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प्रशासन को आया दुर्लभ हिरणों का ख्याल
अमर उजाला, हाथरस
Updated Fri, 23 Dec 2016 11:40 PM IST
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musk deer
- फोटो : amar ujala
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लंबे समय बाद जिला प्रशासन को सिकंदराराऊ के जंगलों में विचरण करने वाले दुर्लभ काले हिरणों का ख्याल आया है। तीन दिन पूर्व सिकंदराराऊ जनता दरबार में पहुंचे डीएम ने सिकंदराराऊ की शान बन चुके इन बेजुबानों के लिए कुछ समय निकाला। डीएम और एसपी पूरे अमले के साथ जंगलाें में पहुंचे और इन दुर्लभ बेजुबानों की गतिविधियों को अपनी नजरों में कैद किया।
तत्कालीन डीएम एके वर्मा के बाद अविनाशकृष्ण सिंह दूसरे ऐसे डीएम हैं, जोकि दुर्लभ हिरनों की गतिविधियां देखने पहुंचे। लंबे समय से इन बेजुबानों की देखभाल का जिम्मा संभाल रही वन्य जीव संरक्षण समिति भी डीएम की इस दिलचस्पी से काफी खुश है। समिति को उम्मीद है कि अब निश्चित रूप से प्रशासन इन बेजुबानों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए ठोस उपाय शुरू कराएगा।
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ‘अमर उजाला’ ने सिकंदराराऊ के गांव टटी डंडिया और ऐंचोला शहादतपुर के जंगलों में विचरण करने वाले दुर्लभ काले हिरण (चिंकारा) और हिरणों की अन्य प्रजातियों पर मंडरा रहे खतरे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था और बताया था कि हिरनों की यह दुर्लभ प्रजाति न केवल चारे-पानी के संकट से जूझ रही है, बल्कि शिकारियों के निशाने पर भी रहती है।
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अमर उजाला की पड़ताल में इन जंगलों में सफेद हिरन की मौजूदगी की भी पुष्टि हुई, जिसके बाद हालांकि वन विभाग ने इन बेजुबानों के लिए चारे-पानी का अस्थायी इंतजाम तो करा दिया, लेकिन यह व्यवस्था लंबे समय तक कायम नहीं रह सकी। अब तक वन्य जीव संरक्षण समिति ही स्थानीय लोगों की मदद से इन बेजुबानों की देखभाल का जिम्मा संभाले हुए है। समिति लंबे समय से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को भी इन बेजुबानों की देखभाल से जोड़ने के लिए प्रयासरत है।
समिति की कोशिश 20 दिसंबर को तब रंग लाई, जब डीएम अविनाशकृष्ण सिंह पूरे अमले के साथ सिकंदराराऊ के जंगलों में पहुंचे। उनके साथ एसपी दिलीप कुमार, डीएफओ मधुकर दयाल और अन्य अधिकारी भी थे। इन अधिकारियों ने उस पूरे इलाके का भ्रमण किया, जहां यह हिरन विचरण करते हैं। डीएम ने डीएफओ से कहा कि इन हिरनों की सुरक्षा और चारे-पानी का पूरा ध्यान रखा जाए।
वन विभाग को भी अब दुर्लभ हिरणों का ख्याल आ गया है। विभाग अब इन हिरणों के लिए संरक्षित क्षेत्र में तीन तालाबों की खुदाई करवा रहा है। वन्य जीव संरक्षण समिति के अध्यक्ष वीरपाल सिंह ने बताया कि इन तालाबों को नलकूपों की मदद से भरवाया जाएगा, जिससे यहां विचरण करने वाले हिरनों की प्यास बुझाने के लिए पानी का इंतजाम हो सके। वन विभाग का कहना है कि यह काम जल्द ही पूरा हो जाएगा। गर्मी के मौसम में इन तालाबों को समय-समय पर भरवाने का इंतजाम किया जाएगा। तालाबों के आसपास वन रक्षकों का पहरा भी रहेगा।
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तत्कालीन डीएम एके वर्मा के बाद अविनाशकृष्ण सिंह दूसरे ऐसे डीएम हैं, जोकि दुर्लभ हिरनों की गतिविधियां देखने पहुंचे। लंबे समय से इन बेजुबानों की देखभाल का जिम्मा संभाल रही वन्य जीव संरक्षण समिति भी डीएम की इस दिलचस्पी से काफी खुश है। समिति को उम्मीद है कि अब निश्चित रूप से प्रशासन इन बेजुबानों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए ठोस उपाय शुरू कराएगा।
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गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ‘अमर उजाला’ ने सिकंदराराऊ के गांव टटी डंडिया और ऐंचोला शहादतपुर के जंगलों में विचरण करने वाले दुर्लभ काले हिरण (चिंकारा) और हिरणों की अन्य प्रजातियों पर मंडरा रहे खतरे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था और बताया था कि हिरनों की यह दुर्लभ प्रजाति न केवल चारे-पानी के संकट से जूझ रही है, बल्कि शिकारियों के निशाने पर भी रहती है।
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अमर उजाला की पड़ताल में इन जंगलों में सफेद हिरन की मौजूदगी की भी पुष्टि हुई, जिसके बाद हालांकि वन विभाग ने इन बेजुबानों के लिए चारे-पानी का अस्थायी इंतजाम तो करा दिया, लेकिन यह व्यवस्था लंबे समय तक कायम नहीं रह सकी। अब तक वन्य जीव संरक्षण समिति ही स्थानीय लोगों की मदद से इन बेजुबानों की देखभाल का जिम्मा संभाले हुए है। समिति लंबे समय से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को भी इन बेजुबानों की देखभाल से जोड़ने के लिए प्रयासरत है।
समिति की कोशिश 20 दिसंबर को तब रंग लाई, जब डीएम अविनाशकृष्ण सिंह पूरे अमले के साथ सिकंदराराऊ के जंगलों में पहुंचे। उनके साथ एसपी दिलीप कुमार, डीएफओ मधुकर दयाल और अन्य अधिकारी भी थे। इन अधिकारियों ने उस पूरे इलाके का भ्रमण किया, जहां यह हिरन विचरण करते हैं। डीएम ने डीएफओ से कहा कि इन हिरनों की सुरक्षा और चारे-पानी का पूरा ध्यान रखा जाए।
वन विभाग को भी अब दुर्लभ हिरणों का ख्याल आ गया है। विभाग अब इन हिरणों के लिए संरक्षित क्षेत्र में तीन तालाबों की खुदाई करवा रहा है। वन्य जीव संरक्षण समिति के अध्यक्ष वीरपाल सिंह ने बताया कि इन तालाबों को नलकूपों की मदद से भरवाया जाएगा, जिससे यहां विचरण करने वाले हिरनों की प्यास बुझाने के लिए पानी का इंतजाम हो सके। वन विभाग का कहना है कि यह काम जल्द ही पूरा हो जाएगा। गर्मी के मौसम में इन तालाबों को समय-समय पर भरवाने का इंतजाम किया जाएगा। तालाबों के आसपास वन रक्षकों का पहरा भी रहेगा।