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आखिरकार, कब्र से बाहर आया अफसाना का शव
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Thu, 14 Dec 2017 11:25 PM IST
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कब्र
- फोटो : Amar Ujala
आखिरकार मौत के 21 दिन बाद हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव रामपुर में अफसाना के शव को अधिकारियों की मौजूदगी में गुरुवार दोपहर को करीब 12 बजे कब्र से बाहर निकाला जा सका। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। अफसाना के भाई ने बहन के ससुरालियों पर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया है।
डीएम ने 11 दिसंबर को शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्र से बाहर निकालने के आदेश दिए थे। 12 दिसंबर और 13 दिसंबर को पूरी तैयारी के बावजूद शव को बाहर नहीं निकाला गया। इस दौरान अफसाना के परिजनाें ने पुलिस पर असहयोग करने का आरोप भी लगाया। हालांकि 14 दिसंबर को शव को बाहर निकालकर पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।
मुरसान के दर्शना रोड निवासी इस्लाम खां ने मुरसान पुलिस से शिकायत कर बहन के ससुरालियों पर बहन की हत्या करने का आरोप लगाया है। इस्लाम का कहना है कि उसकी बहन अफसाना की शादी 17 साल पहले हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव रामपुर के नवी मोहम्मद से हुई थी। छह साल पहले उसके बहनोई की एक हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद से हाथरस जंक्शन निवासी ससुराली बहन को घर से निकालना चाहते थे। ससुराल नहीं छोड़ने के कारण ससुराली बहन का उत्पीड़न कर रहे थे। हालांकि कुछ रिश्तेदारों के समझाने पर उन्होंने अफसाना को घर से नहीं निकाला, लेकिन उसका उत्पीड़न जारी रखा। 23 नवंबर को बहन अफसाना की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जब इस्लाम मौके पर पहुंचा तो बहन के शव पर चोटों के कई निशान थे। शक होने पर जब इस्लाम ने बहन के ससुरालियों से पूछा तो ससुरालियों ने पेट दर्द से मौत होने की बात कहकर उसे गुमराह कर दिया और अफसाना को दफना दिया।
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यही नहीं आरोपियों ने इस्लाम के दूसरे भाईयों से कार्रवाई न करने की बात लिखवा कर ले ली। इसके बाद इलाके के कुछ लोगों ने बताया कि अफसाना को पेट दर्द नहीं हुआ था और न ही मौत से पहले उसकी हालत खराब थी। इसके बाद इस्लाम ने पुलिस से शिकायत कर पोस्टमार्टम कराने की मांग की। इसके बाद इस्लाम ने डीएम से गुहार लगाई। डीएम ने शव को बाहर निकालने के आदेश दे दिए। गुरुवार को शव को बाहर निकालकर उसका पोस्टमार्टम कराया गया।
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मौके पर जुटी भीड़, मजदूरों को हुई उल्टियां
हाथरस। गांव रामपुर में कब्र से शव को निकाले जाने की खबर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। एहतियात के तौर पर हाथरस जंक्शन थाने का काफी फोर्स मौके पर मौजूद था। प्रभारी थानाध्यक्ष मोहम्मद असलम अपने कई दरोगाओं के साथ मौजूद थे। सदर तहसीलदार बतौर मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंच और कब्र से शव को बाहर निकालने की कोशिश शुरू हुई। मौत के 21 दिन बाद शव को बाहर निकाला जा रहा था। गड्ढा खोदने वाले मजदूरों का बदबू के मारे बुरा हाल था। कई दिन बीतने के कारण शव की हालत खराब हो चुकी थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी मौके पर रुकना भारी पड़ रहा था। शव के निकलने के बाद उसे किसी तरह पोस्टमार्टम हाउस तक ले जाया गया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को पूरा कराया गया।
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शव को साथ ले गए मायके वाले
हाथरस। अफसाना की मौत के बाद उसके ससुरालियों ने शव को गांव रामपुर में ही दफना दिया था। गुरुवार को शव को कब्र से निकालने के बाद पोस्टमार्टम कराया। वापस शव को दफनाने की बात आई तो अफसाना के मायके वालों ने शव को रामपुर में उसी जगह दफनाने की ससुरालियों की मांग खारिज कर दी। मायके वाले शव को अपने साथ अपने गांव ले गए। गुरुवार शाम को अफसाना के भाई ने उसके शव को अपने गांव में दफना दिया।
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एसओ बोले, पहले परिजनों ने ही रुकवाया था पीएम
हाथरस। अफसाना के मायके वालों के पुलिस पर असहयोग करने के आरोप पर सफाई देते हाथरस जंक्शन के प्रभारी थानाध्यक्ष मोहम्मद असलम ने कहा कि परिजनों के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। पुलिस हर कदम पर उनकी मदद कर रही है। अफसाना की मौत की खबर पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस तभी शव का पोस्टमार्टम कराना चाहती थी। अफसाना के ससुरालियों के अलावा मायके वाले भी पोस्टमार्टम कराने का विरोध कर रहे थे। दोनों पक्षों में फैसला हो गया था। यही वजह है कि शव को बिना पोस्टमार्टम के ही दफना दिया गया। अब मायके वाले हत्या का आरोप लगा रहे हैं। मोहम्मद असलम ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक की जांच में हत्या जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।
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डीएम ने 11 दिसंबर को शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्र से बाहर निकालने के आदेश दिए थे। 12 दिसंबर और 13 दिसंबर को पूरी तैयारी के बावजूद शव को बाहर नहीं निकाला गया। इस दौरान अफसाना के परिजनाें ने पुलिस पर असहयोग करने का आरोप भी लगाया। हालांकि 14 दिसंबर को शव को बाहर निकालकर पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।
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मुरसान के दर्शना रोड निवासी इस्लाम खां ने मुरसान पुलिस से शिकायत कर बहन के ससुरालियों पर बहन की हत्या करने का आरोप लगाया है। इस्लाम का कहना है कि उसकी बहन अफसाना की शादी 17 साल पहले हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव रामपुर के नवी मोहम्मद से हुई थी। छह साल पहले उसके बहनोई की एक हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद से हाथरस जंक्शन निवासी ससुराली बहन को घर से निकालना चाहते थे। ससुराल नहीं छोड़ने के कारण ससुराली बहन का उत्पीड़न कर रहे थे। हालांकि कुछ रिश्तेदारों के समझाने पर उन्होंने अफसाना को घर से नहीं निकाला, लेकिन उसका उत्पीड़न जारी रखा। 23 नवंबर को बहन अफसाना की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जब इस्लाम मौके पर पहुंचा तो बहन के शव पर चोटों के कई निशान थे। शक होने पर जब इस्लाम ने बहन के ससुरालियों से पूछा तो ससुरालियों ने पेट दर्द से मौत होने की बात कहकर उसे गुमराह कर दिया और अफसाना को दफना दिया।
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यही नहीं आरोपियों ने इस्लाम के दूसरे भाईयों से कार्रवाई न करने की बात लिखवा कर ले ली। इसके बाद इलाके के कुछ लोगों ने बताया कि अफसाना को पेट दर्द नहीं हुआ था और न ही मौत से पहले उसकी हालत खराब थी। इसके बाद इस्लाम ने पुलिस से शिकायत कर पोस्टमार्टम कराने की मांग की। इसके बाद इस्लाम ने डीएम से गुहार लगाई। डीएम ने शव को बाहर निकालने के आदेश दे दिए। गुरुवार को शव को बाहर निकालकर उसका पोस्टमार्टम कराया गया।
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मौके पर जुटी भीड़, मजदूरों को हुई उल्टियां
हाथरस। गांव रामपुर में कब्र से शव को निकाले जाने की खबर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। एहतियात के तौर पर हाथरस जंक्शन थाने का काफी फोर्स मौके पर मौजूद था। प्रभारी थानाध्यक्ष मोहम्मद असलम अपने कई दरोगाओं के साथ मौजूद थे। सदर तहसीलदार बतौर मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंच और कब्र से शव को बाहर निकालने की कोशिश शुरू हुई। मौत के 21 दिन बाद शव को बाहर निकाला जा रहा था। गड्ढा खोदने वाले मजदूरों का बदबू के मारे बुरा हाल था। कई दिन बीतने के कारण शव की हालत खराब हो चुकी थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी मौके पर रुकना भारी पड़ रहा था। शव के निकलने के बाद उसे किसी तरह पोस्टमार्टम हाउस तक ले जाया गया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को पूरा कराया गया।
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शव को साथ ले गए मायके वाले
हाथरस। अफसाना की मौत के बाद उसके ससुरालियों ने शव को गांव रामपुर में ही दफना दिया था। गुरुवार को शव को कब्र से निकालने के बाद पोस्टमार्टम कराया। वापस शव को दफनाने की बात आई तो अफसाना के मायके वालों ने शव को रामपुर में उसी जगह दफनाने की ससुरालियों की मांग खारिज कर दी। मायके वाले शव को अपने साथ अपने गांव ले गए। गुरुवार शाम को अफसाना के भाई ने उसके शव को अपने गांव में दफना दिया।
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एसओ बोले, पहले परिजनों ने ही रुकवाया था पीएम
हाथरस। अफसाना के मायके वालों के पुलिस पर असहयोग करने के आरोप पर सफाई देते हाथरस जंक्शन के प्रभारी थानाध्यक्ष मोहम्मद असलम ने कहा कि परिजनों के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। पुलिस हर कदम पर उनकी मदद कर रही है। अफसाना की मौत की खबर पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस तभी शव का पोस्टमार्टम कराना चाहती थी। अफसाना के ससुरालियों के अलावा मायके वाले भी पोस्टमार्टम कराने का विरोध कर रहे थे। दोनों पक्षों में फैसला हो गया था। यही वजह है कि शव को बिना पोस्टमार्टम के ही दफना दिया गया। अब मायके वाले हत्या का आरोप लगा रहे हैं। मोहम्मद असलम ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक की जांच में हत्या जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।