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धोखाधड़ी के आरोप में बैंक मैनेजर, कर्मचारी सहित छह पर केस

Sat, 16 Jan 2021 01:23 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jan 2021 01:23 AM IST
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Case on six including bank manager, employee for fraud
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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कोतवाली हाथरस गेट में चार नामजदों के अलावा एक बैंक मैनेजर व कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें हतीसा निवासी व्यक्ति ने सासनी स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में साझीदार होने के नाम पर खेत पर लोन कराने और फिर उस लोन को जमा न करने का आरोप लगाया है। साथ ही दूसरे व्यक्ति को डायरेक्टर के पद पर रखने का आरोप भी लगाया गया है।
मथुरा रोड स्थित गांव हतीसा निवासी जयदेव प्रसाद पुत्र फतेहचंद्र की तहरीर के आधार पर सुभाषचंद्र शर्मा पुत्र रामचंद्र शर्मा निवासी बी-2 शांतिकुंज भैरों मंदिर के सामने हाथरस, राज वार्ष्णेय पुत्र दाऊदयाल गुप्ता, हलवाई खाना जैन गली छिपैटी हाथरस, तनिष्क सोनी, मीनू गुप्ता के अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर व कर्मचारी के खिलाफ कोतवाली हाथरस गेट में मुकदमा दर्ज हुआ है। जयदेव प्रसाद का आरोप है कि सात जनवरी 2019 को राज वार्ष्णेय उनके गांव हतीसा आया।
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राज ने जयदेव व उसके परिजनों को बताया कि उनके एक पुराने क्लाइंट सुभाषचंद्र वर्मा ने यूनियन बैंक की शाखा हाथरस से सासनी एग्रो फूड कॉरपोरेशन लिमिटेड का नगला बिजैया सासनी स्थित कोल्ड स्टोरेज को तीन करोड, 17 लाख, 35 हजार रुपये में नीलामी में खरीदा है। जिसकी मार्जिन मनी जमा हो चुकी है। उन पर पूरी धनराशि का इंतजाम नहीं है, इसलिए वे किसी को साझीदार बनाना चाहते हैं। यहां पर जयदेव प्रसाद को अच्छे मुनाफे का लालच देते हुए, कोल्ड स्टोरेज में साझीदार बनाने की बात कही।
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राज की बातों में वह आ गए और तीन-चार दिन बाद आने को कहा। लेकिन वह गए नहीं। करीब एक सप्ताह बाद राज अपने साथ सुभाषचंद्र व उसके नाती तनिष्क सोनी को अपने साथ लेकर जयदेव प्रसाद के घर पर पहुंच गए। यहां पर कोल्ड स्टोरेज में 40 प्रतिशत का साझीदार बनाने की बात कही। उनकी बातों में वह आ गए और जयदेव प्रसाद ने अपनी, अपने भतीजे धर्मेश शर्मा व पत्नी संगीता शर्मा की संपत्ति पर एक करोड़ 65 लाख रुपये का लोन कराकर दे दिया।

इसके बाद जयदेव को 40 प्रतिशत का शेयर होल्डर नहीं बनाया, केवल कंपनी में मात्र डायरेक्टर बनाया। कोल्ड स्टोरेज का व्यापार शुरू कर दिया। आरोप है कि इसकी सही जानकारी नहीं दी गई। कुछ दिनों बात उत्कर्ष को गलत तरीके से डायरेक्टर बना दिया गया और बैंक की लोन की किश्त भी अब नहीं दे रहे। जिस पर बैंक में बंधक संपत्ति को रिलीज कराने की कहने पर अब धमकी दी जा रही है। पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन में जुट गई है।
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