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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Froud Attemt with District Judge and and CJM

न्यायमूर्ति बताकर डीजे व सीजेएम से मांगेे तीन लाख

Mon, 23 May 2016 11:46 PM IST
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस Updated Mon, 23 May 2016 11:46 PM IST
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हाथरस। मंत्रियों, आला अधिकारियों के नाम से फर्जी कॉल कर ट्रांसफर, पोस्टिंग कराने का गोरखधंधा यूं तो पुराना है, लेकिन अब शातिर दिमाग लोग न्यायिक अधिकारियों को भी अपना शिकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे ही एक व्यक्ति ने डीजे (जिला जज) और सीजेएम को फोन कर खुद को हाईकोर्ट का जज बताया और खाते में तीन लाख रुपये भेजने को कहा। जांच के बाद यह कॉल फर्जी पाई गई। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में सोमवार को अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 417, 419, आईटी एक्ट की धारा 66 और 66(ए) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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सीजेएम गौरव कुमार ने कोतवाली पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि 18 मई को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर जनपद न्यायाधीश अजीत सिंह के सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन कर एक अज्ञात व्यक्ति ने स्वयं को हाईकोर्ट का न्यायमूर्ति बताया। उसने कहा कि इलाहाबाद के बैंक का सर्वर डाउन चल रहा है और उनके भतीजे को रुपये की आवश्यकता है। सीजेएम के द्वारा उनके भतीजे के बैंक खाते में तीन लाख रुपये जमा करा दिए जाएं। इसके बाद जनपद न्यायाधीश ने सीजेएम को अपने विश्राम कक्ष में बुलाया। सीजेएम जिला जज के विश्राम कक्ष की ओर जा ही रहे थे, तभी उनके पास भी इसी व्यक्ति ने उसी नंबर से फोन कर दिया और खुद को इलाहाबाद हाईकोर्ट का न्यायमूर्ति बताने लगा।
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सीजेएम जब जिला जज के पास पहुंचे तो जिला जज ने उन्हें इस फोन के बारे में बताया और कॉल की विश्वसनीयता की जांच करने को कहा। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रोटोकॉल एवं अन्य कर्मचारियाें से बात की गई। जनपद न्यायाधीश ने स्वयं भी इलाहाबाद हाईकोर्ट फोन कर इस कॉल की विश्वसनीयता का पता लगाया। जांच के बाद कॉल के संदेहास्पद होने का शक हुआ। इसके बाद सीजेएम ने उपरोक्त न्यायमूर्ति के पीएस को फोन कर कॉल की विश्वसनीयता का पता किया, जिसके बाद न्यायिक अधिकारियों को कॉल के फर्जी होने का भरोसा हो गया। इसके बाद भी उसी नंबर से न्यायिक अधिकारियों को दस बार से ज्यादा फोन कर तीन लाख रुपये उपरोक्त खाते में भेजने को कहा गया।
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सर्विलांस में पश्चिम बंगाल का निकला नंबर
डीजे ने फर्जी फोन कॉल के बारे में 18 मई को एसपी को बता दिया था। एसपी ने फोन नंबर जब सर्विलांस पर लगवाया तो वह पश्चिम बंगाल का निकला। इससे फोन कॉल के पूरी तरह फर्जी होने का पता चल गया।


फर्जी कॉल के आधार पर जिला न्यायाधीश और सीजेएम से ठगी करने की कोशिश की गई थी। इस संबंध में सीजेएम ने शिकायत दी थी, जिस पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की जाएगी।
- मनोज शर्मा, सदर कोतवाल
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