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सूदखोरों से तंग आकर व्यापारी ने की खुदकुशी
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---अन्य केंद्र----
सूदखोरों से तंग आकर व्यापारी ने की खुदकुशी
मरने से पहले दोनों मासूम बेटों के हाथ की नस भी काटी
परिजनों के आने से बच गई बच्चों की जान
मृतक ने ब्याज पर मोटी रकम कर्ज के रूप में ले रखी थी
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, सिकंदराराऊ (हाथरस)
सिकंदराराऊ (हाथरस)। नगर के मोहल्ला रोशनगंज में शुक्रवार की दोपहर को एक युवा जूता व्यापारी का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। परिजनों का कहना है कि सूदखोरों के दबाव से तंग आकर व्यापारी ने आत्महत्या की है। गुरुवार की रात को आत्महत्या से पूर्व उसने अपने दो बच्चों की हाथ की नस काटकर उन्हें भी मौत की नींद सुलाने की कोशिश की, लेकिन पत्नी के प्रयास से बच्चेेेे तो इलाज के बाद बच गए, लेकिन खुद नहीं बच सका।
जानकारी के अनुसार सतीशचंद्र (35 वर्ष) पुत्र बाबूलाल उर्फ बब्बू की नगर के तिराहा बाजार पर जूते की दुकान थी। सतीश ने सूदखोरों से लाखों की रकम ब्याज पर कर्ज के रूप में ले रखी थी। धीरे-धीरे कर्ज का पैसा बढ़ता गया। ब्याज में ही प्रतिदिन सूदखोर पूरी बिक्री की रकम ले जाते थे। इससे सतीश बेहद परेशान और तनाव में रहने लगा। तनाव इतना ज्यादा बढ़ा कि उसने जान देने का मन बना लिया। उसके पीछे परिवार का क्या होगा, यह सोचकर उसने गुरुवार की रात को अपने पांच और छह वर्षीय दो बेटों के हाथ की नस काट दी।
बच्चों के हाथ से खून बहता देख सतीश की पत्नी ने शोर मचाया तो घर वालेे आ गए। इधर, सतीश ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। रात में ही बच्चों को चिकित्सक के पास ले जाया गया। जहां कि बच्चों की मरहम पट्टी की गई। सतीश कमरे में ही बंद रहा। शुक्रवार की दोपहर तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने किवाड़ें तोड़ दीं। अंदर का दृश्य देखकर उनकी चीख निकल गई। अंदर सतीश का शव धोती के फंदे से छत पर लटका हुआ था। युवा की मौत से मोहल्ले में हाहाकार मच गया। मौके पर पुलिस पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के भाई प्रदीप कुमार द्वारा दी गई तहरीर में कर्जदारों द्वारा अत्यधिक परेशान करने का जिक्र किया गया है।
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सूदखोरों से तंग आकर व्यापारी ने की खुदकुशी
मरने से पहले दोनों मासूम बेटों के हाथ की नस भी काटी
परिजनों के आने से बच गई बच्चों की जान
मृतक ने ब्याज पर मोटी रकम कर्ज के रूप में ले रखी थी
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, सिकंदराराऊ (हाथरस)
सिकंदराराऊ (हाथरस)। नगर के मोहल्ला रोशनगंज में शुक्रवार की दोपहर को एक युवा जूता व्यापारी का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। परिजनों का कहना है कि सूदखोरों के दबाव से तंग आकर व्यापारी ने आत्महत्या की है। गुरुवार की रात को आत्महत्या से पूर्व उसने अपने दो बच्चों की हाथ की नस काटकर उन्हें भी मौत की नींद सुलाने की कोशिश की, लेकिन पत्नी के प्रयास से बच्चेेेे तो इलाज के बाद बच गए, लेकिन खुद नहीं बच सका।
जानकारी के अनुसार सतीशचंद्र (35 वर्ष) पुत्र बाबूलाल उर्फ बब्बू की नगर के तिराहा बाजार पर जूते की दुकान थी। सतीश ने सूदखोरों से लाखों की रकम ब्याज पर कर्ज के रूप में ले रखी थी। धीरे-धीरे कर्ज का पैसा बढ़ता गया। ब्याज में ही प्रतिदिन सूदखोर पूरी बिक्री की रकम ले जाते थे। इससे सतीश बेहद परेशान और तनाव में रहने लगा। तनाव इतना ज्यादा बढ़ा कि उसने जान देने का मन बना लिया। उसके पीछे परिवार का क्या होगा, यह सोचकर उसने गुरुवार की रात को अपने पांच और छह वर्षीय दो बेटों के हाथ की नस काट दी।
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बच्चों के हाथ से खून बहता देख सतीश की पत्नी ने शोर मचाया तो घर वालेे आ गए। इधर, सतीश ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। रात में ही बच्चों को चिकित्सक के पास ले जाया गया। जहां कि बच्चों की मरहम पट्टी की गई। सतीश कमरे में ही बंद रहा। शुक्रवार की दोपहर तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने किवाड़ें तोड़ दीं। अंदर का दृश्य देखकर उनकी चीख निकल गई। अंदर सतीश का शव धोती के फंदे से छत पर लटका हुआ था। युवा की मौत से मोहल्ले में हाहाकार मच गया। मौके पर पुलिस पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के भाई प्रदीप कुमार द्वारा दी गई तहरीर में कर्जदारों द्वारा अत्यधिक परेशान करने का जिक्र किया गया है।
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