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सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर 1.43 लाख ठगे
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Tue, 10 Oct 2017 11:30 PM IST
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थाना क्षेत्र के ग्राम मड़नई निवासी कर्मवीर पुत्र महावीर सिंह ने अदालत के आदेश पर कृष्णकुमार पुत्र सोहन सिंह, सुखवीर पुत्र सोहन सिंह, लक्ष्मण सिंह पुत्र जसवंत, प्रदीप पुत्र जयपाल, पुष्पेंद्र पुत्र सरजीत, संजय पुत्र विजय सिंह, अजय पुत्र जसवंत, संजय पुत्र महेंद्र सिंह, नीवन पुत्र मदनगोपाल, सुनील पुत्र रामबाबू निवासी भमरोला वीरपुरा एवं सूरज पुत्र पप्पू सिंह निवासी गढ़उमराव सादाबाद के विरुद्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रिपोर्ट में आरोप है कि मेरा पुत्र देवेंद्र बीए पास है और वह मथुरा में सेना की भर्ती देख रहा था। सुखवीर ने मेरे पुत्र से कहा कि मैं तुम्हें सेना में भर्ती करा दूंगा, देवेंद्र ने उसे मेरा पता देकर कहा कि गांव जाकर पिताजी से संर्पक कर लो। सुखवीर अपने साथ उक्त नामजदों को लेकर गांव आ गया और कहा कि उसका भाई कृष्णकुमार सेना भर्ती बोर्ड में है और वही भर्ती करा रहा है। मेरे रिश्तेदार शेर सिंह निवासी भरतपुर, देवेन्द्र पुत्र गुलजार निवासी छाता, रामनिवास पुत्र परसादी लाल, पूरन सिंह पुत्र वासुदेव निवासी सूमरा ने कहा कि वह भी अपने बच्चों की सेना में भर्ती कराने को तैयार हैं।
इसके बाद कृष्ण कुमार को 21 अगस्त 2015 को 3 हजार रुपये, 11 जनवरी 2016 को 25 हजार रुपये, 1 फरवरी 2016 को 25 हजार रुपये, पुष्पेंद्र को 14 सितंबर 2015 को 25 हजार रुपये, 21 सितंबर 2015 करे 20 हजार रुपये तथा प्रदीप को 1 फरवरी 2016 25 हजार रुपये, 14 जुलाई 2016 को 10 हजार रुपये, अजय को 27 नवंबर 2015 को 10 हजार रुपये के चेक दिए थे। नौकरी न लगने पर पैसे वापस मांगने पर इन लोगों ने पैसे भी वापस नहीं किए।
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रिपोर्ट में आरोप है कि मेरा पुत्र देवेंद्र बीए पास है और वह मथुरा में सेना की भर्ती देख रहा था। सुखवीर ने मेरे पुत्र से कहा कि मैं तुम्हें सेना में भर्ती करा दूंगा, देवेंद्र ने उसे मेरा पता देकर कहा कि गांव जाकर पिताजी से संर्पक कर लो। सुखवीर अपने साथ उक्त नामजदों को लेकर गांव आ गया और कहा कि उसका भाई कृष्णकुमार सेना भर्ती बोर्ड में है और वही भर्ती करा रहा है। मेरे रिश्तेदार शेर सिंह निवासी भरतपुर, देवेन्द्र पुत्र गुलजार निवासी छाता, रामनिवास पुत्र परसादी लाल, पूरन सिंह पुत्र वासुदेव निवासी सूमरा ने कहा कि वह भी अपने बच्चों की सेना में भर्ती कराने को तैयार हैं।
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इसके बाद कृष्ण कुमार को 21 अगस्त 2015 को 3 हजार रुपये, 11 जनवरी 2016 को 25 हजार रुपये, 1 फरवरी 2016 को 25 हजार रुपये, पुष्पेंद्र को 14 सितंबर 2015 को 25 हजार रुपये, 21 सितंबर 2015 करे 20 हजार रुपये तथा प्रदीप को 1 फरवरी 2016 25 हजार रुपये, 14 जुलाई 2016 को 10 हजार रुपये, अजय को 27 नवंबर 2015 को 10 हजार रुपये के चेक दिए थे। नौकरी न लगने पर पैसे वापस मांगने पर इन लोगों ने पैसे भी वापस नहीं किए।
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