Aligarh: पाकिस्तान में बादल बाबू की जमानत खारिज, सना को पाने के लिए किया इस्लाम कबूल
बादल ने अदालत में बताया कि सना रानी की मां ने कहा था कि इस्लाम कबूल किए बिना शादी नहीं हो सकती। वह सना रानी को किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहता, इसीलिए उसने इस्लाम कबूल किया है।
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पाकिस्तान की जेल में बंद बरला के गांव नगला खिटकारी निवासी बादल बाबू की जमानत याचिका जिला अदालत से खारिज हो गई है। उसके वकील अब हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की बात कर रहे हैं। पाकिस्तान पुलिस ने भी अपनी विस्तृत चार्जशीट कोर्ट में दायर कर दी है। 21 फरवरी को बादल बाबू को न्यायालय में पेश किया गया लेकिन हाफ डे होने के कारण मामले पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
अतरौली तहसील के गांव नगला खिटकारी निवासी कृपाल सिंह ने बताया कि शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे बादल बाबू को अदालत में पेश किया गया था। अधिवक्ता फियाज रामे ने वीडियो काॅल के जरिए माता-पिता से बात कराने की अनुमति अदालत से ले रखी थी। दोपहर करीब 1.15 बजे अधिवक्ताओं ने माता-पिता से बात कराई।
कृपाल सिंह ने बताया कि बादल बाबू ने पाकिस्तान की जेल में कोई ज्यादती नहीं होने की बात बताई। कहा कि वह जल्द ही भारत लौटेगा। बेटे को देखते ही मां गायत्री बिलख पड़ीं। बोलीं कि पाकिस्तान सरकार से हम भीख मांग रहे हैं कि हमारे बेटे ने कोई गलत काम नहीं किया है, उसे माफ कर भारत वापस भेज दें। बातचीत के बीच नेटवर्क चला गया। वहीं बादल को वापस जेल भेज दिया गया।
हाजी खां असगर जमानत लेने को तैयार
अधिवक्ता फियाज रामे ने बादल के परिजन को बताया पाकिस्तान के जिन हाजी खां असगर के यहां वह बकरी चराने का काम करता था वह बादल की जमानत लेने के लिए तैयार हैं। वह बादल बाबू के लिए शपथ पत्र देकर जमानत लेने और केस की सुनवाई पूरी होने तक बादल बाबू को अपने पास रखने के लिए भी तैयार हैं। मंडी बहाउद्दीन निवासी ऐनी शाहिद्दीन नाम के एक व्यक्ति ने भी जमानत लेने की बात कही है।
न्यायालय ने पूछा क्या जानते हो इस्लाम के बारे में
कृपाल सिंह ने बताया कि पाकिस्तान की जिला अदालत में जज ने बादल बाबू से पूछा कि तुमने इस्लाम कबूल करने की बात कही है लेकिन तुम इस्लाम के बारे में क्या जानते हो। तो उसने नमाज व अन्य मुस्लिम धार्मिक क्रियाओं के बारे में बताया। बादल ने अदालत में बताया कि सना रानी की मां ने कहा था कि इस्लाम कबूल किए बिना शादी नहीं हो सकती। वह सना रानी को किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहता, इसीलिए उसने इस्लाम कबूल किया है।