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कर्दम को हिरासत में लेने पर घेरी कोतवाली
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Apr 2016 12:08 AM IST
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ध्रुव सिंह कर्दम को कंधों पर बिठाकर ले जाते दलित समाज के लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। सादाबाद में डॉ. अंबेडकर शोभायात्रा में शामिल विवादित पोस्टर मामले में हाथरस निवासी ध्रुव सिंह कर्दम को सोमवार की शाम को सदर कोतवाली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कर्दम को हिरासत में लेने पर दलित समाज के युवक आक्रोशित हो गए। हाथरस में निकाली जा रही डॉ. अंबेडकर शोभायात्रा से बड़ी संख्या में युवक दौड़ते हुए और बाबा साहब की जय के नारे लगाते हुए सदर कोतवाली पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। पुलिस के खिलाफ नारे लगाए गए और आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर जाम लगाने की कोशिश भी की गई। युवकों ने पोस्टर विवाद में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और हिरासत में लिए जाने पर कर्दम से अभद्रता का आरोप भी पुलिस पर लगाया।
हंगामे के बाद पुलिस ने ध्रुव सिंह कर्दम को छोड़ दिया, जिसके बाद आक्रोशित युवक नारेबाजी करते हुए कर्दम को अपने कंधे पर बैठाकर कोतवाली से ले गए। हंगामा और नारेबाजी होने पर कांग्रेसी नेता राजपाल सिंह पूनिया, वीरी सिंह कर्दम, रघुवीर सिंह गौतम आदि दलित नेता कोतवाली पहुंचे और आक्रोशित युवकों से वार्ता की। डॉ.अंबेडकर के चित्र वाली सफेद रंग की टी.शर्ट पहने इन युवकों का कहना था कि कर्दम पोस्टर निर्माता नहीं थे, बल्कि उनके सौजन्य से यह पोस्टर शोभायात्रा में शामिल किया गया था। इसमें क्या दर्शाया गया है, इसका पता कर्दम को नहीं था। राजपाल सिंह पूनियां ने कहा कि कर्दम के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज किया गया है, उसमें सात साल से कम सजा का प्रावधान है। ऐसे में गिरफ्तारी का कोई औचित्य नहीं बनता। हिरासत में लिए जाने पर अभद्रता की भी दलित नेताओं ने निंदा की।
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ध्रुव सिंह कर्दम को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उन्होंने लिखित में पूछताछ के लिए पुलिस को सहयोग देने का भरोसा दिलाया है। उन्हें छोड़ दिया गया है।
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-मनोज शर्मा, कोतवाल सदर
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हंगामे के बाद पुलिस ने ध्रुव सिंह कर्दम को छोड़ दिया, जिसके बाद आक्रोशित युवक नारेबाजी करते हुए कर्दम को अपने कंधे पर बैठाकर कोतवाली से ले गए। हंगामा और नारेबाजी होने पर कांग्रेसी नेता राजपाल सिंह पूनिया, वीरी सिंह कर्दम, रघुवीर सिंह गौतम आदि दलित नेता कोतवाली पहुंचे और आक्रोशित युवकों से वार्ता की। डॉ.अंबेडकर के चित्र वाली सफेद रंग की टी.शर्ट पहने इन युवकों का कहना था कि कर्दम पोस्टर निर्माता नहीं थे, बल्कि उनके सौजन्य से यह पोस्टर शोभायात्रा में शामिल किया गया था। इसमें क्या दर्शाया गया है, इसका पता कर्दम को नहीं था। राजपाल सिंह पूनियां ने कहा कि कर्दम के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज किया गया है, उसमें सात साल से कम सजा का प्रावधान है। ऐसे में गिरफ्तारी का कोई औचित्य नहीं बनता। हिरासत में लिए जाने पर अभद्रता की भी दलित नेताओं ने निंदा की।
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ध्रुव सिंह कर्दम को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उन्होंने लिखित में पूछताछ के लिए पुलिस को सहयोग देने का भरोसा दिलाया है। उन्हें छोड़ दिया गया है।
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-मनोज शर्मा, कोतवाल सदर
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