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हत्या में दो सगे भाइयों को उम्रकैद
ब्यूूूराे अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Tue, 14 Jun 2016 11:36 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : demo
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हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एनएन त्रिपाठी के न्यायालय ने हत्या के मामले में दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में उन्हें 10-10 माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा। अर्थदंड की धनराशि अदा होने पर उसका 70 प्रतिशत प्रतिकर के रूप में मृतक की पत्नी को दिए जाने के आदेश भी न्यायालय ने दिए हैं।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक अमर सिंह निवासी चांदनपुर ने कोतवाली सिकंदराराऊ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि वह अपने भाई नेत्रपाल के साथ 12 मार्च 2000 की दोपहर अपने खेत में पानी लगा रहे थे। शाम को करीब चार बजे वह नेत्रपाल को खेत पर पानी लगाते हुए छोड़कर खाना लेने के लिए घर आ गया। खाना लेकर वह और उसका भतीजा मुन्नालाल करीब छह बजे शाम खेत पर पहुंचा तो खेत पर भाई दिखाई नहीं दिया।
उसने आवाज लगाई तो पड़ोस के एक खेत में से उसके गांव के ओमप्रकाश व चोब सिंह पुत्रगण विक्रमजीत और एक अन्य व्यक्ति निकलकर भागे। इन लोगों ने भागते-भागते धमकी भी दी कि नेत्रपाल का काम तो तमाम कर दिया। अब तुझको भी देखेंगे। ओमप्रकाश के पास फावड़ा, चोब सिंह और अज्ञात व्यक्ति पर तमंचा था। इस दौरान जब उसने खेत में जाकर देखा तो उसके भाई की लाश खेत में खून से लथपथ पड़ी थी। इस मामले की रिपोर्ट दोनों नामजदों सहित कुल तीन लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई थी।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक अमर सिंह निवासी चांदनपुर ने कोतवाली सिकंदराराऊ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि वह अपने भाई नेत्रपाल के साथ 12 मार्च 2000 की दोपहर अपने खेत में पानी लगा रहे थे। शाम को करीब चार बजे वह नेत्रपाल को खेत पर पानी लगाते हुए छोड़कर खाना लेने के लिए घर आ गया। खाना लेकर वह और उसका भतीजा मुन्नालाल करीब छह बजे शाम खेत पर पहुंचा तो खेत पर भाई दिखाई नहीं दिया।
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उसने आवाज लगाई तो पड़ोस के एक खेत में से उसके गांव के ओमप्रकाश व चोब सिंह पुत्रगण विक्रमजीत और एक अन्य व्यक्ति निकलकर भागे। इन लोगों ने भागते-भागते धमकी भी दी कि नेत्रपाल का काम तो तमाम कर दिया। अब तुझको भी देखेंगे। ओमप्रकाश के पास फावड़ा, चोब सिंह और अज्ञात व्यक्ति पर तमंचा था। इस दौरान जब उसने खेत में जाकर देखा तो उसके भाई की लाश खेत में खून से लथपथ पड़ी थी। इस मामले की रिपोर्ट दोनों नामजदों सहित कुल तीन लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई थी।
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