का पड़ोसी है। उसने व्यापारी के ड्राइवर प्रमोद निवासी गंगचौली से संपर्क स्थापित किया। यह ड्राइवर व्यापारी के यहां पिछले 10 साल से काम कर रहा है, जिसने बातों ही बातों में ही युवकों को बता दिया कि सेठ जी काफी सीधे हैं। वह बहुत आसानी से किसी की भी धमकी में आ जाते हैं। यह जानने के बाद इन युवकों ने व्यापारी को आसानी से शिकार बनाने के लिए वसूली की प्लानिंग की।