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गैंगस्टर एक्ट में पिता-पुत्र को सात साल कैद
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Tue, 14 Jun 2016 11:38 PM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय गैंगस्टर एक्ट सुरेंद्र मोहन सहाय के न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में पिता-पुत्र को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी दोषियों को भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोतवाली हाथरस गेट के तत्कालीन एसओ नाथूराम ने 30 जुलाई, 2004 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया किया, जिसमें सुधीर पर संगठित गिरोह चलाने का आरोप लगाया। वर्तमान में इस गिरोह में संजू व उसका पिता जसवंत सिंह निवासी बाद अठवरिया हैं। सुधीर पर अपने दोनों साथियों के साथ लूट, हत्या व अन्य प्रकार की संगीन बारदातों को अंजाम देने के आरोप लगाए गए।
मुकदमे के दौरान गैंग लीडर सुधीर की मृत्यु हो गई, जिससे आरोप पत्र से इसका नाम हटा दिया गया। पुलिस ने दोनों पिता-पुत्रों द्वारा किए गए अपराधों के बारे में भी न्यायालय को अवगत कराया। इन स्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा का फैसला सुनाया।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोतवाली हाथरस गेट के तत्कालीन एसओ नाथूराम ने 30 जुलाई, 2004 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया किया, जिसमें सुधीर पर संगठित गिरोह चलाने का आरोप लगाया। वर्तमान में इस गिरोह में संजू व उसका पिता जसवंत सिंह निवासी बाद अठवरिया हैं। सुधीर पर अपने दोनों साथियों के साथ लूट, हत्या व अन्य प्रकार की संगीन बारदातों को अंजाम देने के आरोप लगाए गए।
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मुकदमे के दौरान गैंग लीडर सुधीर की मृत्यु हो गई, जिससे आरोप पत्र से इसका नाम हटा दिया गया। पुलिस ने दोनों पिता-पुत्रों द्वारा किए गए अपराधों के बारे में भी न्यायालय को अवगत कराया। इन स्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा का फैसला सुनाया।
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