अधूरे ओवरब्रिज पर तीसरा हादसा: गूगल मैप से अवरोधक से जा टकराई कार, बरेली का व्यक्ति घायल
कार सवार अरविंद कुमार, देवसरा थाना भामौरा बरेली के रहने वाले हैं। वह 30 दिसंबर रात बरेली से मथुरा जिले के बरसाना में भंडारे में जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने नेवीगेशन एप गूगल लगाया हुआ था। रात करीब साढ़े 11 बजे इसके सहारे उनकी कार कस्बा मेंडू से गांव वाहनपुर के बीच अधूरे पुल पर चढ़ गई।
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गूगल मैप की वजह से मथुरा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कस्बा मेंडू से वाहनपुर के बीच पड़ने वाले अधूरे ओवरब्रिज पर लगातार हादसे हो रहे हैं। 30 दिसंबर की रात गूगल मैप ने बरेली से मथुरा जा रही एक कार को अधूरे पुल पर चढ़ा दिया और आगे जाकर कार अवरोधक से टकरा गई। कार सवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां से परिजन उन्हें बरेली ले गए।
कार सवार अरविंद कुमार, देवसरा थाना भामौरा बरेली के रहने वाले हैं। वह 30 दिसंबर रात बरेली से मथुरा जिले के बरसाना में भंडारे में जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने नेवीगेशन एप गूगल लगाया हुआ था। रात करीब साढ़े 11 बजे इसके सहारे उनकी कार कस्बा मेंडू से गांव वाहनपुर के बीच अधूरे पुल पर चढ़ गई। पुल पर कुछ देर चलने के बाद अचानक उनकी कार मिट्टी के टीले से जाकर टकरा गई। जिससे वह घायल हो गए। उन्हें बागला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से परिजन उन्हें बरेली वापस ले गए। वहां निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
महज संकेतक लगाकर रोके जा सकते हैं हादसे
गूगल मैप के जरिये दिखाए जाने वाले रास्ते पर अवरोधक होने के चलते मथुरा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हादसे हो रहे हैं। इसके लिए एनएचएआई व गूगल मैप को दोषी माना जा सकता है, लेकिन इस समस्या का निस्तारण इतना मुश्किल नहीं है, जितना एनएचएआई ने बना रखा है। मथुरा की ओर से मेंडू व बरेली की ओर से वाहनपुर पर मार्ग परिवर्तन का संकेतक लगाने से इस तरह के हादसे रुक सकते हैं, लेकिन न तो जिला प्रशासन और न हीं एनएचएआई के अधिकारी इस पर ध्यान दे रहे हैं, जबकि इसके लिए ज्यादा बजट की भी जरूरत नहीं है।
हाईटेंशन विद्युत लाइन के शिफ्ट होने का हो रहा इंतजार
मेंडू से वाहनपुर के बीच के रास्ते पर दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक के पुल हैं। इस पुल के निकट से होकर गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन के ओवरब्रिज की सड़क की सतह से काफी नीचा होने के चलते रास्ते को मिट्टी व पत्थर आदि डालकर बंद कर दिया गया है। विद्युत लाइन शिफ्ट हो तो पुल पर आवागमन सुचारू हो सकता है। इसके लिए एनएचएआई व विद्युत अधिकारियों के बीच वार्ता जारी है। जब तक लाइन की शिफ्टिंग नहीं हो जाती, तब तक इस मार्ग पर इस तरह के हादसों का डर रहेगा।
नहीं उठाया कदम तो घातक साबित होगा कोहरा। मेंडू से वाहनपुर तक के करीब चार किलोमीटर के रास्ते को लेकर अगर जल्द ही सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए तो कोहरे के समय यह घातक साबित हो सकता है। कोहरे के समय एक के पीछे एक वाहनों के चलने की व्यवस्था में यहां एक साथ कई वाहन व वाहन चालकों को नुकसान झेलना पड़ेगा। वहीं जिला प्रशासन को भी एक बड़ा सड़क हादसा अपने खाते में दर्ज करना पड़ेगा, खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ेगा।
लगातार गूगल मैप को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, लेकिन क्या कंप्यूटर इंसान से बढ़कर है। बहुत छोटी सी समस्या है। इसका निस्तारण आसानी से किया जा सकता है। कुछ एक संकेतक लगाने हैं, जिसके बाद वाहन चालक खुद ही अपना रास्ता बदल लेंगे। -रितेश सारस्वत निवासी कैलोरा हाथरस जंक्शन।
गूगल मैप नेविगेशन का हम काफी सहारा लेते हैं, लेकिन यहां कुछ कन्फ्यूजन था तो कुछ वाहन चालकों से जानकारी ली, लेकिन वह भी इसी रास्ते पर आ गए तो हम भी इसी रास्ते पर चल दिए और दुर्घटना हो गई। अब वापस जाना पड़ेगा।-आकाश, निवासी बरेली, कार चालक
एनएचएआई सहित कार्यदायी संस्थाओं को जिन-जिन स्थलों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां दो दिन में संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया जा रहा है। ज्यादातर जगह संकेतक लगा दिए गए हैं। अगर मेंडू व हाथरस जंक्शन के बीच पुल पर संकेतक नहीं लगे हैं तो संकेतक लगवाए जाएंगे। -राहुल पांडेय, डीएम।