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शहीद के स्मारक का निर्माण रुकवाया, जमकर हंगामा

Wed, 24 Jul 2019 11:48 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jul 2019 11:48 PM IST
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Construction of martyr's monument stopped, fierce commotion
शहीद के स्मारक का निर्माण रुकवाया, जमकर हंगामा
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शहीद की परिजनों की हुई एसडीएम सदर से तीखी नोंकझोंक
शहीद की पत्नी हुई बेहोश, आक्रोशित लोगों ने धरना देकर की नारेबाजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। नक्सली हमले में शहीद हुए मदन पाल सिंह की स्मृति में शहीद पार्क बना रहे उनके परिजनों को स्थानीय प्रशासन ने निर्माण करने से रुकवा दिया। इस दौरान तीखी नोंकझोंक व खासा बखेड़ा खड़ा हो गया। शहीद के परिजनों की एसडीएम सदर से जमकर नोंकझोंक हुई। स्थिति यह हो गई कि इस नोंकझोंक और भीषण गर्मी के चलते शहीद की पत्नी बेहोश हो गई। आनन फानन में शहीद की पत्नी को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। शहीद के परिजनों का आरोप है कि उनसे अभद्रता की। इधर इसके बाद काफी लोग तमना की गढ़ी स्थित अंबेडकर पार्क में धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे एडीएम व एएसपी ने लिखित में आश्वासन देकर इन लोगों को समझा बुझाकर शांत किया।
ल्लेखनीय है कि पिछले माह स्थानीय तमना गढ़ी निवासी मदन पाल सिंह नक्सली हमले में शहीद हो गए थे। पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया था। पिछले दो दिन से शहीद के परिजन उस भूमि पर शहीद पार्क व स्मारक का निर्माण करा रहे थे। जहां शहीद के अंत्येष्टि हुई थी। इसकी जानकारी बुधवार को जब एसडीएम सदर नीतीश कुमार को मिली तो वह पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंच गए और उन्होंने निर्माण कार्य रुकवा दिया।
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एसडीएम सदर का कहना था कि जहां पार्क व स्मारक बनवाया जा रहा है, वह राजस्व अभिलेखों में चारागाह में दर्ज है। यहां कोई निर्माण कार्य नहीं कराया जा सकता है। इसकी कोई अनुमति भी नहीं है। इस दौरान वहां शहीद के परिजनों व कुछ अन्य लोगों से एसडीएम सदर व प्रशासनिक टीम की तीखी नोंकझोंक हो गई और बखेड़ा खड़ा हो गया। नोंकझोंक के बीच शहीद की पत्नी स्नेहलता बेहोश हो गई। इससे वहां मौजूद अधिकारियों में खलबली मच गई। आनन फानन में उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। शहीद की पत्नी व अन्य परिजनों का आरोप था कि एसडीएम ने उनसे अभद्रता की और शहीद का अपमान भी किया।
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इस मामले की जानकारी होने पर काफी लोगों की भीड़ अंबेडकर पार्क पर एकत्रित हो गई। उन लोगों ने वहां जमकर नारेबाजी की। इस प्रकरण की जानकारी मिलने पर एडीएम डॉ. अशोक कुमार शुक्ला, एएसपी सिद्धार्थ वर्मा मय पुलिस फोर्स के मौके पर पहुंच गए। इन अधिकारियों से भी वहां लोगों की तीखी नोंकझोंक हुई। इनके साथ एसडीएम भी मौजूद थे। उन्हें देखकर लोग और आक्रोशित हो गए। स्थिति बिगडते देख एसडीएम वहां से चले गए। बाद में एडीएम ने इन्हें आश्वासन दिया कि परिजनों की मांग के अनुसार वह शहीद मदन पाल के अतं्येष्टि स्थल पर स्मारक बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भिजवाएंगे। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ।

मैंने किसी से कोई अभद्रता नहीं की। बिना अनुमति के सरकारी भूमि पर निर्माण कार्य चल रहा था। उसे रुकवाया था। शहीद के स्मारक अथवा पार्क निर्माण के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। वैसे भी चारागाह की भूमि पर कोई निर्माण कार्य नहीं हो सकता।
नीतीश कुमार , एसडीएम सदर
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