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घर से लापता वृद्धा का शव पोखर में मिला
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2016 11:55 PM IST
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मीतई में पोखर से वृद्धा का शव मिलने पर लगी लोगों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। गांव मीतई में सुबह आठ बजे से अपने घर से लापता 85 वर्षीय केला देवी का शव शाम को पोखर में मिला। गांव के लोगों को पोखर में शव दिखाई दिया तो उसे निकालने की कोशिश की गई। शव को बाहर निकालने पर उसकी शिनाख्त केला देवी के रूप में की गई। परिजनों के इस हादसे को प्राकृतिक घटना बताए जाने के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया।
केला देवी के पति चोखेलाल की मृत्यु काफी समय पहले हो गई थी। उनके बेटे मोहन सिंह की मृत्यु भी दस साल पहले हो चुकी है। वह अपनी पुत्र वधु, नाती और बेटे मोहन के साले के साथ गांव में रह रही थीं। मोहन के साले विनोद के मुताबिक केला देवी को कम दिखाई देता था। उम्र के कारण उनका दिमागी संतुलन बिगड़ गया था। सुबह से घर नहीं लौटने पर परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। परिजनों को लगता है कि सुबह जब वह घर से निकलीं तो गांव के रास्ते के किनारे बने पोखर की ओर चली गईं होंगी। पोखर में मौजूद कछुओं ने शव को कई जगह से क्षतिग्रस्त कर दिया। कोतवाल एके सिंह का कहना है कि परिजनों ने किसी पर शक जाहिर नहीं किया है, इसलिए शव का पोस्टमार्टम नहीं कर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
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केला देवी के पति चोखेलाल की मृत्यु काफी समय पहले हो गई थी। उनके बेटे मोहन सिंह की मृत्यु भी दस साल पहले हो चुकी है। वह अपनी पुत्र वधु, नाती और बेटे मोहन के साले के साथ गांव में रह रही थीं। मोहन के साले विनोद के मुताबिक केला देवी को कम दिखाई देता था। उम्र के कारण उनका दिमागी संतुलन बिगड़ गया था। सुबह से घर नहीं लौटने पर परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। परिजनों को लगता है कि सुबह जब वह घर से निकलीं तो गांव के रास्ते के किनारे बने पोखर की ओर चली गईं होंगी। पोखर में मौजूद कछुओं ने शव को कई जगह से क्षतिग्रस्त कर दिया। कोतवाल एके सिंह का कहना है कि परिजनों ने किसी पर शक जाहिर नहीं किया है, इसलिए शव का पोस्टमार्टम नहीं कर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
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