{"_id":"5786824b4f1c1b081b13ea63","slug":"convent-school-was-evicted-from-the-panchayat-land","type":"story","status":"publish","title_hn":"कॉन्वेंट स्कूल को पंचायती जमीन से किया बेदखल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कॉन्वेंट स्कूल को पंचायती जमीन से किया बेदखल
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jul 2016 11:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथरस। तहसीलदार सासनी के न्यायालय ने ग्राम पंचायत दयानतपुर की सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में शहर के अलीगढ़ रोड स्थित मशहूर कॉन्वेंट स्कूल के प्रबंधन तंत्र को बेदखल करने के आदेश दिए हैं। तहसीलदार ने अब तक ग्राम समाज को पहुंचाई गई क्षति तथा भूमि को पूर्व स्थिति में लाने के लिए स्कूल से अनुमानित 1.32 लाख रुपये का निष्पादन व्यय वसूलने के भी आदेश दिए हैं।
दरअसल, तहसीलदार सासनी के न्यायालय में इस संबंध में एक मुकदमा क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट दर्ज पर दर्ज किया गया था। लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि कॉन्वेंट स्कूल के प्रधानाचार्य ने 0.023 हेक्टेयर रास्ते पर बाउंड्रीवाल लगाकर कब्जा कर लिया है, जिससे ग्राम समाज को 92 हजार रुपये की क्षति हुई है। रिपोर्ट के साथ नकल खसरा, खतौनी और नक्शा नजरी भी दाखिल किया गया था। इस मामले में स्कूल के प्रधानाचार्य को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन वह न्यायालय में उपस्थित ही नहीं हुए। लिहाजा तहसीलदार न्यायालय ने इस मुकदमे का एकपक्षीय निस्तारण कर दिया है। तहसीलदार ने ग्राम समाज के अधिवक्ता के तर्क सुनने और फाइल का अध्ययन करने के बाद यह माना कि स्कूल प्रधानाचार्य ने ग्राम समाज दयानतपुर की भूमि पर अनाधिकृत कब्जा किया है, जोकि बेदखल होने लायक है।
खास बात तो यह है कि तहसीलदार न्यायालय ने यह आदेश 22 अक्तूबर को पारित किया था। आदेश की प्रति लेखपाल और कानूनगो को भी दी गई थी, लेकिन आरोप है कि वह इसे दबाए रहे। अब अधिवक्ता सुदर्शन शर्मा ने आदेश की प्रति प्राप्त कर भूमि प्रबंधन समिति दयानतपुर के सहयोग से स्कूल प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल, तहसीलदार सासनी के न्यायालय में इस संबंध में एक मुकदमा क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट दर्ज पर दर्ज किया गया था। लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि कॉन्वेंट स्कूल के प्रधानाचार्य ने 0.023 हेक्टेयर रास्ते पर बाउंड्रीवाल लगाकर कब्जा कर लिया है, जिससे ग्राम समाज को 92 हजार रुपये की क्षति हुई है। रिपोर्ट के साथ नकल खसरा, खतौनी और नक्शा नजरी भी दाखिल किया गया था। इस मामले में स्कूल के प्रधानाचार्य को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन वह न्यायालय में उपस्थित ही नहीं हुए। लिहाजा तहसीलदार न्यायालय ने इस मुकदमे का एकपक्षीय निस्तारण कर दिया है। तहसीलदार ने ग्राम समाज के अधिवक्ता के तर्क सुनने और फाइल का अध्ययन करने के बाद यह माना कि स्कूल प्रधानाचार्य ने ग्राम समाज दयानतपुर की भूमि पर अनाधिकृत कब्जा किया है, जोकि बेदखल होने लायक है।
विज्ञापन
खास बात तो यह है कि तहसीलदार न्यायालय ने यह आदेश 22 अक्तूबर को पारित किया था। आदेश की प्रति लेखपाल और कानूनगो को भी दी गई थी, लेकिन आरोप है कि वह इसे दबाए रहे। अब अधिवक्ता सुदर्शन शर्मा ने आदेश की प्रति प्राप्त कर भूमि प्रबंधन समिति दयानतपुर के सहयोग से स्कूल प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन