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पहचानने पर हत्यारोपियों ने की थी वृद्धा की हत्या
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Mar 2016 12:16 AM IST
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हाथरस। रावत नगर कॉलोनी में लूटपाट के इरादे से शिक्षक दंपति के घर में घुसे बदमाशों ने पहचाने जाने के बाद वृद्धा की हत्या की थी। इसका खुलासा हत्यारोपियों में से एक सूखा से पूछताछ के बाद हुआ है।
इंस्पेक्टर राजेश्वर प्रसाद त्यागी के मुताबिक सूखा नामक आरोपी बकरी चराने के बहाने घराें की रेकी करता था। वृद्धा लीलावती का ज्यादातर समय घर के बाहर ही गुजरता था। वह सूखा को अच्छी तरह से पहचानने लगी थी। कई बार सूखा और लीलावती की आपस में बात भी होती थी। दोनों एक-दूसरे का हालचाल भी लेते थे। घटना के दिन जब सूखा और उसके साथी जब घर के अंदर दाखिल हुए तो वृद्धा के कमरे का दरवाजा खुला था। अंदर जाने पर जैसे ही आरोपियों ने लूटपाट की कोशिश की, वृद्धा ने सूखा को पहचान लिया। वृद्धा ने कहा कि तू तो वही बकरी चराने वाला है। इस पर सूखा को पकड़े जाने का डर सताने लगा। आरोपियाें ने वृद्धा की हत्या करने की योजना बनाई। पेड़ से तोड़े गए हरे डंडों से सिर और पीठ पर जमकर प्रहार किए गए। मुंह को बंद रखा गया, ताकि आवाज नहीं आए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद लुटेरे लीलावती को वहीं छोड़ शिक्षक मनोज कर्दम के कमरे में दाखिल हो गए। इंस्पेक्टर राजेश्वर प्रसाद त्यागी का कहना है कि बाकी बरामद माल की बरामदगी और तीनों आरोपियों को पकड़ने के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है।
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इंस्पेक्टर राजेश्वर प्रसाद त्यागी के मुताबिक सूखा नामक आरोपी बकरी चराने के बहाने घराें की रेकी करता था। वृद्धा लीलावती का ज्यादातर समय घर के बाहर ही गुजरता था। वह सूखा को अच्छी तरह से पहचानने लगी थी। कई बार सूखा और लीलावती की आपस में बात भी होती थी। दोनों एक-दूसरे का हालचाल भी लेते थे। घटना के दिन जब सूखा और उसके साथी जब घर के अंदर दाखिल हुए तो वृद्धा के कमरे का दरवाजा खुला था। अंदर जाने पर जैसे ही आरोपियों ने लूटपाट की कोशिश की, वृद्धा ने सूखा को पहचान लिया। वृद्धा ने कहा कि तू तो वही बकरी चराने वाला है। इस पर सूखा को पकड़े जाने का डर सताने लगा। आरोपियाें ने वृद्धा की हत्या करने की योजना बनाई। पेड़ से तोड़े गए हरे डंडों से सिर और पीठ पर जमकर प्रहार किए गए। मुंह को बंद रखा गया, ताकि आवाज नहीं आए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद लुटेरे लीलावती को वहीं छोड़ शिक्षक मनोज कर्दम के कमरे में दाखिल हो गए। इंस्पेक्टर राजेश्वर प्रसाद त्यागी का कहना है कि बाकी बरामद माल की बरामदगी और तीनों आरोपियों को पकड़ने के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है।
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