{"_id":"5999ca9b4f1c1ba7158b45f4","slug":"tired-babu-is-hanged-from-illness","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीमारी से तंग बाबू ने फांसी लगाकर दी जान ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बीमारी से तंग बाबू ने फांसी लगाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Sun, 20 Aug 2017 11:28 PM IST
विज्ञापन
फांसी
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ लिपिक प्रेमपाल ने विष्णुपुरी स्थित एक मकान में खुद को फांसी लगा ली। प्रेमपाल बीते कई दिनों से मानसिक तनाव में थे। परिजनों के मुताबिक वह अपनी बीमारी से तंग आ चुके थे।
53 वर्षीय प्रेमपाल पुत्र मूलचंद्र मूल रूप से सादाबाद के मुरसान रोड स्थित प्रकाश नगर के रहने वाले थे और यहां विष्णुपुरी में किराए के मकान में रहा करते थे। रविवार सुबह उनका शव कमरे में परदे की रोड से बंधी रस्सी से लटका मिला। उनके बेटे अनिल कुमार ने पुलिस को बताया कि प्रेमपाल कई दिन से बीमार थे और अपनी बीमारी को लेकर काफी परेशान थे।
चौकी इंचार्ज घनेंद्र शर्मा का कहना है कि प्रेमपाल के परिजनों ने कोई शिकायत नहीं की है। उनकी फांसी लगाने के पीछे बीमारी और मानसिक तनाव को कारण बताया गया है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मालूम हो कि प्रेमपाल का पत्नी पदमादेवी से उनका विवाद चल रहा था। पत्नी ने प्रेमपाल पर कई आरोप लगाते हुए परिवार न्यायालय में शिकायत की थी।
विज्ञापन
पत्नी की शिकायत पर न्यायालय ने प्रेमपाल के वेतन से आठ हजार रुपये हर महीने पदमा देवी को दिए जाने के आदेश दिए थे। बीते ग्राम पंचायत चुनाव में मुरसान में प्रेमपाल की ड्यूटी लगाई गई थी। नशे में पाए जाने पर के आरोप में तत्कालीन डीएम ने उन्हें निलंबित कर दिया था। वह छह महीने पहले ही बहाल हुए थे।
विज्ञापन
53 वर्षीय प्रेमपाल पुत्र मूलचंद्र मूल रूप से सादाबाद के मुरसान रोड स्थित प्रकाश नगर के रहने वाले थे और यहां विष्णुपुरी में किराए के मकान में रहा करते थे। रविवार सुबह उनका शव कमरे में परदे की रोड से बंधी रस्सी से लटका मिला। उनके बेटे अनिल कुमार ने पुलिस को बताया कि प्रेमपाल कई दिन से बीमार थे और अपनी बीमारी को लेकर काफी परेशान थे।
विज्ञापन
चौकी इंचार्ज घनेंद्र शर्मा का कहना है कि प्रेमपाल के परिजनों ने कोई शिकायत नहीं की है। उनकी फांसी लगाने के पीछे बीमारी और मानसिक तनाव को कारण बताया गया है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मालूम हो कि प्रेमपाल का पत्नी पदमादेवी से उनका विवाद चल रहा था। पत्नी ने प्रेमपाल पर कई आरोप लगाते हुए परिवार न्यायालय में शिकायत की थी।
विज्ञापन
पत्नी की शिकायत पर न्यायालय ने प्रेमपाल के वेतन से आठ हजार रुपये हर महीने पदमा देवी को दिए जाने के आदेश दिए थे। बीते ग्राम पंचायत चुनाव में मुरसान में प्रेमपाल की ड्यूटी लगाई गई थी। नशे में पाए जाने पर के आरोप में तत्कालीन डीएम ने उन्हें निलंबित कर दिया था। वह छह महीने पहले ही बहाल हुए थे।