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बैंकों की हड़ताल से उपभोक्ता बेहाल
अमर उजाला, हाथरस
Updated Tue, 28 Feb 2017 11:53 PM IST
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर विभिन्न मुद्दों को लेकर जिले भर के बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर रहे। बैंक अधिकारी व कर्मियों ने पंजाब नेशनल बैंक की शाखा पर प्रदर्शन किया। बैंकों पर दिन भर ताले पड़े रहे और जरूरी लेन-देन के लिए आए ग्राहकों को मायूस होना पड़ा।
यह प्रदर्शन जनविरोधी बैंकिंग, श्रम सुधारों और श्रम संगठन अधिकारों में दखल देने के सरकारी कदम एवं स्थायी कार्यों की आउटसोर्सिंग का विरोध करने एवं अधिवर्शिता लाभों में सुधार, अधिवर्शिता लाभों पर आयकर से पूरी छूट, अगले वेतन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को जल्द शुरू कराने, अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति योजना का उचित कार्यान्वयन, सभी संवर्गों में पर्याप्त भर्ती, पांच दिवसीय बैंकिंग, खराब कर्जों की वसूली के कठोर उपाय किए जाने एवं जानबूझकर चूककर्ताओं के विरुद्ध फौजदारी कार्यवाही की मांग को लेकर इस जिले के बैंकों के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
फोरम की जिला इकाई के संयोजक एवं यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन के प्रांतीय सहायक महामंत्री बीएस जैन ने कहा कि बैंकिंग उद्योग में केंद्र सरकार की जनविरोधी बैंकिंग सुधार एवं श्रम सुधारों को लेकर बैंकों में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों की यूनियनें दो दशक से विरोध कर रही हैं, परंतु इस देश की सरकारें बैंक यूनियनों के विरोध को नजरअंदाज कर रही हैं, जिससे बैंककर्मी आक्रोशित हैं। उन्होंने हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी बैंक कर्मियों का आभार जताया और उनसे एकजुट रहने की अपील की।
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यूपी ग्रामीण बैंक इंपलाइज एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष जीके शर्मा ने केंद्र सरकार की बैंककर्मी विरोधी नीतियों की घोर निंदा की। यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष वीके शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार बैंक कर्मियों की समस्याओं के निराकरण करने के लिए गंभीर नहीं है, जो चिंता का विषय है। आयबाक के साथी अविनाश अरोड़ा ने कहा कि केंद्रीय श्रम आयुक्त ने बैंक कर्मियों की मांगों को लेकर एक मीटिंग आहूत की थी, उस मीटिंग में वित्त मंत्रालय तथा आईबीए के अधिकारियों के नकारात्मक रवैये से कोई हल नहीं निकल सका और बैंक कर्मियों को हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ा।
प्रदर्शन में साथी ओमप्रकाश, अशोक कुमार, नवल किशोर शर्मा, सुरेशचंद, भानु प्रकाश, धर्मेंद्र कुमार, अशोक शर्मा, चंद्रकेश शर्मा, विवेक यादव, रमेश सैनी, नरेंद्र कुमार, सतेंद्र कुमार सिंह, प्रवेश कुमार सिंह, राजेश कुमार जैन, श्रीकांत शर्मा, अरविंद कुमार जैन, पीके जैन, संतोष कुमार, राजकुमार अग्रवाल, राजीव आर्या, डीवी सिंह, नंदन कुमार राय, अनिल कुमार अग्रवाल, विवेक कुमार अग्रवाल, प्रिंस कुमार, सोनू कुमार, ओमप्रकाश, जयप्रकाश, किशोरीलाल, सचेंद्र कुमार, संजय कुमार गौतम, केके गुप्ता, अर्पण श्रीवास्तव, खेमकरन, नन्नूमल, दिवाकर प्रसाद, राजेश शर्मा, राहुल कुमार सिंह, यतेश गर्ग तेजपाल आदि ने सक्रिय भूमिका अदा की।
मैं बैंक से नकदी निकालने आया था। जितनी नकदी की मुझे जरूरत है, उतनी एटीएम से निकाल पाना संभव नहीं है। हड़ताल से बहुत दिक्कत हुई है।
- अंशू, लहरा
हमें क्या पता था आज हड़ताल, वरना तो हम घर से ही नहीं आते। काम नहीं होने से बहुत परेशानी हो रही है। हमें कल तक का इंतजार करना पड़ेगा।
- नरेंद्र गौतम, साकेत कॉलोनी
बैंकों की हड़ताल से हमें बहुत परेशानी हुई है। जिन जरूरी काम के लिए नकदी की जरूरत थी, वो काम आज नहीं हो पाए हैं।
- प्रशांत पचौरी, श्यामकुंज
हड़ताल में एटीएम भी काम नहीं कर पा रहे। ऐसे में नकदी के लिए बहुत परेशानी हो रही है। अब तो कल आकर ही अपना काम करना पड़ेगा।
- राजू, श्यामकुंज
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यह प्रदर्शन जनविरोधी बैंकिंग, श्रम सुधारों और श्रम संगठन अधिकारों में दखल देने के सरकारी कदम एवं स्थायी कार्यों की आउटसोर्सिंग का विरोध करने एवं अधिवर्शिता लाभों में सुधार, अधिवर्शिता लाभों पर आयकर से पूरी छूट, अगले वेतन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को जल्द शुरू कराने, अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति योजना का उचित कार्यान्वयन, सभी संवर्गों में पर्याप्त भर्ती, पांच दिवसीय बैंकिंग, खराब कर्जों की वसूली के कठोर उपाय किए जाने एवं जानबूझकर चूककर्ताओं के विरुद्ध फौजदारी कार्यवाही की मांग को लेकर इस जिले के बैंकों के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
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फोरम की जिला इकाई के संयोजक एवं यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन के प्रांतीय सहायक महामंत्री बीएस जैन ने कहा कि बैंकिंग उद्योग में केंद्र सरकार की जनविरोधी बैंकिंग सुधार एवं श्रम सुधारों को लेकर बैंकों में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों की यूनियनें दो दशक से विरोध कर रही हैं, परंतु इस देश की सरकारें बैंक यूनियनों के विरोध को नजरअंदाज कर रही हैं, जिससे बैंककर्मी आक्रोशित हैं। उन्होंने हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी बैंक कर्मियों का आभार जताया और उनसे एकजुट रहने की अपील की।
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यूपी ग्रामीण बैंक इंपलाइज एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष जीके शर्मा ने केंद्र सरकार की बैंककर्मी विरोधी नीतियों की घोर निंदा की। यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष वीके शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार बैंक कर्मियों की समस्याओं के निराकरण करने के लिए गंभीर नहीं है, जो चिंता का विषय है। आयबाक के साथी अविनाश अरोड़ा ने कहा कि केंद्रीय श्रम आयुक्त ने बैंक कर्मियों की मांगों को लेकर एक मीटिंग आहूत की थी, उस मीटिंग में वित्त मंत्रालय तथा आईबीए के अधिकारियों के नकारात्मक रवैये से कोई हल नहीं निकल सका और बैंक कर्मियों को हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ा।
प्रदर्शन में साथी ओमप्रकाश, अशोक कुमार, नवल किशोर शर्मा, सुरेशचंद, भानु प्रकाश, धर्मेंद्र कुमार, अशोक शर्मा, चंद्रकेश शर्मा, विवेक यादव, रमेश सैनी, नरेंद्र कुमार, सतेंद्र कुमार सिंह, प्रवेश कुमार सिंह, राजेश कुमार जैन, श्रीकांत शर्मा, अरविंद कुमार जैन, पीके जैन, संतोष कुमार, राजकुमार अग्रवाल, राजीव आर्या, डीवी सिंह, नंदन कुमार राय, अनिल कुमार अग्रवाल, विवेक कुमार अग्रवाल, प्रिंस कुमार, सोनू कुमार, ओमप्रकाश, जयप्रकाश, किशोरीलाल, सचेंद्र कुमार, संजय कुमार गौतम, केके गुप्ता, अर्पण श्रीवास्तव, खेमकरन, नन्नूमल, दिवाकर प्रसाद, राजेश शर्मा, राहुल कुमार सिंह, यतेश गर्ग तेजपाल आदि ने सक्रिय भूमिका अदा की।
मैं बैंक से नकदी निकालने आया था। जितनी नकदी की मुझे जरूरत है, उतनी एटीएम से निकाल पाना संभव नहीं है। हड़ताल से बहुत दिक्कत हुई है।
- अंशू, लहरा
हमें क्या पता था आज हड़ताल, वरना तो हम घर से ही नहीं आते। काम नहीं होने से बहुत परेशानी हो रही है। हमें कल तक का इंतजार करना पड़ेगा।
- नरेंद्र गौतम, साकेत कॉलोनी
बैंकों की हड़ताल से हमें बहुत परेशानी हुई है। जिन जरूरी काम के लिए नकदी की जरूरत थी, वो काम आज नहीं हो पाए हैं।
- प्रशांत पचौरी, श्यामकुंज
हड़ताल में एटीएम भी काम नहीं कर पा रहे। ऐसे में नकदी के लिए बहुत परेशानी हो रही है। अब तो कल आकर ही अपना काम करना पड़ेगा।
- राजू, श्यामकुंज