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मालगाड़ी की बोगी में सुलगा कोयला, रोकी गई ट्रेन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Wed, 07 Feb 2018 12:58 AM IST
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हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी की बोगी में सुलगते कोयले को बुझाते दमकल कर्मी।
- फोटो : amar ujala
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मुगलसराय से पंजाब के लहरा मोहब्बत तक कोयला लेकर जा रही मालगाड़ी की एक बोगी से हाथरस जंक्शन स्टेशन पर मौजूद एक यात्री ने मंगलवार सुबह करीब 11 बजे धुआं उठता देखा तो स्टेशन मास्टर को बताया। इसके बाद ट्रेन को रुकवाकर ओएचई काटकर दमकल की मदद से आग बुझाई गई। मालगाड़ी की बोगी में आग की खबर पर डीएम अमित कुमार सिंह और एसपी घुले सुशील चंद्रभान भी मौके पर पहुंच गए। तीन घंटे बाद इस बोगी को अलग कर ट्रेन को रवाना कर दिया गया।
स्टेशन मास्टर पवन कुमार के मुताबिक मालगाड़ी दोपहर करीब 11 बजे स्टेशन से गुजरने वाली थी, लेकिन इसके पीछे आ रही एक एक्सप्रेस ट्रेन को निकालने के लिए मालगाड़ी को प्लेटफार्म नंबर तीन पर रोका गया था। यहां ईएमयू के इंतजार में बैठे कुछ यात्रियों ने बोगी (संख्या 100995) से धुआं निकलते देखा और उन्हें बताया। स्टेशन मास्टर ने रेलवे अधिकारियों के अलावा पुलिस को सूचना दी। दमकल को बुलाया गया।
ट्रेन को लूप लाइन पर खड़ा कराकर दमकल के आने तक रेल कर्मियों को सुलगते कोयले पर पानी डालने के काम में लगा दिया गया। इसके बाद दमकलकर्मी आग बुझाने में जुट गए। धुआं उठना बंद न होने पर डिब्बे को मालगाड़ी से अलग कर लिया गया और फिर दोबारा आग बुझाने का काम शुरू किया गया।
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इस पर भी धुआं जब बंद नहीं हुआ तो बोगी के ऊपर के अलावा निचले दरवाजों को खोलकर नीचे से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की गई। इसके बाद भी मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई रिस्क नहीं लिया और रेलवे के आला अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर आग वाली बोगी को मालगाड़ी के साथ न भेजने की बात कही। रेलवे अधिकारियों के हामी भरने पर बोगी को हटाकर बाकी ट्रेन को दोपहर करीब दो बजे रवाना कर दिया गया।
ओएचई काटना भूले रेलकर्मी, हादसा टला
हाथरस। बोगी की आग बुझाने में जुटे रेलवे कर्मचारी दमकल के पहुंचने पर ओएचई काटना भूल गए। आधे घंटे तक दमकल कर्मचारी ओएचई लगे रहने पर भी बोगी में पानी डालते रहे। ऐसे में उच्च क्षमता वाले करंट से बड़ा हादसा हो सकता था। कई की जान जा सकती थी। जब कुछ लोगों ने इस बारे में रेलवे अधिकारियों को उनकी गलती याद दिलाई तो आनन-फानन में ओएचई काटी गई।
बीते साल भी दो बार सुलगा कोयला
हाथरस। बीते साल भी दो बार मालगाड़ी में लदा कोयला सुलगा था। बीते साल 25 मई और 18 जुलाई को मालगाड़ी में लदे कोयले के सुलगने पर दमकल को बुलाकर आग बुझाई गई थी। एक बार ट्रेन के पहियों में चिंगारी उठने पर भी ट्रेन को रोका गया था।
बोले अधिकारी -
तेज रफ्तार मालगाड़ी में रगड़ खाने से कोयला सुलगने लगा और बोगी से धुआं निकलने लगा। बोगी में आग की लपटें नहीं उठ रही थीं, केवल धुआं ही निकल रहा था। उस बोगी को हटाकर बाकी ट्रेन को कुछ देर बाद ही रवाना कर दिया गया।
- अमित कुमार सिंह, जिलाधिकारी
मालगाड़ी की बोगी में आग की सूचना पुलिस को मिली थी। हाथरस जंक्शन पुलिस को तत्काल मौके पर भेजा गया था। मैं भी मौके पर गया था। दमकल की मदद से आग पर काबू पा लिया गया है। बोगी में आग नहीं लगी थी, केवल कोयला सुलगने से धुआं उठ रहा था।
- घुले सुशील, पुलिस अधीक्षक
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स्टेशन मास्टर पवन कुमार के मुताबिक मालगाड़ी दोपहर करीब 11 बजे स्टेशन से गुजरने वाली थी, लेकिन इसके पीछे आ रही एक एक्सप्रेस ट्रेन को निकालने के लिए मालगाड़ी को प्लेटफार्म नंबर तीन पर रोका गया था। यहां ईएमयू के इंतजार में बैठे कुछ यात्रियों ने बोगी (संख्या 100995) से धुआं निकलते देखा और उन्हें बताया। स्टेशन मास्टर ने रेलवे अधिकारियों के अलावा पुलिस को सूचना दी। दमकल को बुलाया गया।
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ट्रेन को लूप लाइन पर खड़ा कराकर दमकल के आने तक रेल कर्मियों को सुलगते कोयले पर पानी डालने के काम में लगा दिया गया। इसके बाद दमकलकर्मी आग बुझाने में जुट गए। धुआं उठना बंद न होने पर डिब्बे को मालगाड़ी से अलग कर लिया गया और फिर दोबारा आग बुझाने का काम शुरू किया गया।
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इस पर भी धुआं जब बंद नहीं हुआ तो बोगी के ऊपर के अलावा निचले दरवाजों को खोलकर नीचे से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की गई। इसके बाद भी मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई रिस्क नहीं लिया और रेलवे के आला अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर आग वाली बोगी को मालगाड़ी के साथ न भेजने की बात कही। रेलवे अधिकारियों के हामी भरने पर बोगी को हटाकर बाकी ट्रेन को दोपहर करीब दो बजे रवाना कर दिया गया।
ओएचई काटना भूले रेलकर्मी, हादसा टला
हाथरस। बोगी की आग बुझाने में जुटे रेलवे कर्मचारी दमकल के पहुंचने पर ओएचई काटना भूल गए। आधे घंटे तक दमकल कर्मचारी ओएचई लगे रहने पर भी बोगी में पानी डालते रहे। ऐसे में उच्च क्षमता वाले करंट से बड़ा हादसा हो सकता था। कई की जान जा सकती थी। जब कुछ लोगों ने इस बारे में रेलवे अधिकारियों को उनकी गलती याद दिलाई तो आनन-फानन में ओएचई काटी गई।
बीते साल भी दो बार सुलगा कोयला
हाथरस। बीते साल भी दो बार मालगाड़ी में लदा कोयला सुलगा था। बीते साल 25 मई और 18 जुलाई को मालगाड़ी में लदे कोयले के सुलगने पर दमकल को बुलाकर आग बुझाई गई थी। एक बार ट्रेन के पहियों में चिंगारी उठने पर भी ट्रेन को रोका गया था।
बोले अधिकारी -
तेज रफ्तार मालगाड़ी में रगड़ खाने से कोयला सुलगने लगा और बोगी से धुआं निकलने लगा। बोगी में आग की लपटें नहीं उठ रही थीं, केवल धुआं ही निकल रहा था। उस बोगी को हटाकर बाकी ट्रेन को कुछ देर बाद ही रवाना कर दिया गया।
- अमित कुमार सिंह, जिलाधिकारी
मालगाड़ी की बोगी में आग की सूचना पुलिस को मिली थी। हाथरस जंक्शन पुलिस को तत्काल मौके पर भेजा गया था। मैं भी मौके पर गया था। दमकल की मदद से आग पर काबू पा लिया गया है। बोगी में आग नहीं लगी थी, केवल कोयला सुलगने से धुआं उठ रहा था।
- घुले सुशील, पुलिस अधीक्षक