{"_id":"599db60c4f1c1bbb468b4581","slug":"121503507980-hathras-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई
Updated Wed, 23 Aug 2017 10:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
कोतवाली सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव भिसी मिर्जापुर निवासी राजेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपी है। इसमें पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस उसके विपक्षियों के साथ मिली हुई है और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। शिकायतकर्ता ने पुलिस पर घटना की विधिवत रूप रिपोर्ट दर्ज नहीं करने के भी आरोप लगाए हैं।
शिकायत में राजेश का आरोप है कि चार मई, 2017 को रात करीब आठ बजे उसके गांव के ही आठ लोगों ने उसके घर में घुसकर उसके और उसके परिजनों के साथ मारपीट की। इन लोगों ने उसकी पत्नी और नाबालिग लड़कियों के कपड़े भी फाड़ दिए। पुलिस ने इस घटना की तहरीर दिए जाने के बाद भी उनकी रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की, जिससे उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन इन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। वह पिछले कई दिनों से अपनी नाबालिग पुत्रियों को लेकर थाने में 164 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज कराने के लिए चक्कर काट रहा है, किंतु पुलिस द्वारा अभी तक बयान दर्ज नहीं किए गए हैं। पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वह लगातार मुकदमा वापस लेने के लिए उसे और उसके परिवार के लोगों को धमकी दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव भिसी मिर्जापुर निवासी राजेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपी है। इसमें पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस उसके विपक्षियों के साथ मिली हुई है और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। शिकायतकर्ता ने पुलिस पर घटना की विधिवत रूप रिपोर्ट दर्ज नहीं करने के भी आरोप लगाए हैं।
शिकायत में राजेश का आरोप है कि चार मई, 2017 को रात करीब आठ बजे उसके गांव के ही आठ लोगों ने उसके घर में घुसकर उसके और उसके परिजनों के साथ मारपीट की। इन लोगों ने उसकी पत्नी और नाबालिग लड़कियों के कपड़े भी फाड़ दिए। पुलिस ने इस घटना की तहरीर दिए जाने के बाद भी उनकी रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की, जिससे उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
विज्ञापन
न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन इन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। वह पिछले कई दिनों से अपनी नाबालिग पुत्रियों को लेकर थाने में 164 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज कराने के लिए चक्कर काट रहा है, किंतु पुलिस द्वारा अभी तक बयान दर्ज नहीं किए गए हैं। पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वह लगातार मुकदमा वापस लेने के लिए उसे और उसके परिवार के लोगों को धमकी दे रहे हैं।
विज्ञापन