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कोतवाली पर हंगामा
hathras
Updated Sat, 07 Nov 2015 11:59 PM IST
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हाथरस। अलीगढ़ जिला कारागार में कैदी नारायण हरि शर्मा की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों का आरोप था तीन नवंबर को कोतवाली पुलिस ने नारायण हरि की पिटाई की और उसे नशीला पाउडर रखकर जेल भेज दिया। पिटाई के कारण ही नारायण की मौत हुई। नारायण को पीटने के आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग लेकर लोगों ने शव को कोतवाली के बाहर रख हंगामा शुरू कर दिया। इसे लेकर कोतवाल व अन्य पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच पहले झड़प और फिर हाथापाई और धक्का-मुक्की भी हुई। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया और घटना वाले दिन कोतवाली में तैनात रहे प्रभारी कोतवाल अनिल कुमार सिंह, मुरसान गेट चौकी इंचार्ज विपिन यादव, क्षेत्र के सभासद आशीष गोयल और दो अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।
सभाषद आशीष गोयल घटना के दिन तीन नवंबर को कई सफाईकर्मियों को साथ लेकर कोतवाली पहुंचे थे। उन्होंने नारायण हरि शर्मा पर गली में सफाई कार्य न कराने का आरोप लगाया था। इसके बाद मुरसान गेट चौकी इंचार्ज विपिन यादव ने नारायण हरि को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। परिजनों का आरोप है कि सभासद के कहने पर ही पुलिसकर्मियों ने उत्पीड़न किया, जिससे नारायण की मौत हुई। करीब एक घंटे तक नारायण के शव को कोतवाली के बाहर रखकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई। परिजनों के साथ सपा नगर अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा बंटी और कई वकील भी थे। लोग आक्रोशित थे और हमलावर होने को तैयार थे। इसी बीच जब कोतवाल एके सिंह और एक स्थानीय युवक की वार्ता चल रही थी, भीड़ हमलावर हो गई और मारो-मारो से कोतवाली परिसर गूंज उठा। पुलिस ने भी हालात से निपटने के लिए सख्ती दिखाई। कुछ देर में ही आसपास थानों का फोर्स पहुंच गया। सीओ सिटी राजेश पांडेय ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पाया। सीओ सिटी का कहना है कि दी गई तहरीर के अनुरूप मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस और लोगों के बीच हाथापाई की जानकारी उन्हें नहीं है।
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सभाषद आशीष गोयल घटना के दिन तीन नवंबर को कई सफाईकर्मियों को साथ लेकर कोतवाली पहुंचे थे। उन्होंने नारायण हरि शर्मा पर गली में सफाई कार्य न कराने का आरोप लगाया था। इसके बाद मुरसान गेट चौकी इंचार्ज विपिन यादव ने नारायण हरि को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। परिजनों का आरोप है कि सभासद के कहने पर ही पुलिसकर्मियों ने उत्पीड़न किया, जिससे नारायण की मौत हुई। करीब एक घंटे तक नारायण के शव को कोतवाली के बाहर रखकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई। परिजनों के साथ सपा नगर अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा बंटी और कई वकील भी थे। लोग आक्रोशित थे और हमलावर होने को तैयार थे। इसी बीच जब कोतवाल एके सिंह और एक स्थानीय युवक की वार्ता चल रही थी, भीड़ हमलावर हो गई और मारो-मारो से कोतवाली परिसर गूंज उठा। पुलिस ने भी हालात से निपटने के लिए सख्ती दिखाई। कुछ देर में ही आसपास थानों का फोर्स पहुंच गया। सीओ सिटी राजेश पांडेय ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पाया। सीओ सिटी का कहना है कि दी गई तहरीर के अनुरूप मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस और लोगों के बीच हाथापाई की जानकारी उन्हें नहीं है।
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