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Hathras: डीएम कार्यालय का कर्मचारी बनकर बंदूक के लिए लाइसेंस को आवेदन के नाम पर ठगी, रिपोर्ट दर्ज
Sun, 25 Jan 2026 01:14 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Sun, 25 Jan 2026 01:14 PM IST
सार
आरोप है कि एक व्यक्ति ने बंदूक लाइसेंस के लिए आवेदन शुल्क जमा कराने की बात कहकर मोबाइल पर कोड स्कैनर भेजा, जिस पर उसने 7500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब पीड़ित अपने ताऊ के साथ हाथरस जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा तो पता चला कि संबंधित आवेदन पर कोई शुल्क जमा नहीं हुआ है।
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साइबर ठगी
- फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
थाना सादाबाद क्षेत्र में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ग्राम गढ़ी हुलासी निवासी संजीव ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया है कि बंदूक के लिए लाइसेंस का आवेदन करने के लिए उनसे शुल्क के नाम पर 7500 रुपये की ठगी की गई है। ठग ने डीएम कार्यालय का कर्मी बनकर उनको फोन किया था।
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पीड़ित संजीव के अनुसार उनके ताऊ ओमवीर सिंह ने बंदूक के लाइसेंस के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन किया था, जिस पर उसका मोबाइल नंबर अंकित था। 22 दिसंबर को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम अनुराग बताते हुए स्वयं को जिलाधिकारी कार्यालय हाथरस का कर्मचारी बताया। आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने आवेदन शुल्क जमा कराने की बात कहकर मोबाइल पर एक बार कोड स्कैनर भेजा, जिस पर उसने 7500 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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स्कैनर पर भुगतान प्राप्तकर्ता का नाम अनूप कुमार अंकित था। इसके बाद जब वह अपने ताऊ के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा तो पता चला कि संबंधित आवेदन पर कोई शुल्क जमा नहीं हुआ है। अनुराग या अनूप कुमार नाम का कोई व्यक्ति कार्यालय में कार्यरत नहीं है। पीड़ित ने बताया कि इसके बाद आरोपी द्वारा कॉल का कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। पीड़ित के पास ठगी से संबंधित मोबाइल कॉल व भुगतान के स्क्रीन शॉट भी मौजूद हैं। कोतवाल योगेश कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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