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Hathras News: लखनऊ के बाद हाथरस में भी पकड़ी गईं तीन फर्जी फर्में, इन फर्मों के पंजीयन किए निरस्त

Sat, 01 Nov 2025 05:08 PM IST
चमन शर्मा विनीत चौरसिया, अमर उजाला, हाथरस
विनीत चौरसिया, अमर उजाला, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 01 Nov 2025 05:08 PM IST
सार

प्रारंभिक जांच के बाद सेंट्रल जीएसटी टीम ने तीनों फर्मों के पंजीकरण रद्द कर दिए हैं। यह कार्रवाई बैक डेट से की गई है ताकि टैक्स चोरी के सभी संभावित दावे को समाप्त किया जा सके।

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After Lucknow, three fake firms caught in Hathras
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : stock.adobe

विस्तार

लखनऊ में एक मोबाइल नंबर पर 60 फर्मों फर्जी पंजीकरण प्रकरण के तार हाथरस से भी जुड़ रहे हैं। जांच में पता चला है कि हाथरस में भी तीन फर्मों का पंजीकरण उसी मोबाइल नंबर (7678311461) से कराया गया था, जिसका इस्तेमाल लखनऊ व अन्य जिलों में फर्जी फर्मों का पंजीकरण कराने में किया गया।

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सेंट्रल जीएसटी विभाग की टीम ने जांच के दौरान पाया कि इन फर्मों के नाम पर लोहा, मैटल व स्क्रैप व्यापार के बिल जारी कर करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट का फर्जी लाभ लेने की कोशिश की जानी थी। इन फर्मों से वास्तव में न तो कोई वास्तविक व्यापारिक गतिविधि हुई और न ही किसी प्रकार की भौतिक सामग्री की आवाजाही दर्ज की गई।
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जांच में यह भी सामने आया कि फर्मों के नाम पर जो पते दिए गए थे, वे मौके पर नहीं है। आरके एंटरप्राइजेज,पीके एंटरप्राइजेज इगलास रोड व जीके एंटरप्राइजेज इगलास रोड के नाम हाथरस में खोली गई इन तीनों फर्मों के पते के प्रमाण पत्र के रूप में एक ही व्यक्ति ऋषि कुमार पुत्र हाकिम सिंह का बिजली बिल लगा है।
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प्रारंभिक जांच के बाद सेंट्रल जीएसटी टीम ने तीनों फर्मों के पंजीकरण रद्द कर दिए हैं। यह कार्रवाई बैक डेट से की गई है ताकि टैक्स चोरी के सभी संभावित दावे को समाप्त किया जा सके। इस पूरे गिरोह ने एक ही मोबाइल नंबर और कुछ कॉमन ईमेल आईडी का उपयोग कर कई जिलों में फर्जी पंजीकरण कराए थे। 

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फर्जी बिलिंग के लिए किया जाता फर्मों का इस्तेमाल

जनपद में काफी संख्या में मैटल व लोहा कारोबारी हैं, जिनसे बड़ी मात्रा में मैटल स्क्रैप जाता है और बड़ी मात्रा में मैटल व लोहे की इंगट आदि आती हैं। हाथरस में मैटल व लोहा गलाने की कई फैक्ट्रियां भी हैं जो बड़े पैमाने पर कारोबार करती हैं। ऐसे में हाथरस में तीन फर्जी फर्मों के खुलासे से तमाम कारोबारियों में खलबली मची हुई है।

रेडीमेड गारमेंट्स कारोबार के नाम पर कराए गए पंजीकरण
हाथरस। रैकेट चलाने वालों ने पंजीकरण कराने के लिए पांच फीसदी कर वाले उत्पादन यानी रेडीमेड गारमेंट्स कारोबार यानी पांच फीसदी जीएसटी स्लैब वाले एचएसएन नंबरों को डाला था,जिससे पंजीयन अधिकारी आसानी से बिना किसी जांच के उसे स्वीकार लें।लोहा व मैटल आदि पर 18 फीसदी कर है, इनकी कर दर अधिक होने के कारण पंजीयन से पहले गंभीरता से जांच की जाती है। कारोबार में कच्चा माल यानी स्क्रैप आम लोगों के घरों से आता है, इसलिए इसकी इनपुट जांच मुश्किल होती है। 

नेटवर्क के संचालकों की चल रही तलाश
सेंट्रल जीएसटी की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का संचालन किन व्यक्तियों के द्वारा किया जा रहा था और स्थानीय स्तर पर किसकी संलिप्तता रही। जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है, जहां से जल्द ही आर्थिक अपराध शाखा और आयकर विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

हाथरस में भी कानपुर, लखनऊ, नोएडा, वाराणसी आदि की भांति मोबाइल नंबर 7678311461 पर तीन फर्म पाई गई हैं। इन फर्मों के पंजीयन बैक डेट से निरस्त कर दिए गए हैं। इसमें किसी प्रकार की कर चोरी नहीं की जा सकी है। अधिकारी पूरे रैकेट की जांच कर रहे हैं।-डोलटन फ्रांसिस, सहायक आयुक्त, सेंट्रल जीएसटी, अलीगढ़

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