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मरीजों के लिए वरदान बनी आयुष्मान भारत योजना
Wed, 12 Jun 2019 12:14 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Wed, 12 Jun 2019 12:14 AM IST
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प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत आरोग्य योजना के तहत इलाज कराती महिला।
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। बीमार होने पर अब व्यक्ति पर्स नहीं तलाशता, बल्कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत बनाए गए कार्ड को खोजता है। सरकार की यह योजना गरीबों और जरूरत मंदों के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना के तहत जिले में करीब 23 हजार गोल्डन कार्ड बन चुके हैं और कार्ड बनाने का कार्य जारी है।
जिले के दो सरकारी और तीन प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना की सुविधा दी जा रही है, जिससे गरीब लोग भी अपना सकुशल इलाज करा रहे हैं। योजना के अंतर्गत लोग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। इस योजना से लाभान्वित लोग काफी खुश दिख रहे हैं। लाभार्थियों का कहना है कि सरकार द्वारा दी गई ये बेहद अच्छी सुविधा है। अब गरीब लोग भी अपना बेहतर इलाज करवा सकते हैं। लाभार्थी जगदीश प्रसाद ने बताया कि उन्होंने योजना के तहत अपनी आंखों का लेजर ऑपरेशन फ्री में कराया। एबीजी अस्पताल में पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन कराने वाली कमलेश देवी का कहना है कि इस योजना से वह बहुत संतुष्ट है, उनका ऑपरेशन हुआ था, जिसके लिए उन्हें किसी भी प्रकार का कोई भी खर्च नहीं करना पड़ा। वहीं लाभार्थी सीमा देवी ने बताया कि उनका पथरी का ऑपरेशन हुआ था। योजना के तहत उन्हें मुफ्त में इलाज मुहैया हो गया।
जिले में दो प्राइवेट व तीन सरकारी अस्पतालों में लोगों का योजना के तहत इलाज किया जा रहा है। अब तक करीब 450 रोगियों का इलाज हो चुका है और तकरीबन 420 लोगों का भुगतान भी हो गया है। यह योजना काफी कारगर सिद्ध हो रही है।
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-डॉ. बृजेश राठौर, मुख्य चिकित्साधिकारी।
वास्तविक लाभार्थी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अब इसे बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जा रहा है। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन व्यक्ति (मरीज) की तकनीक है। इस तकनीक में किसी व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करने के लिये उसके बायोलॉजिकल आंकड़ों जैसे अंगूठे और उंगलियों के निशान और आंखों के रेटिना आदि का इस्तेमाल किया जाता है। जल्द ही हाथरस में भी ये शुरू हो जाएगा।
-डॉ. प्रभात, डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम कोआर्डिनेटर, आयुष्मान योजना।
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जिले के दो सरकारी और तीन प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना की सुविधा दी जा रही है, जिससे गरीब लोग भी अपना सकुशल इलाज करा रहे हैं। योजना के अंतर्गत लोग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। इस योजना से लाभान्वित लोग काफी खुश दिख रहे हैं। लाभार्थियों का कहना है कि सरकार द्वारा दी गई ये बेहद अच्छी सुविधा है। अब गरीब लोग भी अपना बेहतर इलाज करवा सकते हैं। लाभार्थी जगदीश प्रसाद ने बताया कि उन्होंने योजना के तहत अपनी आंखों का लेजर ऑपरेशन फ्री में कराया। एबीजी अस्पताल में पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन कराने वाली कमलेश देवी का कहना है कि इस योजना से वह बहुत संतुष्ट है, उनका ऑपरेशन हुआ था, जिसके लिए उन्हें किसी भी प्रकार का कोई भी खर्च नहीं करना पड़ा। वहीं लाभार्थी सीमा देवी ने बताया कि उनका पथरी का ऑपरेशन हुआ था। योजना के तहत उन्हें मुफ्त में इलाज मुहैया हो गया।
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जिले में दो प्राइवेट व तीन सरकारी अस्पतालों में लोगों का योजना के तहत इलाज किया जा रहा है। अब तक करीब 450 रोगियों का इलाज हो चुका है और तकरीबन 420 लोगों का भुगतान भी हो गया है। यह योजना काफी कारगर सिद्ध हो रही है।
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-डॉ. बृजेश राठौर, मुख्य चिकित्साधिकारी।
वास्तविक लाभार्थी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अब इसे बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जा रहा है। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन व्यक्ति (मरीज) की तकनीक है। इस तकनीक में किसी व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करने के लिये उसके बायोलॉजिकल आंकड़ों जैसे अंगूठे और उंगलियों के निशान और आंखों के रेटिना आदि का इस्तेमाल किया जाता है। जल्द ही हाथरस में भी ये शुरू हो जाएगा।
-डॉ. प्रभात, डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम कोआर्डिनेटर, आयुष्मान योजना।