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कलमी सोडा की दो फैक्ट्रियां कराईं सीज
ब्यूूूराे, अमर उजाला, सासनी
Updated Thu, 25 Aug 2016 12:16 AM IST
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factories Seas
- फोटो : amar ujala
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एसडीएम राजपाल सिंह ने बुधवार को नायब तहसीलदार प्रसून कश्यप के साथ इगलास रोड पर संचालित कल्मी सोडा बनाने वाले दो कारखानों पर छापा मारा। अधिकारियों ने काफी देर तक वहां रहकर छानबीन की।
एसडीएम ने मौके पर जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक वीके सिंह और फील्ड ऑफिसर एसके शुक्ला को भी बुला लिया। हालांकि छापेमारी के भय से फैक्ट्री संचालक मौके से भाग गए। कोई कर्मचारी और मजदूर भी मौके पर नहीं मिला। फैक्ट्रियां सीज कर दी गई हैं और सुरक्षा के लिए फोर्स तैनात कर दी गई है।
जीएम डीआईसी वीके सिंह ने बताया कि प्रदूषण विभाग की अनापत्ति एवं सेल टैक्स का रजिस्ट्रेशन और जिला उद्योग केंद्र का रजिस्ट्रेशन आदि कागजात देखने के बाद ही यह कहा जा सकता है कि फैक्ट्री का संचालन वैध रूप से हो रहा है या फिर अवैध तरीके से।
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जीएम ने बताया कि चूंकि इस उद्योग में खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा है, इसलिए इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। जनजीवन के लिए भी यह केमिकल्स खतरनाक हैं। केमिकलयुक्त गंदे पानी को भूगर्भ में डाला जा रहा है, जिससे भूगर्भ जल के भी प्रदूषित होने का खतरा है।
मौके पर अधिकारियों को एक टैंकर तेजाबयुक्त पानी तथा सैकड़ों की तादात में एसिड जैसे रसायन से भरे प्लास्टिक के ड्रम मिले। बना और अधबना कलमी सोडा भी मिला।
एसडीएम राजपाल सिंह ने बताया कि शिकायत पर छापेमारी की गई है। मौके पर भारी मात्रा में खतरनाक केमिकल मिले हैं। फैक्ट्री सीज कराई जा रही हैं। जांच-पड़ताल के बाद संचालकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में अन्य कोई इस तरह की फैक्ट्री पाई जाएगी तो उन्हें भी बंद कराया जाएगा।
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एसडीएम ने मौके पर जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक वीके सिंह और फील्ड ऑफिसर एसके शुक्ला को भी बुला लिया। हालांकि छापेमारी के भय से फैक्ट्री संचालक मौके से भाग गए। कोई कर्मचारी और मजदूर भी मौके पर नहीं मिला। फैक्ट्रियां सीज कर दी गई हैं और सुरक्षा के लिए फोर्स तैनात कर दी गई है।
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जीएम डीआईसी वीके सिंह ने बताया कि प्रदूषण विभाग की अनापत्ति एवं सेल टैक्स का रजिस्ट्रेशन और जिला उद्योग केंद्र का रजिस्ट्रेशन आदि कागजात देखने के बाद ही यह कहा जा सकता है कि फैक्ट्री का संचालन वैध रूप से हो रहा है या फिर अवैध तरीके से।
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जीएम ने बताया कि चूंकि इस उद्योग में खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा है, इसलिए इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। जनजीवन के लिए भी यह केमिकल्स खतरनाक हैं। केमिकलयुक्त गंदे पानी को भूगर्भ में डाला जा रहा है, जिससे भूगर्भ जल के भी प्रदूषित होने का खतरा है।
मौके पर अधिकारियों को एक टैंकर तेजाबयुक्त पानी तथा सैकड़ों की तादात में एसिड जैसे रसायन से भरे प्लास्टिक के ड्रम मिले। बना और अधबना कलमी सोडा भी मिला।
एसडीएम राजपाल सिंह ने बताया कि शिकायत पर छापेमारी की गई है। मौके पर भारी मात्रा में खतरनाक केमिकल मिले हैं। फैक्ट्री सीज कराई जा रही हैं। जांच-पड़ताल के बाद संचालकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में अन्य कोई इस तरह की फैक्ट्री पाई जाएगी तो उन्हें भी बंद कराया जाएगा।