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रामवीर के करीबी आशीष और अमर भाजपा में शामिल
अमर उजाला, हाथरस
Updated Thu, 01 Dec 2016 11:46 PM IST
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BJP
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गुरुवार का दिन जिले की सियासत में एक और हलचल पैदा कर गया। पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के बेहद करीबी बसपा नेता आशीष शर्मा और हाथरस के ब्लॉक प्रमुख अमर सिंह पांडेय ने एकाएक आगरा पहुंचकर भाजपा का दामन थाम लिया।
उन्होंने भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल, बृज प्रदेशाध्यक्ष बीएल वर्मा और महामंत्री भवानी सिंह की मौजूदगी में अपने समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इन नेताओं के भाजपा में शामिल होने को बसपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
दोनों ही नेता पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के बेहद करीबियों में माने जाते हैं। लिहाजा उनके बसपा छोड़ने से पार्टी ही नहीं, जिले में नए सियासी समीकरण की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
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आशीष शर्मा तो हर बार पूर्व मंत्री का चुनाव मैनेजमेंट भी संभालते रहे हैं।
एकाएक इन दोनों के बसपा छोड़ने का यह फैसला नीले खेमे को सन्न कर गया है। सूत्र बताते हैं कि आशीष शर्मा दूसरे जिले में भाजपा की टिकट के लिए भी प्रयासरत हैं। देर रात तक भाजपा ही नहीं, बल्कि सभी पार्टियों में इस सियासी घटनाक्रम को लेकर खासी चर्चाएं रहीं।
फोन पर अमर उजाला से हुई बातचीत में आशीष शर्मा ने बताया कि मैं शुरू से ही सरस्वती शिशु मंदिर का विद्यार्थी रहा हूं। मैने आरएसएस का प्राथमिक शिक्षा वर्ग भी किया है। संघ के विचारों से मैं शुरू से ही प्रभावित रहा हूं। 2005 में मैने गोवर्धन (मथुरा) में मीठे पानी की व्यवस्था में भी योगदान दिया और यहीं से मैं आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक दिनेश जी के सानिध्य में आया।
उनकी प्रेरणा से मैं बीमार गायों की सेवा के पुनीत अभियान से जुड़ा और तब से लगातार इसके लिए काम कर रहा हूं। अब सक्रिय राजनीति से जुड़ने का निर्णय लिया है। पार्टी जो भी आदेश देगी, मैं उसका पालन करुंगा। भाजपा और पीएम मोदी की नीतियां भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत हैं। मैं पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय से व्यक्तिगत रूप से जुड़ा रहा हूं। बसपा में मैने कोई पद नहीं संभाला और न हीं बसपा के बारे में कोई टिप्पणी करुंगा।
हाथरस सदर के ब्लॉक प्रमुख अमर सिंह पांडेय का कहना है कि मैं व्यक्तिगत रूप से आशीष शर्मा के जरिए ही बसपा से जुड़ा। पूर्व मंत्री रामवीर से मेरा व्यक्तिगत संबंध है। भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के विचारों ने मुझे काफी प्रभावित किया है। मुझे लगता है कि इसी पार्टी की सरकार में प्रदेश का विकास संभव है। अब मैं आशीष शर्मा के साथ भाजपा की मजबूती के लिए लगातार काम करूंगा।
पूर्व मंत्री व यूपी विधानसभा की लोक लेखा समिति के सभापति बसपा के दिग्गज नेता रामवीर उपाध्याय का कहना है कि अक्सर एक ही परिवार के दो लोग अलग-अलग पार्टियों में रहते हैं। आशीष मेरे भाई की तरह हैं, लेकिन उनके और अमर सिंह पांडेय के इस तरह भाजपा में जाने से मैं आश्चर्यचकित हूं। आशीष ने हालांकि मेरे और बसपा के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम किया, लेकिन भाजपा में जाना उनकी व्यक्तिगत महत्वाकांछा का हिस्सा हो सकता है, फिर भी मैं आशीष और अमर सिंह पांडेय को उनकी नई पारी के लिए शुभकामनाएं देता हूं। रही बात बसपा पर इसका फर्क पड़ने की तो लोग आते-जाते रहते हैं और पार्टी वहीं रहती है। बसपा पूरी तरह मजबूत है और आगे भी रहेगी। किसी के आने-जाने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
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उन्होंने भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल, बृज प्रदेशाध्यक्ष बीएल वर्मा और महामंत्री भवानी सिंह की मौजूदगी में अपने समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इन नेताओं के भाजपा में शामिल होने को बसपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
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दोनों ही नेता पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के बेहद करीबियों में माने जाते हैं। लिहाजा उनके बसपा छोड़ने से पार्टी ही नहीं, जिले में नए सियासी समीकरण की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
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आशीष शर्मा तो हर बार पूर्व मंत्री का चुनाव मैनेजमेंट भी संभालते रहे हैं।
एकाएक इन दोनों के बसपा छोड़ने का यह फैसला नीले खेमे को सन्न कर गया है। सूत्र बताते हैं कि आशीष शर्मा दूसरे जिले में भाजपा की टिकट के लिए भी प्रयासरत हैं। देर रात तक भाजपा ही नहीं, बल्कि सभी पार्टियों में इस सियासी घटनाक्रम को लेकर खासी चर्चाएं रहीं।
फोन पर अमर उजाला से हुई बातचीत में आशीष शर्मा ने बताया कि मैं शुरू से ही सरस्वती शिशु मंदिर का विद्यार्थी रहा हूं। मैने आरएसएस का प्राथमिक शिक्षा वर्ग भी किया है। संघ के विचारों से मैं शुरू से ही प्रभावित रहा हूं। 2005 में मैने गोवर्धन (मथुरा) में मीठे पानी की व्यवस्था में भी योगदान दिया और यहीं से मैं आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक दिनेश जी के सानिध्य में आया।
उनकी प्रेरणा से मैं बीमार गायों की सेवा के पुनीत अभियान से जुड़ा और तब से लगातार इसके लिए काम कर रहा हूं। अब सक्रिय राजनीति से जुड़ने का निर्णय लिया है। पार्टी जो भी आदेश देगी, मैं उसका पालन करुंगा। भाजपा और पीएम मोदी की नीतियां भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत हैं। मैं पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय से व्यक्तिगत रूप से जुड़ा रहा हूं। बसपा में मैने कोई पद नहीं संभाला और न हीं बसपा के बारे में कोई टिप्पणी करुंगा।
हाथरस सदर के ब्लॉक प्रमुख अमर सिंह पांडेय का कहना है कि मैं व्यक्तिगत रूप से आशीष शर्मा के जरिए ही बसपा से जुड़ा। पूर्व मंत्री रामवीर से मेरा व्यक्तिगत संबंध है। भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के विचारों ने मुझे काफी प्रभावित किया है। मुझे लगता है कि इसी पार्टी की सरकार में प्रदेश का विकास संभव है। अब मैं आशीष शर्मा के साथ भाजपा की मजबूती के लिए लगातार काम करूंगा।
पूर्व मंत्री व यूपी विधानसभा की लोक लेखा समिति के सभापति बसपा के दिग्गज नेता रामवीर उपाध्याय का कहना है कि अक्सर एक ही परिवार के दो लोग अलग-अलग पार्टियों में रहते हैं। आशीष मेरे भाई की तरह हैं, लेकिन उनके और अमर सिंह पांडेय के इस तरह भाजपा में जाने से मैं आश्चर्यचकित हूं। आशीष ने हालांकि मेरे और बसपा के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम किया, लेकिन भाजपा में जाना उनकी व्यक्तिगत महत्वाकांछा का हिस्सा हो सकता है, फिर भी मैं आशीष और अमर सिंह पांडेय को उनकी नई पारी के लिए शुभकामनाएं देता हूं। रही बात बसपा पर इसका फर्क पड़ने की तो लोग आते-जाते रहते हैं और पार्टी वहीं रहती है। बसपा पूरी तरह मजबूत है और आगे भी रहेगी। किसी के आने-जाने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ता।