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फसलों के साथ-साथ लोगों की भी जान से दुश्मन बने हैं आवारा गोवंश
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शहर में घूमते आवारा गोवंश।
- फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
आवारा गोवंश इस समय फसलों के साथ-साथ लोगों की जान के भी दुश्मन बने हुए हैं लेकिन स्थानीय प्रशासन को इसकी सुध नहीं है। प्रशासन ने दर्जनों गोशालाएं खुलवा दी लेकिन इसके बाद भी आवारा गोवंश लोगों की जान ले रहे हैं।
आवारा गोवंशों की वजह से अक्सर सड़क हादसे होते हैं और यहीं गोवंश किसानों की फसल बर्बाद करते हैं। गोवंशों के लिए सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने काफी ग्राम पंचायतों में गोशालाएं बनवाई। सासनी में तो पराग डेयरी फॉर्म हाउस को अस्थायी गोशाला में तब्दील कर दिया। इन गोशालाओं पर काफी रुपया खर्च किया गया लेकिन इनकी देखभाल नहीं हो पा रही और नहीं इन तक आवारा गोवंश पहुंचाए जा रहे।
ऐसे में आवारा गोवंश फसलों के साथ-साथ किसानों की जान के भी दुश्मन बन गए हैं। चार दिन पहले मुरसान के गाव सुसावली में काफी फसल गोवंशों ने नष्ट कर दी थी। जुलाई के माह में सहपऊ के गांव बागपुर में एक किसान पर आवारा सांड़ ने हमला कर दिया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। वहीं इसी क्षेत्र के गांव मढापिथू में भी एक महिला को घायल कर दिया था। सादाबाद के गांव घाटमपुर में चार माह पहले एक युवक को सांड ने हमले में घायल कर दिया था। इस तरह की कई और घटनाएं हो चुकी हैं।
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आवारा गोवंश इस समय फसलों के साथ-साथ लोगों की जान के भी दुश्मन बने हुए हैं लेकिन स्थानीय प्रशासन को इसकी सुध नहीं है। प्रशासन ने दर्जनों गोशालाएं खुलवा दी लेकिन इसके बाद भी आवारा गोवंश लोगों की जान ले रहे हैं।
आवारा गोवंशों की वजह से अक्सर सड़क हादसे होते हैं और यहीं गोवंश किसानों की फसल बर्बाद करते हैं। गोवंशों के लिए सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने काफी ग्राम पंचायतों में गोशालाएं बनवाई। सासनी में तो पराग डेयरी फॉर्म हाउस को अस्थायी गोशाला में तब्दील कर दिया। इन गोशालाओं पर काफी रुपया खर्च किया गया लेकिन इनकी देखभाल नहीं हो पा रही और नहीं इन तक आवारा गोवंश पहुंचाए जा रहे।
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ऐसे में आवारा गोवंश फसलों के साथ-साथ किसानों की जान के भी दुश्मन बन गए हैं। चार दिन पहले मुरसान के गाव सुसावली में काफी फसल गोवंशों ने नष्ट कर दी थी। जुलाई के माह में सहपऊ के गांव बागपुर में एक किसान पर आवारा सांड़ ने हमला कर दिया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। वहीं इसी क्षेत्र के गांव मढापिथू में भी एक महिला को घायल कर दिया था। सादाबाद के गांव घाटमपुर में चार माह पहले एक युवक को सांड ने हमले में घायल कर दिया था। इस तरह की कई और घटनाएं हो चुकी हैं।
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