शारदीय नवरात्र: कहीं अष्टमी तो कहीं मनाई नवमी, जिमाए कन्या-लांगुरा, मंदिरों में गूंजते रहे देवी के जयकारे
भक्ताें ने कन्या-लांगुरा रूपी बच्चों का पूजन किया और उन्हें श्रद्धापूर्वक भोजन कराया। उनके चरण पखारे और सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा व उपहार भेंट किए। पूरे दिन गली-मोहल्लों में जय माता दी की गूंज सुनाई देती रही।
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शारदीय नवरात्र के मौके पर सोमवार को दुर्गाष्टमी और महानवमी का संयोग रहा। कुछ घरों में दुर्गाष्टमी तो ज्यादातर घरों में महानवमी का पूजन किया गया। घर-घर कन्या-लांगुरा जिमाए गए। मंदिरों में सुबह से लेकर आधी रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। आधी रात को मंदिरों में महाआरती की गई।
पंचांग के अनुसार सोमवार सुबह करीब 10:51 बजे तक अष्टमी तिथि रही और इसके उपरांत नवमी तिथि प्रारंभ हो गई। भोर की पहली किरण से ही मंदिरों में भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने देवी प्रतिमाओं का जलाभिषेक किया और पूड़ी, चना व हलुवा से भोग लगाया। इससे पूर्व घरों में अज्ञारी कर देवी के आठवें स्वरूप महागौरी और नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री का पूजन किया गया।
भक्ताें ने कन्या-लांगुरा रूपी बच्चों का पूजन किया और उन्हें श्रद्धापूर्वक भोजन कराया। उनके चरण पखारे और सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा व उपहार भेंट किए। पूरे दिन गली-मोहल्लों में जय माता दी की गूंज सुनाई देती रही। शाम होते ही देवी मंदिरों में फूलबंगला सजाए गए तो कुछ मंदिरों में छप्पन भोग लगाया गया। मातारानी के दिव्य शृंगार के दर्शन के लिए देर रात तक भक्तों की कतारें लगी रहीं और जयकारे गूंजते रहे।
दंडौती परिक्रमा से भक्ति में डूबीं सड़कें
दुर्गाष्टमी पर दंडौती परिक्रमा देने की परंपरा भी पूरी श्रद्धा और उत्साह से निभाई गई। किला गेट स्थित प्राचीन पथवारी देवी मंदिर से भक्तों ने दंडौती परिक्रमा शुरू की और मुरसान गेट स्थित बौहरे वाली देवी मंदिर पहुंचकर विश्राम किया। जगह-जगह विभिन्न संगठनों ने शिविर लगाकर परिक्रमार्थियों की सेवा-सुश्रुसा की।
आधी रात तक निकलीं झंकियां और डोले
शहर के विभिन्न देवी मंदिरों और मोहल्लों से माता रानी की नयनाभिराम झांकियां और डोले गाजे-बाजे के साथ निकाले गए। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते-नाचते नजर आए। पथवारी मंदिर, चामुंडा मंदिर, चामड़ गेट स्थित चामुंडा मंदिर और बौहरे वाली देवी मंदिरों से निकली शोभायात्राओं का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
प्रमुख मंदिरों पर रहा मेले जैसा नजारा
सासनी स्थित मां कंकाली मंदिर, सहपऊ के भद्रकाली, बिसाना के तारागढ़ वाली, मुरसान के पीपल वाली देवी, शहर के चामुंडा, पथवारी और बौहरे वाली देवी मंदिर पर दिनभर भारी भीड़ उमड़ी। मंदिरों के बाहर सजीं प्रसाद, चुनरी और खिलौनों की दुकानों पर मेले सरीखा नजारा दिखा।