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बच्चे के अपहरण, हत्या में मृत्यु नहीं होने तक कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, हाथरस
Updated Wed, 16 Mar 2016 11:54 PM IST
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काेटऱ्र्ट
- फोटो : फाइल फाेटाे
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हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कौटिल्य गौड़ के न्यायालय ने बच्चे की अपहरण के बाद हत्या के मामले में एक आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोषी को 40 वर्ष अथवा मृत्यु नहीं होने तक कारावास एवं 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
कोतवाली हाथरस क्षेत्र के गांव नवीपुर निवासी लक्ष्मीनारायण ने पुलिस को 26 मार्च, 2008 को एक तहरीर दी। इसमें आरोप था कि 25 मार्च, 2008 को शाम करीब सात बजे राकेश जाटव पुत्र जवाहर सिंह निवासी नवीपुर कोतवाली हाथरस उसके घर आया। उसने उसकी साइकिल मांगी और उसके नाबालिग पुत्र मोहन को अपनी साइकिल पर बिठाकर अपने साथ चल दिया।
जब उससे मोहन को अपने साथ नहीं ले जाने के लिए कहा तो उसने कहा कि वह अभी उसे लेकर वापस आ रहा है। जब वह रात्रि में 9.30 बजे तक नहीं आया तो उसने आसपास के अन्य लोगों के साथ बच्चे को तलाशा। जब राकेश से पूछा गया तो उसने बताया कि वह मोहन को ललित पुत्र वीरेंद्र कुमार निवासी कछपुरा के कहने पर लाया था।
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अब उसे कोई जानकारी नहीं है। इस दौरान मोहन का शव बंबे के पास झाड़ियों में पड़ा मिला था। इस मामले में वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी हरिओम शर्मा ने की।
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कोतवाली हाथरस क्षेत्र के गांव नवीपुर निवासी लक्ष्मीनारायण ने पुलिस को 26 मार्च, 2008 को एक तहरीर दी। इसमें आरोप था कि 25 मार्च, 2008 को शाम करीब सात बजे राकेश जाटव पुत्र जवाहर सिंह निवासी नवीपुर कोतवाली हाथरस उसके घर आया। उसने उसकी साइकिल मांगी और उसके नाबालिग पुत्र मोहन को अपनी साइकिल पर बिठाकर अपने साथ चल दिया।
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जब उससे मोहन को अपने साथ नहीं ले जाने के लिए कहा तो उसने कहा कि वह अभी उसे लेकर वापस आ रहा है। जब वह रात्रि में 9.30 बजे तक नहीं आया तो उसने आसपास के अन्य लोगों के साथ बच्चे को तलाशा। जब राकेश से पूछा गया तो उसने बताया कि वह मोहन को ललित पुत्र वीरेंद्र कुमार निवासी कछपुरा के कहने पर लाया था।
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अब उसे कोई जानकारी नहीं है। इस दौरान मोहन का शव बंबे के पास झाड़ियों में पड़ा मिला था। इस मामले में वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी हरिओम शर्मा ने की।