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नफरत फैलाकर नहीं जीत सकते चुनाव
hathras
Updated Mon, 09 Nov 2015 12:14 AM IST
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हाथरस। सिने अभिनेता रजा मुराद ने कहा कि बिहार चुनाव के नतीजों से साबित
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हो गया है कि नफरत फैलाकर कोई चुनाव नहीं जीता जा सकता। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी तो अच्छे कैप्टन हैं, लेकिन उनकी टीम अच्छी नहीं है। वो काम
करना चाहते हैं, लेकिन बहुत कम लोग हैं, जो जनता के बीच की हकीकत उन तक
पहुंचाते हैं। इमरजेंसी में इंदिरा गांधी के साथ भी ऐसा ही हुआ।
यहां एक स्कूल के कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए मुराद असहिष्णुता पर भी खुलकर बोले। कहा कि हमारे मुल्क की जनता से ज्यादा सहिष्णु दुनिया में कोई नहीं है। कुछ मुट्ठी भर लोग पूरे माहौल को खराब कर रहे हैं। अगर मजहब के नाम पर नफरत होती तो सलमान, शाहरुख और आमिर खान इतने बड़े स्टार नहीं होते। मजहबी एकता हमारा कल्चर है। कुछ लोगों की दुकान में केवल नफरत का सामान ही मिलता है। जनता ने नफरत करने वालों को नकार दिया है। शाहरुख खान जैसे स्टार को देशद्रोही कहना संगीन अपराध है। इससे बड़ी किसी के लिए गाली नहीं हो सकती। आरोप लगाने वाले या तो इन्हें साबित करें या अपने मुंह पर ताला लगा लें। किसी का चरित्र हनन करने का हक उन्हें कतई नहीं है।
उन्होंने कहा कि असहिष्णुता के मुद्दे पर अवॉर्ड लौटाने वाले सभी अल्पसंख्यक नहीं हैं। यकीनन वो मुल्क के हालात से बेहद आहत हुए हैं। तभी उन्होंने ऐसा किया है। अनुपम खेर के मार्च पर बोले कि मुंबई में एसी कमरे में बैठकर हालात को ठीक बताना सही नहीं है। उन्होंने ऐसे लोगों के लिए ऐ मौजे बला कभी उनको भी दो-चार थपेड़े हल्के दे, कुछ लोग अभी भी साहिल से तूफां का नजारा करते हैं, शेर भी पढ़ा। बोले कि जो लोग कश्मीरी पंडितों का उदाहरण देते हैं तो वे यह बताएं कि उन्होंने उनके पुनर्स्थापना के लिए क्या किया। बीफ मुद्दे पर कहा कि हिंदू भाइयों के जज्बात की कद्र करनी चाहिए और गोमांस बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। गो हत्या बिल्कुल बंद होनी चाहिए।
यहां एक स्कूल के कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए मुराद असहिष्णुता पर भी खुलकर बोले। कहा कि हमारे मुल्क की जनता से ज्यादा सहिष्णु दुनिया में कोई नहीं है। कुछ मुट्ठी भर लोग पूरे माहौल को खराब कर रहे हैं। अगर मजहब के नाम पर नफरत होती तो सलमान, शाहरुख और आमिर खान इतने बड़े स्टार नहीं होते। मजहबी एकता हमारा कल्चर है। कुछ लोगों की दुकान में केवल नफरत का सामान ही मिलता है। जनता ने नफरत करने वालों को नकार दिया है। शाहरुख खान जैसे स्टार को देशद्रोही कहना संगीन अपराध है। इससे बड़ी किसी के लिए गाली नहीं हो सकती। आरोप लगाने वाले या तो इन्हें साबित करें या अपने मुंह पर ताला लगा लें। किसी का चरित्र हनन करने का हक उन्हें कतई नहीं है।
उन्होंने कहा कि असहिष्णुता के मुद्दे पर अवॉर्ड लौटाने वाले सभी अल्पसंख्यक नहीं हैं। यकीनन वो मुल्क के हालात से बेहद आहत हुए हैं। तभी उन्होंने ऐसा किया है। अनुपम खेर के मार्च पर बोले कि मुंबई में एसी कमरे में बैठकर हालात को ठीक बताना सही नहीं है। उन्होंने ऐसे लोगों के लिए ऐ मौजे बला कभी उनको भी दो-चार थपेड़े हल्के दे, कुछ लोग अभी भी साहिल से तूफां का नजारा करते हैं, शेर भी पढ़ा। बोले कि जो लोग कश्मीरी पंडितों का उदाहरण देते हैं तो वे यह बताएं कि उन्होंने उनके पुनर्स्थापना के लिए क्या किया। बीफ मुद्दे पर कहा कि हिंदू भाइयों के जज्बात की कद्र करनी चाहिए और गोमांस बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। गो हत्या बिल्कुल बंद होनी चाहिए।
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