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कुकर्म के बाद हत्या पर तीन को उम्रकैद

Thu, 28 May 2015 11:49 PM IST
hathras
hathras Updated Thu, 28 May 2015 11:49 PM IST
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हाथरस। न्यायालय ने एक किशोर को बहला-फुसलाकर ले जाने और कुकर्म के बाद उसकी हत्या कर शव छिपाने के मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। धारा 377, 201 और 302 में अलग-अलग सजा सुनाई गई है। अर्थदंड अदा नहीं करने की दशा में तीनों को अतिरिक्ति कैद भोगने के निर्देश भी न्यायालय ने दिए हैं।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक घटना 27 अगस्त 2008 की रात करीब साढ़े आठ बजे की है। थाना हाथरस जंक्शन क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने थाना हाथरस जंक्शन में दिनांक 28 अगस्त 2008 को दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि उसका भतीजा घर से अपनी भैंसों के पास घेर में सोने की कहकर निकला था।

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दूसरे दिन जब वह भतीजे के पास गए तो वह वहां पर नहीं मिला। उसने बताया कि वहां पर उन्हें पता चला कि नहर के पास अरहर के खेत में शव पड़ा है तो परिजन मौके पर पहुंचे और शव को पहचान लिया। इसका शक गांव के ही अकबर पुत्र असगर, बब्बू पुत्र नत्थी, अल्लानूर पुत्र मान सिंह पर जताया और तीनों के खिलाफ भतीजे की हत्या कर शव छिपाने का मामला दर्ज कराया गया।

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पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और रिपोर्ट के बाद 377/34 का मामला प्रकाश में आया तो पुलिस ने मामले की विवेचना के उपरांत तीनों हत्यारोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया। प्राथमिक सुनवाई के बाद मामला चूंकि गंभीर प्रकृति का था, इसलिए इसे सत्र न्यायालय में परीक्षण के लिए भेजा गया।

यहां पर सभी सबूतों का परीक्षण और गवाहों के साक्ष्यों पर गौर करने के बाद अभियोजन और बचाव पक्ष को भी सुना गया। अंतिम सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तृतीय ने तीनों को कुकर्म कर हत्या करने के बाद शव छिपाने का दोषी करार दिया। न्यायालय ने अभियुक्तों को धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

अर्थदंड नहीं देने पर पर 10 माह के साधारण कारावास, धारा 201 में तीनों को तीन वर्ष के कारावास और तीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसे अदा नहीं करने पर तीन माह का साधारण कारावास और धारा 377 में तीनों को दस वर्ष की कैद, दस हजार का अर्थदंड और उसके अदा नहीं करने पर पांच माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा से दंडित किया है।

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