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Hathras News: पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ाने के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
Tue, 03 Nov 2026 01:14 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 03 Nov 2026 01:14 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : ARchive
हाथरस। सादाबाद क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से कार चढ़ाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-1 संगीता शर्मा की अदालत ने तीनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत ने आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास और अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया।
सादाबाद के ऊंचागांव चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार नौ अक्तूबर को ब्रज पेट्रोल पंप के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि राया की तरफ से आ रही एक लाल रंग की टाटा एल्ट्रोज कार में संदिग्ध लोग सवार हैं। पुलिस के गाड़ी रोकने का इशारा करने पर चालक ने गति धीमी की, लेकिन कार में बैठे अन्य लोगों ने पुलिस का हवाला देते हुए कार भगाने के लिए कहा।
इसके बाद चालक ने जान से मारने की नीयत से तेज रफ्तार में कार पुलिसकर्मियों के ऊपर चढ़ा दी, जिससे चौकी प्रभारी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस बल ने पीछा कर घेराबंदी करते हुए कार समेत तीनों आरोपियों को मौके से दबोच लिया।
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पुलिस ने समदपुर के हिमांशु चौधरी, नगला सौरेया के अभिषेक उर्फ अजय व विष्णु को गिरफ्तार किया। अभियोजन पक्ष ने बताया कि आरोपियों का एक विस्तृत आपराधिक इतिहास रहा है। मुख्य आरोपी हिमांशु चौधरी पर सादाबाद और सहपऊ थानों में हत्या की कोशिश, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और मारपीट के करीब 13 मुकदमे दर्ज हैं। अभिषेक उर्फ अजय पर आगरा और सादाबाद में लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट और गंभीर मारपीट के नौ मुकदमे और विष्णु पर भी गंभीर धाराओं में तीन मुकदमे दर्ज हैं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक का प्रावधान है, उनमें जमानत याचिकाओं का निस्तारण गुण-दोष के आधार पर किया जाता है। चूंकि अपराध गंभीर प्रकृति का है और मामले की विवेचना प्रचलित है, इसलिए अदालत ने अभियुक्त हिमांशु चौधरी, विष्णु और अभिषेक उर्फ अजय के जमानत प्रार्थना पत्रों को पर्याप्त आधार न मानते हुए खारिज कर दिया।
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सादाबाद के ऊंचागांव चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार नौ अक्तूबर को ब्रज पेट्रोल पंप के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि राया की तरफ से आ रही एक लाल रंग की टाटा एल्ट्रोज कार में संदिग्ध लोग सवार हैं। पुलिस के गाड़ी रोकने का इशारा करने पर चालक ने गति धीमी की, लेकिन कार में बैठे अन्य लोगों ने पुलिस का हवाला देते हुए कार भगाने के लिए कहा।
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इसके बाद चालक ने जान से मारने की नीयत से तेज रफ्तार में कार पुलिसकर्मियों के ऊपर चढ़ा दी, जिससे चौकी प्रभारी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस बल ने पीछा कर घेराबंदी करते हुए कार समेत तीनों आरोपियों को मौके से दबोच लिया।
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पुलिस ने समदपुर के हिमांशु चौधरी, नगला सौरेया के अभिषेक उर्फ अजय व विष्णु को गिरफ्तार किया। अभियोजन पक्ष ने बताया कि आरोपियों का एक विस्तृत आपराधिक इतिहास रहा है। मुख्य आरोपी हिमांशु चौधरी पर सादाबाद और सहपऊ थानों में हत्या की कोशिश, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और मारपीट के करीब 13 मुकदमे दर्ज हैं। अभिषेक उर्फ अजय पर आगरा और सादाबाद में लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट और गंभीर मारपीट के नौ मुकदमे और विष्णु पर भी गंभीर धाराओं में तीन मुकदमे दर्ज हैं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक का प्रावधान है, उनमें जमानत याचिकाओं का निस्तारण गुण-दोष के आधार पर किया जाता है। चूंकि अपराध गंभीर प्रकृति का है और मामले की विवेचना प्रचलित है, इसलिए अदालत ने अभियुक्त हिमांशु चौधरी, विष्णु और अभिषेक उर्फ अजय के जमानत प्रार्थना पत्रों को पर्याप्त आधार न मानते हुए खारिज कर दिया।