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बंदर के हमले से छत से गिरकर घायल हुए चिकित्सक की मौत
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला (सादाबाद) हाथरस।
सादाबाद में दिनोंदिन बंदरों का आंतक बढ़ रहा है। आए दिन बंदर लोगों पर हमला कर रहे हैं। करीब 23 दिन पहले बंदर के हमले की वजह से छत से गिरकर घायल हुए सादाबाद के एक चिकित्सक की शनिवार की देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई। चिकित्सक की मौत से परिजनों में कोहराम मचा रहा। दिनभर शोक जताने वालों का तांता लगा रहा।
गौरतलब हो कि 24 दिसंबर को प्रकाश नगर निवासी चिकित्सक डॉ. बृजेश प्रकाश पुत्र स्व. हरस्वरूप शर्मा अपनी छत पर थे। अचानक ही बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। बंदरों के हमले से बचने के चक्कर में डॉ. बृजेश प्रकाश का संतुलन बिगड़ गया और वह छत से गिर गए। इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल चिकित्सक को पारिजन उपचार के लिए सीएचसी पर ले गए, लेकिन यहां से चिकित्सकों ने उन्हें गंभीर हालत में आगरा के लिए रैफर कर दिया। चिकित्सक की गर्दन की हड्डी टूट गई थी और हाथों में भी चोट आई थी। आगरा में करीब 23 दिनों तक उपचार चलने के बाद शनिवार की रात उनकी मौत हो गई। चिकित्सक मूल रूप से हाथरस जिले के गांव कलवारी के रहने वाले थे।
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सादाबाद में दिनोंदिन बंदरों का आंतक बढ़ रहा है। आए दिन बंदर लोगों पर हमला कर रहे हैं। करीब 23 दिन पहले बंदर के हमले की वजह से छत से गिरकर घायल हुए सादाबाद के एक चिकित्सक की शनिवार की देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई। चिकित्सक की मौत से परिजनों में कोहराम मचा रहा। दिनभर शोक जताने वालों का तांता लगा रहा।
गौरतलब हो कि 24 दिसंबर को प्रकाश नगर निवासी चिकित्सक डॉ. बृजेश प्रकाश पुत्र स्व. हरस्वरूप शर्मा अपनी छत पर थे। अचानक ही बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। बंदरों के हमले से बचने के चक्कर में डॉ. बृजेश प्रकाश का संतुलन बिगड़ गया और वह छत से गिर गए। इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
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घायल चिकित्सक को पारिजन उपचार के लिए सीएचसी पर ले गए, लेकिन यहां से चिकित्सकों ने उन्हें गंभीर हालत में आगरा के लिए रैफर कर दिया। चिकित्सक की गर्दन की हड्डी टूट गई थी और हाथों में भी चोट आई थी। आगरा में करीब 23 दिनों तक उपचार चलने के बाद शनिवार की रात उनकी मौत हो गई। चिकित्सक मूल रूप से हाथरस जिले के गांव कलवारी के रहने वाले थे।
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