{"_id":"6a07814ce609c2733b09cb2e","slug":"archaeology-department-notices-flouted-drinking-water-kiosk-built-in-protected-area-hathras-news-c-56-1-hts1003-148603-2026-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: पुरातत्व विभाग के नोटिस दरकिनार, संरक्षित क्षेत्र में बना दी प्याऊ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: पुरातत्व विभाग के नोटिस दरकिनार, संरक्षित क्षेत्र में बना दी प्याऊ
Sat, 16 May 2026 01:55 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 16 May 2026 01:55 AM IST
विज्ञापन
राजा दयाराम किला परिसर के संरक्षित क्षेत्र में तैयार किया गया प्याऊ का भवन। स्रोत : स्वयं
- फोटो : Self
शहर के ऐतिहासिक राजा दयाराम किला परिसर में संरक्षित क्षेत्र के भीतर नगर पालिका द्वारा स्थायी प्याऊ का निर्माण कराए जाने का मामला चर्चा में है। आरोप है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रोका गया और पालिका ने निर्माण पूरा करा दिया।
राजा दयाराम किला परिसर संरक्षित क्षेत्र की श्रेणी में आता है, जहां किसी भी प्रकार के स्थायी निर्माण के लिए संबंधित विभाग की अनुमति आवश्यक होती है। इसके बावजूद नगर पालिका द्वारा परिसर में स्थायी प्याऊ भवन का निर्माण कराया गया, जबकि 10 अक्तूबर 2025 को पुरातत्व विभाग ने नगर पालिका हाथरस के अधिशासी अधिकारी को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने के निर्देश दिए थे।
नोटिस में स्पष्ट किया गया था कि संरक्षित क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण नियमों का उल्लंघन है। इसके बावजूद जब निर्माण कार्य नहीं रुका तो पुरातत्व विभाग ने 29 अक्तूबर 2025 को कोतवाली सदर में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। विभाग के वरिष्ठ संरक्षक सहायक उप मंडल मथुरा नितिन प्रिया का कहना है कि संरक्षित स्मारकों और उनके आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण विरासत संरक्षण के नियमों के खिलाफ है। पूर्व की कार्रवाई के बाद भी निर्माण किया गया है, इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दी गई है, जो भी निर्देश मिलेंगे उनके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पुरातत्व विभाग लगभग 300 मीटर स्थान संरक्षित क्षेत्र में बता रहा है। प्याऊ 305 मीटर पर बनाई गई है। पूर्व में यह काम रुकवा दिया गया था, जिसके बाद कराई गई जांच के बाद इस कार्य को जनहित में पूरा कराया गया। जिला न्यायालय परिसर में काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं, इसलिए वहां पेयजल की व्यवस्था करना आवश्यक है।
-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस
विज्ञापन
राजा दयाराम किला परिसर संरक्षित क्षेत्र की श्रेणी में आता है, जहां किसी भी प्रकार के स्थायी निर्माण के लिए संबंधित विभाग की अनुमति आवश्यक होती है। इसके बावजूद नगर पालिका द्वारा परिसर में स्थायी प्याऊ भवन का निर्माण कराया गया, जबकि 10 अक्तूबर 2025 को पुरातत्व विभाग ने नगर पालिका हाथरस के अधिशासी अधिकारी को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
नोटिस में स्पष्ट किया गया था कि संरक्षित क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण नियमों का उल्लंघन है। इसके बावजूद जब निर्माण कार्य नहीं रुका तो पुरातत्व विभाग ने 29 अक्तूबर 2025 को कोतवाली सदर में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। विभाग के वरिष्ठ संरक्षक सहायक उप मंडल मथुरा नितिन प्रिया का कहना है कि संरक्षित स्मारकों और उनके आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण विरासत संरक्षण के नियमों के खिलाफ है। पूर्व की कार्रवाई के बाद भी निर्माण किया गया है, इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दी गई है, जो भी निर्देश मिलेंगे उनके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पुरातत्व विभाग लगभग 300 मीटर स्थान संरक्षित क्षेत्र में बता रहा है। प्याऊ 305 मीटर पर बनाई गई है। पूर्व में यह काम रुकवा दिया गया था, जिसके बाद कराई गई जांच के बाद इस कार्य को जनहित में पूरा कराया गया। जिला न्यायालय परिसर में काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं, इसलिए वहां पेयजल की व्यवस्था करना आवश्यक है।
-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस