{"_id":"0dcf648e5922a04bf4e49a41c4dbb496","slug":"three-farmer-killed-in-suspected-surcumastencs-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तीन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
hathras
Updated Thu, 24 Dec 2015 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हसायन/सहपऊ। जिले में ठंड के कहर से मौतों का सिलसिला जारी है। अब कोतवाली हसायन क्षेत्र के गांव बदनपुर एवं इंद्र नगर सिकतरा में दो वृद्धों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सहपऊ में भी एक वृद्घा की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक इनकी मौत का कारण ठंड है। साफ है कि जिला प्रशासन द्वारा आम आदमी को ठंड से बचाने के लिए किए जा रहे प्रयास अभी भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार इंद्र नगर सिकतरा में 55 वर्षीय चंद्रपाल पुत्र राम सिंह अपनी झोंपड़ी में रहता था। गरीबी के कारण उसके पास सर्दी से बचने के लिए कपड़े भी नहीं थे। मंगलवार की शाम को वह अपनी झोंपड़ी में सोया था, लेकिन सुबह नहीं जागा। जब परिवार के लोगों ने मौके पर जाकर देखा तो यह बिस्तर में ठिठुरा हुआ पड़ा था और उसकी मौत हो चुकी थी।
इसके बाद ग्रामीणों ने सहयोग राशि एकत्र कर इसका अंतिम संस्कार करा दिया। गांव बदनपुर में भी 60 वर्षीय मुन्नालाल को विगत दिनों सर्दी के चलते बुखार की शिकायत हुई। परिजनों ने उनको पास के ही चिकित्सक से उपचार भी दिलाया। इसके बाद वह अपने बिस्तर में सो गए, लेकिन बीती रात इनकी भी ठंड से मौत हो गई। दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है।
विज्ञापन
वहीं ग्राम परसौरा निवासी राम बेटी (65) पत्नी स्वर्गीय मोहन लाल वाल्मीकि रात को अपने घर में सोई थी। सुबह होने पर जब उसके पुत्र ने उसे जगाया तो वह मर चुकी थी। पुत्र की चीख निकल गई। उसकी चीख सुनकर उसके अन्य पुत्र और पुत्रवधु भी आ गई। दो महीने पहले वृद्धा के सबसे छोटे बेटे की मौत हो गई थी। पुत्र के वियोग में दुखी थी। प्रशासन की ओर क्षेत्रीय लेखपाल को भेजा गया। उपजिलाधिकारी सादाबाद ने प्रशासन से सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है ।
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार इंद्र नगर सिकतरा में 55 वर्षीय चंद्रपाल पुत्र राम सिंह अपनी झोंपड़ी में रहता था। गरीबी के कारण उसके पास सर्दी से बचने के लिए कपड़े भी नहीं थे। मंगलवार की शाम को वह अपनी झोंपड़ी में सोया था, लेकिन सुबह नहीं जागा। जब परिवार के लोगों ने मौके पर जाकर देखा तो यह बिस्तर में ठिठुरा हुआ पड़ा था और उसकी मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
इसके बाद ग्रामीणों ने सहयोग राशि एकत्र कर इसका अंतिम संस्कार करा दिया। गांव बदनपुर में भी 60 वर्षीय मुन्नालाल को विगत दिनों सर्दी के चलते बुखार की शिकायत हुई। परिजनों ने उनको पास के ही चिकित्सक से उपचार भी दिलाया। इसके बाद वह अपने बिस्तर में सो गए, लेकिन बीती रात इनकी भी ठंड से मौत हो गई। दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है।
विज्ञापन
वहीं ग्राम परसौरा निवासी राम बेटी (65) पत्नी स्वर्गीय मोहन लाल वाल्मीकि रात को अपने घर में सोई थी। सुबह होने पर जब उसके पुत्र ने उसे जगाया तो वह मर चुकी थी। पुत्र की चीख निकल गई। उसकी चीख सुनकर उसके अन्य पुत्र और पुत्रवधु भी आ गई। दो महीने पहले वृद्धा के सबसे छोटे बेटे की मौत हो गई थी। पुत्र के वियोग में दुखी थी। प्रशासन की ओर क्षेत्रीय लेखपाल को भेजा गया। उपजिलाधिकारी सादाबाद ने प्रशासन से सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है ।