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पेंशन का लालच देकर अस्पताल में उतारे गहने
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Thu, 31 Aug 2017 11:59 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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15 हजार रुपये महीने की पेंशन दिलाने का लालच देकर इगलास के गांव मूंज का तेहरा की रहने वाली 65 वर्षीय रामबेटी को शहर के एक निजी अस्पताल में लूट लिया। वृद्धा को नींद की गोली खिलाकर जहरखुरान गिरोह की सदस्य महिला ने उसके कुंडल, चूड़ी, अंगूठी, चेन, पाजेब के अलावा उनके थैले में रखे तीन हजार रुपये लूट लिए। वृद्धा के परिजनों ने सदर कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में अस्पताल के स्टाफ पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
रामबेटी के बेटे योगेश बीते 15 साल से जयपुर में रहकर ठेकेदारी कर रहे हैं। योगेश ने बताया कि उनके पिता की मृत्यु बीते साल हुई थी। मां चंद रोज पहले ही जयपुर से गांव आई थीं। मां रामबेटी का मायका चंदपा क्षेत्र के गांव पापरी में है। 29 अगस्त की रामबेटी पापरी के लिए गांव से चलीं। वह दोपहर एक बजे इगलास से हाथरस आने वाली बस में बैठ गईं। बस में सवार एक महिला ने उन्हें अपनी बातों में उलझा लिया। फिर 15 हजार रुपये महीने की पेंशन दिलाने की बात कहकर हाथरस में बस से उतार लिया और डाकखाने वाली गली में एक निजी अस्पताल में ले गईं।
यहां रामबेटी को बताया कि डॉक्टर साहब उनका डॉक्टरी मुआयना करेंगे जिसके बाद पेंशन शुरू होगी। रामबेटी के सारे गहने भी यह कहकर उतरवा लिए गए कि अगर डॉक्टर साहब ने गहने देख लिए तो पेंशन नहीं मिलेगी। यह पेंशन केवल गरीबों के लिए होती है। इसके बाद ठग महिला रामबेटी को अस्पताल के पहले फ्लोर पर ले गई। यहां उसे बैठाने के बाद वह नीचे से एक गोली लेकर आई और उसे यह कहकर खिलाया कि डॉक्टर साहब ने खाने को दी है। वृद्धा गोली खाने के बाद बेहोश हो गई।
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कुछ देर बाद उसे हल्का होश आया तो उसने अपना और अपने भाई ओमप्रकाश का नाम बताया। संयोगवश अस्पताल में मीतई का ही एक मरीज भर्ती था। परिजन रात को अस्पताल पहुंच सके। तब तक अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला का उपचार शुरू कर दिया था। होश में आने पर परिजन वृद्धा को लेकर गुरुवार को कोतवाली पहुंचे। यहां उन्होंने जेवर के अलावा थैले से तीन हजार रुपये निकालने की बात भी बताई। परिजनों ने कहा कि अस्पताल प्रशासन सीसीटीवी फुटेज नहीं दे रहा इसलिए संभवत: अस्पताल के स्टाफ के लोग जहरखुरानों से मिले हैं। सदर कोतवाल जेएस पवार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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रामबेटी के बेटे योगेश बीते 15 साल से जयपुर में रहकर ठेकेदारी कर रहे हैं। योगेश ने बताया कि उनके पिता की मृत्यु बीते साल हुई थी। मां चंद रोज पहले ही जयपुर से गांव आई थीं। मां रामबेटी का मायका चंदपा क्षेत्र के गांव पापरी में है। 29 अगस्त की रामबेटी पापरी के लिए गांव से चलीं। वह दोपहर एक बजे इगलास से हाथरस आने वाली बस में बैठ गईं। बस में सवार एक महिला ने उन्हें अपनी बातों में उलझा लिया। फिर 15 हजार रुपये महीने की पेंशन दिलाने की बात कहकर हाथरस में बस से उतार लिया और डाकखाने वाली गली में एक निजी अस्पताल में ले गईं।
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यहां रामबेटी को बताया कि डॉक्टर साहब उनका डॉक्टरी मुआयना करेंगे जिसके बाद पेंशन शुरू होगी। रामबेटी के सारे गहने भी यह कहकर उतरवा लिए गए कि अगर डॉक्टर साहब ने गहने देख लिए तो पेंशन नहीं मिलेगी। यह पेंशन केवल गरीबों के लिए होती है। इसके बाद ठग महिला रामबेटी को अस्पताल के पहले फ्लोर पर ले गई। यहां उसे बैठाने के बाद वह नीचे से एक गोली लेकर आई और उसे यह कहकर खिलाया कि डॉक्टर साहब ने खाने को दी है। वृद्धा गोली खाने के बाद बेहोश हो गई।
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कुछ देर बाद उसे हल्का होश आया तो उसने अपना और अपने भाई ओमप्रकाश का नाम बताया। संयोगवश अस्पताल में मीतई का ही एक मरीज भर्ती था। परिजन रात को अस्पताल पहुंच सके। तब तक अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला का उपचार शुरू कर दिया था। होश में आने पर परिजन वृद्धा को लेकर गुरुवार को कोतवाली पहुंचे। यहां उन्होंने जेवर के अलावा थैले से तीन हजार रुपये निकालने की बात भी बताई। परिजनों ने कहा कि अस्पताल प्रशासन सीसीटीवी फुटेज नहीं दे रहा इसलिए संभवत: अस्पताल के स्टाफ के लोग जहरखुरानों से मिले हैं। सदर कोतवाल जेएस पवार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।