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काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन घरों पर भी लगाए काले झंडे
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Mon, 17 Sep 2018 11:41 PM IST
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पुरानी कलेक्ट्रेट पर काली पट्टी बांधकर प्रधानमंत्री के जन्म दिन को काला दिवस के रूप में मनाते सवर्ण समाज के लोग।
- फोटो : Amar Ujala
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पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को काला दिवस के रूप में मनाने की घोषणा को लेकर सोमवार को पुलिस प्रशासन बेहद सतर्क रहा। ऐसे में कोई बड़ा प्रदर्शन तो नहीं किया लेकिन कुछ युवकों ने पुरानी कलेक्ट्रेट में काली पट्टी बांधकर नारेबाजी की। एससी-एसटी एक्ट के विरोध में गांव सोखना में कुछ लोगों ने काले झंडे लेकर नारेबाजी की।
उल्लेखनीय है कि गांव सोखना में एक पंचायत में एससी-एसटी एक्ट में संशोधन, महंगाई आदि के विरोध में पीएम नरेंद्र मोदी का जन्मदिन काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसे लेकर तालाब चौराहे पर प्रदर्शन भी किया जाएगा। ऐसे में पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया।
परिणामस्वरूप शहर के किसी बाजार में तो कुछ प्रदर्शन नहीं हुआ लेकिन कुछ लोगों ने काली पट्टी बांधकर पुरानी कलेक्ट्रेट में जरूर प्रदर्शन किया। कुछ लोगों ने सोखना गांव में काले झंडे के साथ प्रदर्शन किया और अपने घरों पर झंडे भी लगाए।
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इन लोगों का कहना था कि सरकार लगातार सवर्ण व पिछड़ा वर्ग के लोगों को परेशान कर रही है। महंगाई इस समय चरम पर है। सरकार ने यदि अपनी नीतियां नहीं बदली तो उस अगले चुनाव में इसका परिणाम भोगना होगा। प्रदर्शनकारियों में नीरज कुमार, सुशील कुमार, सेवती लाल, रामवीर सिंह, प्रवेश शर्मा, मोहित सिंह, माधौ सिंह, कोमल सिंह, रामकुमार सिंह आदि थे।
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उल्लेखनीय है कि गांव सोखना में एक पंचायत में एससी-एसटी एक्ट में संशोधन, महंगाई आदि के विरोध में पीएम नरेंद्र मोदी का जन्मदिन काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसे लेकर तालाब चौराहे पर प्रदर्शन भी किया जाएगा। ऐसे में पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया।
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परिणामस्वरूप शहर के किसी बाजार में तो कुछ प्रदर्शन नहीं हुआ लेकिन कुछ लोगों ने काली पट्टी बांधकर पुरानी कलेक्ट्रेट में जरूर प्रदर्शन किया। कुछ लोगों ने सोखना गांव में काले झंडे के साथ प्रदर्शन किया और अपने घरों पर झंडे भी लगाए।
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इन लोगों का कहना था कि सरकार लगातार सवर्ण व पिछड़ा वर्ग के लोगों को परेशान कर रही है। महंगाई इस समय चरम पर है। सरकार ने यदि अपनी नीतियां नहीं बदली तो उस अगले चुनाव में इसका परिणाम भोगना होगा। प्रदर्शनकारियों में नीरज कुमार, सुशील कुमार, सेवती लाल, रामवीर सिंह, प्रवेश शर्मा, मोहित सिंह, माधौ सिंह, कोमल सिंह, रामकुमार सिंह आदि थे।