Hathras: जो थे अब तक बदहाल, बदल रहा उन सरकारी अस्पतालों का हाल, हर सीएचसी पर बन रही एमएनसीयू
ओपीडी कक्ष से लेकर अलग-अलग वार्डों का कायाकल्प हो रहा है। पीएनसी वार्ड (प्रसव के बाद की देखरेख), केएमसी वार्ड (कम वजन वाले बच्चों के लिए), एनबीएसयू वार्ड (नवजात बच्चों के लिए), आईपीडी वार्ड (इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट) में पीवीसी पैनल लगाकर पेंटिंग की जा रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाथरस जिले के सातों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) का कायाकल्प किया जा रहा है। भवनों की रंगाई-पुताई की जा रही है, टाइल्स, फ्लोरिंग, छत एवं दीवारों को सजाया जा रहा है। पीवीसी पैनल लगाए जा रहे हैं। एक्स-रे एवं दंत चिकित्सक कक्ष आधुनिक बनाए जा रहे हैं। सीएचसी हसायन, सादाबाद और मुरसान में यह काम हो चुके हैं। सासनी, महौ और सहपऊ में काम चल रहा है। सिकंदराराऊ में काम जल्द शुरू होगा।
डीएम अतुल वत्स की पहल पर स्वास्थ्य विभाग ने काम शुरू करा दिए हैं। सबसे पहले आधारभूत ढांचे को उन्नत एवं विकसित किया जा रहा है। जीर्णोद्धार के लिए सीएचसी पर उपलब्ध बजट का ही प्रयोग हो रहा है। शासन स्तर से कोई अलग धनराशि नहीं मिली है। डीएम व सीएमओ की देखरेख में सीएचसी फंड से सुविधाओं में सुधार लाया जा रहा है। जिला प्रशासन के स्तर से भी धनराशि जुटाई जा रही है। अब ग्रामीण मरीजों को अपने घर के पास ही निशुल्क और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
हमारा लक्ष्य केवल इलाज कराना ही नहीं, बल्कि मरीज को एक बेहतर अनुभव देना भी है। जब अस्पताल का वातावरण सकारात्मक होता है, तो मरीज के ठीक होने की गति भी बढ़ जाती है। इससे लोगों का विश्वास सरकारी अस्पतालों पर बढ़ेगा।-अतुल वत्स, जिलाधिकारी।
विज्ञापन विज्ञापन
वार्डों के कायाकल्प के साथ ही सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। एक्स-रे व पैथोलॉजी में जांच की सुविधा के साथ अल्ट्रासाउंड भी कराए जा रहे हैं। सीएचसी पर आवश्यक ऑपरेशन कराए जा रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए शासन स्तर पर लगातार मांग की जा रही है।-डाॅ. राजीव गुप्ता, एसीएमओ।
परिवार की गर्भवती महिला को उपचार दिलाने आई हूं। सरकारी अस्पतालों की हालत में सुधार देखने को मिल रहा है। परामर्श कक्ष से लेकर भर्ती होने वाले वार्ड तक सब साफ-सुथरे हो गए हैं। उपचार की व्यवस्थाएं भी बेहतर हुई हैं।-सरोज निवासी बिलखौरा सासनी
बच्चे का टीकाकरण कराने आई हूं। सरकारी अस्पतालों की सूरत तेजी से बदल रही है। देखने से लगता ही नहीं कि ये वही पुराने अस्पताल हैं, जहां टूटी व सीलन वाली दीवारें हुआ करती थीं। टीकाकरण की व्यवस्था अच्छी हुई है।-कोमल निवासी सासनी।
ऐसे बेहतर हो रहे हैं वार्ड
ओपीडी कक्ष से लेकर अलग-अलग वार्डों का कायाकल्प हो रहा है। पीएनसी वार्ड (प्रसव के बाद की देखरेख), केएमसी वार्ड (कम वजन वाले बच्चों के लिए), एनबीएसयू वार्ड (नवजात बच्चों के लिए), आईपीडी वार्ड (इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट) में पीवीसी पैनल लगाकर पेंटिंग की जा रही है। नए बेड, गद्दे और पर्दे लगाए जा रहे हैं। बच्चों और महिलाओं की पसंद के अनुसार वार्डों का रंग तय किया जा रहा है। प्रत्येक सीएचसी पर मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट (एमएनसीयू) बनाया जा रहा है। इसमें एनबीएसयू व पीएनसी वार्ड को एक किया जा रहा है। जिसमें बच्चों के उपचार की मशीनों को मां के पास ही रखा जाएगा। इससे नवजात मां के सामने रहेंगे। इसके अलावा केंद्रों पर डिस्पेंसरी, पीने के पानी, टॉयलेट आदि की भी व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है।
यह हो रहे प्रमुख बदलाव
- पिंक वार्ड : महिला मरीजों के लिए विशेष पिंक वार्ड तैयार किए जा रहे हैं, जहां उन्हें सुरक्षा और आरामदायक वातावरण मिलेगा।
- एमएनसीयू : नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट बनेगी, जहां बच्चों का उपचार किया जाएगा।
- बेहतर ओपीडी : अब मरीजों को पुरानी और जर्जर ओपीडी में इंतजार नहीं करना होगा। ओपीडी कक्षों को आधुनिक फर्नीचर, बेहतर लाइटिंग और बैठने की उत्तम व्यवस्था के साथ आकर्षक बनाया जा रहा है।
- सफाई पर जोर : वार्डों में साफ-सफाई पर जोर दिया जा रहा है। बेहतर और साफ बेड दिए जा रहे हैं। वार्डों की दीवारों पर पेंटिंग की जा रही है। सूचनात्मक बोर्ड लगाए जा रहे हैं, ताकि मरीज परेशान न हो।
हाथरस के सात सीएचसी
1-हसायन, सादाबाद और मुरसान में काम लगभग पूरा
2-सासनी, महौ और सहपऊ में काम अब तक जारी
3-सिकंदराराऊ सीएचसी में जल्द होगी इसकी शुरुआत