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हाथरस में जहरीली होती जा रही जिले की आव-ओ-हवा
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हाथरस में मथुरा रोड पर धुंध के चलते लाइट जलाकर चलते वाहन।
- फोटो : HATHRAS
जहरीली होती जा रही जिले की हवा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में स्थिति गंभीर, मानक से कहीं ज्यादा पाया गया प्रदूषण
डीएम को सौंपी रिपोर्ट, डीएम ने प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
प्रशांत भारती
हाथरस। जिले की हवा जहरीली होती जा रही है। प्रदूषण इसकी मुख्य वजह है। डीएम के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अलीगढ़ से आई टीम ने जब यहां वायु प्रदूषण की स्थिति मापी तो वायु काफी प्रदूषित पाई गई। इसका मुख्य वजह पराली व कूड़ा जलाना बताया जा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर के बाद अब हाथरस की हवा भी दूषित होती जा रही है। पिछले कई दिन से आसमान में धुंध छाई हुई है। जिले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कार्यालय नहीं हैं। ऐसे में पिछले दिनों डीएम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को निर्देश दिए थे, कि वह यहां आकर वायु प्रदूषण की स्थिति मांपे। इस पर दो दिन टीम ने यहीं डेरा जमाए रखा। टीम ने जिले के कई इलाकों में वायु की जांच की तो स्थिति बेहद गंभीर मिली। वायु प्रदूषण यहां काफी ज्यादा मिला। उन्होंने इस संबंध में डीएम को अपनी रिपोर्ट दे दी है। टीम की रिपोर्ट के बाद डीएम ने जिले में पराली व कूड़ा जलाकर वायु प्रदूषित करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का आंकड़ा
मानक - पीएम-10: 100 माइक्रोग्राम/घनमीटर
पीएम-2.5: 60 माइक्रोग्राम/घनमीटर
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट
9 नवंबर
पीएम-10 : 168 माइक्रोग्राम/घनमीटर
पीएम- 2.5 : 64.8 माइक्रोग्राम/घनमीटर
10 नवंबर
पीएम-10 : 167.46 माइक्रोग्राम/घनमीटर
पीएम-2.5 :63 माइक्रोग्राम/घनमीटर
स्वास्थ्य के लिए है बेहद हानिकारक वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य संबंधी रोग होते हैं। दमा रोगियों को परेशानी बढ़ेगी। छोटे बच्चों व बुजुर्गों में खांसी की शिकायत हो रही है। धूल व धुंए से एलर्जी वाले मरीजों को परेशानी बढ़ रही है। ऐसे में सुबह व शाम ऐसे मरीज घर से निकलने से बचें। भाप का इस्तेमाल करें। दमा रोगी प्राणायाम अवश्य करें। उचित मात्रा में स्वच्छ जल का प्रयोग करें।
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- डॉ. कुणाल वार्ष्णेय, चिकित्सक
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में वायु में प्रदूषण की जांच की गई थी। इसमें मानक से अधिक प्रदूषण पाया गया है। यह प्रदूषण इस समय पराली व कूड़ा अपशिष्ट जलने से फैल रहा है। इसकी रिपोर्ट प्रशासन को दे दी है। -राम गोपाल, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में स्थिति गंभीर, मानक से कहीं ज्यादा पाया गया प्रदूषण
डीएम को सौंपी रिपोर्ट, डीएम ने प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
प्रशांत भारती
हाथरस। जिले की हवा जहरीली होती जा रही है। प्रदूषण इसकी मुख्य वजह है। डीएम के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अलीगढ़ से आई टीम ने जब यहां वायु प्रदूषण की स्थिति मापी तो वायु काफी प्रदूषित पाई गई। इसका मुख्य वजह पराली व कूड़ा जलाना बताया जा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर के बाद अब हाथरस की हवा भी दूषित होती जा रही है। पिछले कई दिन से आसमान में धुंध छाई हुई है। जिले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कार्यालय नहीं हैं। ऐसे में पिछले दिनों डीएम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को निर्देश दिए थे, कि वह यहां आकर वायु प्रदूषण की स्थिति मांपे। इस पर दो दिन टीम ने यहीं डेरा जमाए रखा। टीम ने जिले के कई इलाकों में वायु की जांच की तो स्थिति बेहद गंभीर मिली। वायु प्रदूषण यहां काफी ज्यादा मिला। उन्होंने इस संबंध में डीएम को अपनी रिपोर्ट दे दी है। टीम की रिपोर्ट के बाद डीएम ने जिले में पराली व कूड़ा जलाकर वायु प्रदूषित करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का आंकड़ा
मानक - पीएम-10: 100 माइक्रोग्राम/घनमीटर
पीएम-2.5: 60 माइक्रोग्राम/घनमीटर
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट
9 नवंबर
पीएम-10 : 168 माइक्रोग्राम/घनमीटर
पीएम- 2.5 : 64.8 माइक्रोग्राम/घनमीटर
10 नवंबर
पीएम-10 : 167.46 माइक्रोग्राम/घनमीटर
पीएम-2.5 :63 माइक्रोग्राम/घनमीटर
स्वास्थ्य के लिए है बेहद हानिकारक वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य संबंधी रोग होते हैं। दमा रोगियों को परेशानी बढ़ेगी। छोटे बच्चों व बुजुर्गों में खांसी की शिकायत हो रही है। धूल व धुंए से एलर्जी वाले मरीजों को परेशानी बढ़ रही है। ऐसे में सुबह व शाम ऐसे मरीज घर से निकलने से बचें। भाप का इस्तेमाल करें। दमा रोगी प्राणायाम अवश्य करें। उचित मात्रा में स्वच्छ जल का प्रयोग करें।
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- डॉ. कुणाल वार्ष्णेय, चिकित्सक
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में वायु में प्रदूषण की जांच की गई थी। इसमें मानक से अधिक प्रदूषण पाया गया है। यह प्रदूषण इस समय पराली व कूड़ा अपशिष्ट जलने से फैल रहा है। इसकी रिपोर्ट प्रशासन को दे दी है। -राम गोपाल, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड