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एक और काला हिरन कुत्तों का शिकार
अमर उजाला, हाथरस
Updated Mon, 26 Sep 2016 11:48 PM IST
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कुत्तों का शिकार हुआ काला हिरन।
- फोटो : अमर उजाला
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सिकंदराराऊ के जंगलों में विचरण करने वाले दुर्लभ काले हिरन की सुरक्षा वन विभाग नहीं कर पा रहा है। रविवार को एक और काला हिरन सिकंदराराऊ के गांव टटी डंडिया के जंगलों में कुत्तों का शिकार बन गया। कुत्तों ने इस हिरन को घेरकर मौत के घाट उतार दिया। रात में ही जंगली जानवर इस हिरन के शव को चट कर गए।
गौरतलब है कि सिकंदराराऊ के गांव टटी डंडिया, मुबारिकपुर कपसिया और डंडेसरी के जंगलों में विचरने वाले दुर्लभ काले हिरनों की सुरक्षा का जिम्मा या तो स्थानीय लोगों पर है, या फिर राम भरोसे। तीन महीने पहले अमर उजाला ने जब इन हिरनों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया तो वन विभाग ने इनकी हिफाजत का इंतजाम करने के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
यही वजह है कि एक और काला हिरन कुत्तों का शिकार बन गया। बताते हैं कि गांव टटी डंडिया का एक छात्र जब स्कूल से लौट रहा था तो उसने हिरन को कुत्तों से घिरा हुआ देखा।
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जानकारी पर ग्रामीणों ने मौके पर हिरन को मरा हुआ देखा। वन्य जीव संरक्षण समिति के अध्यक्ष वीरपाल सिंह का कहना है कि सुबह जब गांव के लोग हिरन के अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे तो वहां उसका शव ही नहीं मिला।
अंदाजा है कि जंगली जानवर चट कर गए होंगे। उनका कहना है कि शासन प्रशासन को इन बेजुबानों की सुरक्षा का इंतजाम करना चाहिए।
इस तरह का कोई मामला अभी मेरी जानकारी में नहीं आया है, फिर भी इसकी जांच कराई जाएगी। हिरनों की सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी होगा, वह कदम उठाया जाएगा।
- मधुकर दयाल, डीएफओ हाथरस
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गौरतलब है कि सिकंदराराऊ के गांव टटी डंडिया, मुबारिकपुर कपसिया और डंडेसरी के जंगलों में विचरने वाले दुर्लभ काले हिरनों की सुरक्षा का जिम्मा या तो स्थानीय लोगों पर है, या फिर राम भरोसे। तीन महीने पहले अमर उजाला ने जब इन हिरनों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया तो वन विभाग ने इनकी हिफाजत का इंतजाम करने के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
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यही वजह है कि एक और काला हिरन कुत्तों का शिकार बन गया। बताते हैं कि गांव टटी डंडिया का एक छात्र जब स्कूल से लौट रहा था तो उसने हिरन को कुत्तों से घिरा हुआ देखा।
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जानकारी पर ग्रामीणों ने मौके पर हिरन को मरा हुआ देखा। वन्य जीव संरक्षण समिति के अध्यक्ष वीरपाल सिंह का कहना है कि सुबह जब गांव के लोग हिरन के अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे तो वहां उसका शव ही नहीं मिला।
अंदाजा है कि जंगली जानवर चट कर गए होंगे। उनका कहना है कि शासन प्रशासन को इन बेजुबानों की सुरक्षा का इंतजाम करना चाहिए।
इस तरह का कोई मामला अभी मेरी जानकारी में नहीं आया है, फिर भी इसकी जांच कराई जाएगी। हिरनों की सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी होगा, वह कदम उठाया जाएगा।
- मधुकर दयाल, डीएफओ हाथरस