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Hathras News: बड़ा खुलासा...वक्फ रिकार्ड में दर्ज 626 संपत्तियों में 419 निकली सरकारी
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वक्फ संपत्तियों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जिले में वक्फ के नाम दर्ज 626 संपत्तियों में 419 सरकारी निकली है, जिनका कुल क्षेत्रफल 46 हेक्टेयर बैठ रहा है। सदर तहसील में तो चकरोड तक की जमीन को वक्फ ने अपने नाम दर्ज कर लिया। नजूल, वन विभाग, सार्वजनिक उपयोग आदि की भी जमीन भी वक्फ बोर्ड दबाए बैठा है। पूरी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने लखनऊ वक्फ बोर्ड से दफा 37 रजिस्टर व वफ्क गजट 1986 के रिकॉर्ड एकत्रित किया। इसमें जिले में 626 वक्फ संपत्तियां दर्शाई गईं थीं। इसके बाद इन संपत्तियों का तहसील की टीमों ने राजस्व अभिलेखों से मिलान किया। इनमें जो सरकारी संपत्तियां वक्फ रिकॉर्ड में दर्ज थीं, राजस्व अभिलेखों में वह ग्राम समाज, सार्वजनिक उपक्रम व उपयोग, नजूल, राजकीय आस्थान, नगर निकाय, लोक निमार्ण विभाग, सिंचाई विभाग, वन विभाग सहित अन्य विभागों की सरकारी भूमि शामिल है।
इन जमीनों का वक्फ से संबंधित कोई रिकॉर्ड राजस्व अभिलेख में नहीं मिला है। इस मामले में सोमवार को लखनऊ में बैठक होनी है, जिसमें वक्फ संपत्तियों पर कोई बड़ा फैसला हो सकता है।
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शासन को भेजी गई रिपोर्ट
तहसील वक्फ का दावा सरकारी संपत्तियां क्षेत्रफल
हाथरस-- 185 157 -- 17.5681
सासनी-- 92 -- 87 -- 9.076
सादाबाद-- 144 -- 76 -- 7.657
सिकंदराराऊ-- 205 -- 99 -- 11.8958
कुल-- 626 -- 419 -- 46.1969
(क्षेत्रफल हेक्टेयर में)
बयान-- -- -
शासन की ओर से वक्फ संपत्तियों के सत्यापन की रिपोर्ट मांगी गई थी। वक्फ बोर्ड से मिले ब्योरे को तहसीलों पर भेज कर सत्यापन कराया गया। इसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई है। जिस प्रारुप पर रिपोर्ट मांगी थी, उसी पर भेजी गई हैं। राजस्व अभिलेखों में दर्ज ग्राम समाज व अन्य सरकारी विभागों की जमीनें भी वक्फ बोर्ड के रजिस्टर में दर्ज थीं।
-जहीर अब्बास, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।
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जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने लखनऊ वक्फ बोर्ड से दफा 37 रजिस्टर व वफ्क गजट 1986 के रिकॉर्ड एकत्रित किया। इसमें जिले में 626 वक्फ संपत्तियां दर्शाई गईं थीं। इसके बाद इन संपत्तियों का तहसील की टीमों ने राजस्व अभिलेखों से मिलान किया। इनमें जो सरकारी संपत्तियां वक्फ रिकॉर्ड में दर्ज थीं, राजस्व अभिलेखों में वह ग्राम समाज, सार्वजनिक उपक्रम व उपयोग, नजूल, राजकीय आस्थान, नगर निकाय, लोक निमार्ण विभाग, सिंचाई विभाग, वन विभाग सहित अन्य विभागों की सरकारी भूमि शामिल है।
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इन जमीनों का वक्फ से संबंधित कोई रिकॉर्ड राजस्व अभिलेख में नहीं मिला है। इस मामले में सोमवार को लखनऊ में बैठक होनी है, जिसमें वक्फ संपत्तियों पर कोई बड़ा फैसला हो सकता है।
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शासन को भेजी गई रिपोर्ट
तहसील वक्फ का दावा सरकारी संपत्तियां क्षेत्रफल
हाथरस
सासनी
सादाबाद
सिकंदराराऊ
कुल
(क्षेत्रफल हेक्टेयर में)
बयान
शासन की ओर से वक्फ संपत्तियों के सत्यापन की रिपोर्ट मांगी गई थी। वक्फ बोर्ड से मिले ब्योरे को तहसीलों पर भेज कर सत्यापन कराया गया। इसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई है। जिस प्रारुप पर रिपोर्ट मांगी थी, उसी पर भेजी गई हैं। राजस्व अभिलेखों में दर्ज ग्राम समाज व अन्य सरकारी विभागों की जमीनें भी वक्फ बोर्ड के रजिस्टर में दर्ज थीं।
-जहीर अब्बास, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।