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दाल-रोटी के साथ हींग, बेसन महंगे
अमर उजाला, हाथरस
Updated Tue, 22 Nov 2016 11:47 PM IST
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हाथरस में एक दुकान पर सजीं दालें।
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के मोदी सरकार के फैसले से छोटे व्यापारियों का बुरा हाल हो गया है। जब से नोटबंदी की घोषणा की गई है। तब से अब तक व्यापार पटरी पर नहीं लौट पाया है। छोटे-बड़े कारखाने और फैक्ट्रियों में काम भी प्रभावित है। नोटबंदी के बाद आटा, बेसन और दाल के मूल्यों में भी वृद्धि हो गई है।
पैकिंग में बिकने वाले आटा और बेसन के मूल्यों में भी 10 से 15 रुपये प्रति किलो की वृद्धि हो गई। दालों की बात करें तो नोटबंदी का असर दलहन कारोबार भी पड़ा है। दालों पर पांच से सात रुपये तक की वृद्धि प्रति किलो के हिसाब से हुई है। नोटबंदी और महंगाई के चलते लोग परेशान हैं और खाने-पीने को भी तरस गए हैं।
जानकारों की मानें तो उत्पादन में आई गिरावट से ही जरूरी चीजों के दामों में यह गर्माहट आई है। यदि आने वाले दिनों में हालात नहीं सुधरे तो रेट में और उछाल आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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नोटबंदी के बाद खुले आटे पर चार से छह रुपये प्रति किलो और पैकिंग वाले ब्रांडेड आटे के पैकेट पर 10 से 15 रुपये प्रति दस किलो के हिसाब से वृद्धि हुई है। नोटबंदी से व्यापार चौपट हो गया है।
- गोपाल, दुकानदार
नोटबंदी के बाद दलहन के साथ-साथ बेसन और हींग पर भी रेट में वृद्धि हुई है। हर प्रकार की दाल पर पांच से सात रुपये प्रति किलो के हिसाब से वृद्धि हो गई है। सहालगों में भी ग्राहक बाजार में दिखाई नहीं दे रहे। - योगेश, दुकानदार
नोटबंद हो गए हैं तो क्या घर का जरूरी सामान तो लेना ही पड़ेगा। बड़े नोट चल नहीं रहे और बैंक, एटीएम के बाहर भीड़ लगी है। दुकानदार भी उधार देकर ग्राहकों का सहयोग कर रहे हैं।
- महेश, ग्राहक
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पैकिंग में बिकने वाले आटा और बेसन के मूल्यों में भी 10 से 15 रुपये प्रति किलो की वृद्धि हो गई। दालों की बात करें तो नोटबंदी का असर दलहन कारोबार भी पड़ा है। दालों पर पांच से सात रुपये तक की वृद्धि प्रति किलो के हिसाब से हुई है। नोटबंदी और महंगाई के चलते लोग परेशान हैं और खाने-पीने को भी तरस गए हैं।
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जानकारों की मानें तो उत्पादन में आई गिरावट से ही जरूरी चीजों के दामों में यह गर्माहट आई है। यदि आने वाले दिनों में हालात नहीं सुधरे तो रेट में और उछाल आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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नोटबंदी के बाद खुले आटे पर चार से छह रुपये प्रति किलो और पैकिंग वाले ब्रांडेड आटे के पैकेट पर 10 से 15 रुपये प्रति दस किलो के हिसाब से वृद्धि हुई है। नोटबंदी से व्यापार चौपट हो गया है।
- गोपाल, दुकानदार
नोटबंदी के बाद दलहन के साथ-साथ बेसन और हींग पर भी रेट में वृद्धि हुई है। हर प्रकार की दाल पर पांच से सात रुपये प्रति किलो के हिसाब से वृद्धि हो गई है। सहालगों में भी ग्राहक बाजार में दिखाई नहीं दे रहे। - योगेश, दुकानदार
नोटबंद हो गए हैं तो क्या घर का जरूरी सामान तो लेना ही पड़ेगा। बड़े नोट चल नहीं रहे और बैंक, एटीएम के बाहर भीड़ लगी है। दुकानदार भी उधार देकर ग्राहकों का सहयोग कर रहे हैं।
- महेश, ग्राहक