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Hathras News: धूप की कम खुराक से चरमरा रहीं हड्डियां
Fri, 23 Oct 2026 01:15 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 23 Oct 2026 01:15 AM IST
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जिला अस्पताल में ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की लाइन। संवाद
- फोटो : Samvad
हाथरस। धूप से दूरी और बिगड़ी खानपान की आदतें अब लोगों की हड्डियों पर भारी पड़ने लगी हैं। जिला अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में पहुंच रहे हर चौथे मरीज में विटामिन-डी की कमी सामने आ रही है। कमर और जोड़ों के दर्द से लेकर मांसपेशियों में खिंचाव तक की शिकायतें बढ़ रही हैं। तीन दिन में हुई 67 लोगों की जांच में 18 में विटामिन-डी का स्तर कम मिला।
जिला अस्पताल के कक्ष संख्या सात में बृहस्पतिवार को सुबह 11:30 बजे मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। फिजीशियन के बाद हड्डी रोग विशेषज्ञ के कक्ष पर सबसे अधिक भीड़ थी। करीब 35 मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इनमें 14 मरीज फ्रैक्चर और चोट से संबंधित थे, जबकि बाकी कमर, घुटने और जोड़ों के दर्द से परेशान थे। हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में पूरे दिन 275 मरीज पहुंचे।
सामान्य मात्रा 30, जांच में मिला छह
नवल नगर निवासी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि कई दिनों से जोड़ों में दर्द और शरीर में अकड़न की समस्या थी। खून की जांच कराने पर विटामिन-डी का स्तर छह नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर मिला, जबकि यह 30 होनी चाहिए थी।
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बढ़ सकता है ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपाल वर्मा ने बताया कि कमर और जोड़ों के दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों में विटामिन-डी की कमी मिल रही है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि सोमवार से बुधवार तक 67 लोगों की जांच में 18 में विटामिन-डी का स्तर कम मिला। इनमें सात का स्तर 10 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर से भी नीचे पाया गया।
इन कारणों से घट रहा विटामिन-डी
धूप की कमी : अधिकांश लोग दिन का ज्यादातर समय बंद कमरों या दफ्तरों में बिताते हैं, जिससे उन्हें पर्याप्त प्राकृतिक धूप नहीं मिल पाती।
खान-पान में बदलाव : फास्ट फूड, जंक फूड और पौष्टिक आहार (दूध, दही, पनीर आदि) का कम सेवन करना।
मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता : शारीरिक गतिविधि न करने और वजन बढ़ने से भी शरीर में विटामिन-डी का अवशोषण प्रभावित होता है।
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जिला अस्पताल के कक्ष संख्या सात में बृहस्पतिवार को सुबह 11:30 बजे मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। फिजीशियन के बाद हड्डी रोग विशेषज्ञ के कक्ष पर सबसे अधिक भीड़ थी। करीब 35 मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इनमें 14 मरीज फ्रैक्चर और चोट से संबंधित थे, जबकि बाकी कमर, घुटने और जोड़ों के दर्द से परेशान थे। हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में पूरे दिन 275 मरीज पहुंचे।
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सामान्य मात्रा 30, जांच में मिला छह
नवल नगर निवासी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि कई दिनों से जोड़ों में दर्द और शरीर में अकड़न की समस्या थी। खून की जांच कराने पर विटामिन-डी का स्तर छह नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर मिला, जबकि यह 30 होनी चाहिए थी।
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बढ़ सकता है ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपाल वर्मा ने बताया कि कमर और जोड़ों के दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों में विटामिन-डी की कमी मिल रही है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि सोमवार से बुधवार तक 67 लोगों की जांच में 18 में विटामिन-डी का स्तर कम मिला। इनमें सात का स्तर 10 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर से भी नीचे पाया गया।
इन कारणों से घट रहा विटामिन-डी
धूप की कमी : अधिकांश लोग दिन का ज्यादातर समय बंद कमरों या दफ्तरों में बिताते हैं, जिससे उन्हें पर्याप्त प्राकृतिक धूप नहीं मिल पाती।
खान-पान में बदलाव : फास्ट फूड, जंक फूड और पौष्टिक आहार (दूध, दही, पनीर आदि) का कम सेवन करना।
मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता : शारीरिक गतिविधि न करने और वजन बढ़ने से भी शरीर में विटामिन-डी का अवशोषण प्रभावित होता है।