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बच्चे से कुकर्म के मामले में 10 साल की कैद
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Sat, 31 Mar 2018 12:16 AM IST
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child abuse
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अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम डॉ.एके विश्वेश के न्यायालय ने नौ वर्षीय बच्चे से कुकर्म करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। अभियुक्त को 10 साल की कैद एवं 55 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा।
कोतवाली हाथरस जंक्शन पुलिस को बच्चे के पिता ने तहरीर सौंपी थी। इसमें आरोप था कि 26 सितंबर,2016 की रात्रि में करीब उनका नौ वर्षीय बेटा घर पर सो रहा था। तभी आरोपी विजय ने उसके साथ कुकर्म किया। बच्चे ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। इस मामले में पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपी ने न्यायालय में खुद पर लगे आरोपों से इंकार किया और सत्र परीक्षण कराए जाने की मांग की।
वादी की ओर से एडीजीसी हरिओम शर्मा ने न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किए। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आईपीसी की धारा 377 के तहत अभियुक्त को 10 साल के कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 506 में दो साल की कैद एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड एवं 4 पॉक्सो एक्ट के तहत 10 साल की कैद एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी सजाओं के एक साथ चलने का भी निर्णय दिया। अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
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कोतवाली हाथरस जंक्शन पुलिस को बच्चे के पिता ने तहरीर सौंपी थी। इसमें आरोप था कि 26 सितंबर,2016 की रात्रि में करीब उनका नौ वर्षीय बेटा घर पर सो रहा था। तभी आरोपी विजय ने उसके साथ कुकर्म किया। बच्चे ने इसकी जानकारी परिजनों को दी। इस मामले में पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपी ने न्यायालय में खुद पर लगे आरोपों से इंकार किया और सत्र परीक्षण कराए जाने की मांग की।
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वादी की ओर से एडीजीसी हरिओम शर्मा ने न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किए। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आईपीसी की धारा 377 के तहत अभियुक्त को 10 साल के कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 506 में दो साल की कैद एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड एवं 4 पॉक्सो एक्ट के तहत 10 साल की कैद एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी सजाओं के एक साथ चलने का भी निर्णय दिया। अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
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